Close
चाहिए कुछ ख़ास?
Search

    Gupt Navratri 2023: आ रही है माघ माह की गुप्त नवरात्रि, जानें मुहूर्त और महत्व

    गुप्त नवरात्रि बीएस आने को ही है। ऐसे में आइये जानते हैं गुप्त नवरात्रि के शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में।  
    author-profile
    • Gaveshna Sharma
    • Editorial
    Updated at - 2023-01-23,16:00 IST
    Next
    Article
    gupt navratri ka muhurat in hindi

    Gupt Navratri 2023: हिन्दू धर्म में साल की 4 नवरात्रि का वर्णन मिलता है। एक नवरात्रि चैत्र माह में आती है और एक नवरात्रि शारदीय माह में आती है। यह दोनों ही नवरात्रि बहुत शुभ और फलदायी मानी जाती हैं। 

    वहीं, अन्य दो नवरात्रि गुप्त होती हैं जो माघ और आषाढ़ के महीने में पड़ती हैं। नवरात्रि चाहे गुप्त हो या प्रत्यक्ष सभी में माता रानी के नौ रूपों की पूजा कई जाती है। नवरात्रि के दौरान अनुष्ठान करने का भी बहुत महत्व है। 

    हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स ने हमें गुप्त नवरात्रि के शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में विस्तार से बताया जो आज हम आपके साथ साझा करने जा रहे हैं। तो चलिए फटाफट से सभी डिटेल्स नोट कर लीजिए। 

    गुप्त नवरात्रि का शुभ मुहूर्त (Gupt Navratri Ka Muhurat In Hindi)

    gupt navratri ka significance

    • इस साल गुप्त नवरात्रि 22 जनवरी 2023, दिन रविवार (रविवार के उपाय) से शुरू हो रही है। वहीं, इसका समापन 30 जनवरी 2023, दिन सोमवार को होगा।
    • इसके साथ ही, घट स्थापना मुहूर्त के बारे में बात करें तो 22 जनवरी को सुबह 10 बजकर 4 मिनट से लेकर 22 जनवरी को सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक के बीच में घट स्थापना की जा सकती है। 
    • इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त 22 जनवरी दोपहर के 12 बजकर 17 मिनट से शुरू होगा और दोपहर के 1 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त को भी घट स्थापना के लिए शुभ माना जाता है।  

    गुप्त नवरात्रि का महत्व (Gupt Navratri Ka Significance In Hindi)

    gupt navratri ka muhurat

    • यूं तो गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से तांत्रिकों की होती है। तांत्रिक गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के तामसिक रूप की पूजा करते हैं। मगर गुप्त नवरात्रि में गृहस्थी भी माता के समक्ष पूजा-पाठ (पूजा-पाठ से जुड़ी इन चीजों के टूटने के संकेत) कर सकते हैं। 
    • माना जाता है कि जो भी व्यक्ति गुप्त नवरात्रों में माता की श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करता है उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उसे दिव्य सिद्धियों की प्राप्ति होती है। 
    • माता रानी या मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा से नवग्रह भी शांत हो जाते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं। इस दिन व्रत रखने से घर-बाहर हर प्रकार की समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। 

    तो ये था गुप्त नवरात्रि का शुभ मुहूर्त और महत्व। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

    Image Credit: Freepik, Shutterstock

    बेहतर अनुभव करने के लिए HerZindagi मोबाइल ऐप डाउनलोड करें

    Her Zindagi
    Disclaimer

    आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।