वर्कप्लेस पर सुरक्षित माहौल में काम करना हर महिला का अधिकार है, लेकिन ग्रेटर नोएडा में सलून में काम करने वाली एक महिला की सैलरी बढ़ाने की मांग पर उसके साथ ऐसी बदसलूकी की गई, जो मानवता को शर्मसार कर देने वाली है। जब यह महिला अपने मालिक से सैलरी बढ़ाने की मांग करने पहुंची तो मालिक ने अपने चार साथियों के साथ इस महिला को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। ग्रेटर नोएडा में हुई इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लोग इस महिला को बुरी तरह से पीटते हुए नजर आ रहे हैं। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में यह घटना हुई, जो नोएडा का कमर्शियल हब है।

सैलरी की मांग पर महिला के साथ बदसलूकी और पिटाई

 

सामने खड़े लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। दरअसल यह महिला अपनी सैलरी मांगने के लिए मालिक के पास गई थी और मालिक इसे पैसे देने में आनाकानी कर रहा था। सैलरी की मांग पर इस महिला को वहां खड़े लोगों ने गालियां दीं और मालिक के साथ मिलकर उसकी पिटाई करनी शुरू कर दी। इस मार-पीट से महिला बुरी तरह जख्मी हो गई थी। पीड़ित महिला ने नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई है। उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से इस घटना पर ट्वीट किया गया है। इस ट्वीट के मुताबिक नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया जा चुका है और पुलिस मामले की जांच कर रही हैं। 

वर्कप्लेस राइट्स के बारे में जानना जरूरी

women thrashed in greater noida inside

इस घटना के मद्देनजर महिलाओं को वर्कप्लेस पर अपने अधिकारों के बारे में भलीभांति अवगत होना चाहिए। अगर ऑफिस मेंउन्हें किसी तरह की बदसलूकी, हिंसक व्यवहार, सेक्शुअल हैरसमेंट जैसी चीजों का सामना करना पड़ता है तो वे इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकती हैं। जाने-माने वकील ऋषिकेश यादव बताते हैं, 

'इस तरह का व्यवहार होने पर महिलाओं को बिना देरी किए पुलिस स्टेशन जाना चाहिए। हर पुलिस स्टेशन में महिला हेल्प डेस्क बनाया जाता है, वहां जाकर एफआईआर दर्ज करानी चाहिए और कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। इस तरह के अपराध के लिए गैर जमानती वारंट जारिए किए जाते हैं और पुलिस मामले की जांच करती है। इस तरह के मामलों में इंडियन पीनल कोड की धारा 354 लगती है, जिसमें 3-7 साल की सजा का प्रावधान है। अपराध संगीन होने पर 10 तक की सजा भी हो सकती है। अगर पुलिस कार्रवाई में देरी करती है तो महिलाएं इसकी शिकायत आला अफसरों से कर सकती है और उस पर भी सुनवाई ना हो तो धारा 156 के तहत मुकदमा दर्ज करा सकती है।' 

सेक्शुल हैरेसमेंट के लिए हैं ये प्रावधान

वर्कप्लेस पर सेक्शुअल हैरसमेंट जैसी चीजों का सामना करने पर महिलाएं बिना डरे पुलिस में कंप्लेन कर सकती हैं। सेक्शुअल हैरसमेंट एक्ट के तहत सेक्शुल हैरसमेंट के तहत महिलाओं को आपत्तिजनक लगने वाले सभी यौन व्यवहार शामिल हैं जैसे -

  • फिजिकल कॉन्टेक्ट्स 
  • सेक्शुल फेवर्स की मां
  • यौन व्यवहार से जुड़ा कमेंट
  • पोर्नोग्राफी दिखाना
  • ऐसा कोई भी व्यवहार, जो सेक्शुअल नेचर का हो। 

सुरक्षित माहौल देने के लिए इन चीजों की है व्यवस्था

महिलाओं के सुरक्षित वर्कप्लेस का माहौल देने इंप्लॉयर को इन अहम बातों का ध्यान रखना होता है जैसे -

  • कामकाज का माहौल सुरक्षित बनाए रखने की व्यवस्था करना।
  • वर्कप्लेस में सेक्शुअल हैरसमेंट के दोषी करार दिए गए लोगों की दी गई सजा के बारे में जानकारी देना। कंपनी में काम कर रही महिलाओं को इंटरनल कंप्लेट्स कमिटी और उसके सदस्यों के बारे में बताना ताकि महिलाएं किसी मुश्किल का सामना करने पर उन्हें कॉन्टेक्ट कर सकें। 
  • वर्कप्लेस का माहौल बेहतर बनाने के लिए वर्कशॉप और अवेयरनेस प्रोग्राम ऑर्गनाइज करना। आईसीसी के मेंबर्स की तरफ से ओरियंटेशन प्रोग्राम आयोजित करना, जिससे महिलाएं उनके बारे में अवगत हों। 

महिलाओं को अपने वर्कप्लेस राइट्स के बारे में सजग रहना चाहिए ताकि किसी भी तरह की नाइंसाफी होने के दौरान वे तुरंत इस पर कार्रवाई के लिए शिकायत दर्ज करा सकें ताकि जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान हो और दोषी व्यक्तियों को दंडित किया जा सके।