पीपीएफ खाते की मैच्योरिटी की अवधि 15 साल की होती है, लेकिन समय से पहले भी जरूरत पड़ने की स्थिति में उसमें से पैसे निकाले जा सकते हैं। पीपीएफ अकाउंट को 15 साल की तय समयावधि से पहले भी बंद किया जा सकता है, लेकिन उसके लिए कुछ विशेष नियम हैं। अगर बच्चों की उच्च शिक्षा या इलाज के खर्च के लिए जरूरत हो तो उस स्थिति में खाता तय अवधि से पैसे भी बंद किया जा सकता है। लेकिन समय से पहले खाता बंद किए जाने की स्थिति में उस पर 1 प्रतिशत का ब्याज लगता है। वहीं अगर खाताधारक चाहे तो खाते को 15 साल से ज्यादा समय के लिए भी रख सकता है। आइए जानें पीपीएफ खाते से पैसे निकालने के नियम-

1. मेच्योरिटी के बाद खाता बंद कर देने पर

ppf account partial and full withdrawl rules inside

मेच्योरिटी के बाद अगर आप खाता बंद कर देते हैं तो आपको आपके अकाउंट में मौजूद पूरा का पूरा पैसा मिल जाता है। इसमें आपकी तरफ से जमा की हुई रकम ब्याज के साथ आपको मिलती है। 

किस्तों में भी ले सकते हैं पैसा: पीपीएफ खाते की Maturity के बाद जरूरी नहीं है कि आप पूरा पैसा एक साथ ही निकाल लें। आप चाहें तो किस्तों में भी रकम ले सकते हैं। लेकिन किस्तों का विकल्प मेच्योरिटी के बाद 12 महीने के भीतर ही अपनाया जा सकता हैं। साथ ही साथ पैसा लेने की किस्तें भी एक साल के भीतर पूरी हो जानी चाहिए। उदाहरण के लिए, आपका अकाउंट 1 अप्रैल 2019 को Mature हो रहा है तो आप 31 मार्च 2020 तक ही किस्तों में भुगतान लेने के विकल्प अपना सकते हैं।

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नई रकम जमा करने की अनुमति नहीं: किस्तों का विकल्प अपनाने पर भी जमा रकम पर ब्याज मिलता रहेगा, लेकिन आप अपने खाते में कोई नई रकम जमा नहीं करा सकेंगी। एक और बात ध्यान में रखें, जब तक आपका पुराना PPF Account बंद ना हो जाए, तब तक आप अपने नाम से नया PPF Account भी नहीं खुलवा सकती।

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2. मेच्योरिटी के बाद, बिना अंशदान के खाता विस्तार लेने पर

खाते Maturity के बाद आपके पास एक विकल्प यह भी होता है कि अगले 5 साल के लिए अपने खाते की अवधि (Block) बढ़वा सकती हैं। ऐसा आप पांच-पांच साल के कई Blocks लिए कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में भी आपकी जमा हुई रकम पर ब्याज मिलता रहता है। भले ही आप आगे उसमें और राशि जमा करें या न करें। इस बात का भी ध्यान रखें कि खाते का समय बढ़वाने की प्रक्रिया आपको Maturity की तारीख से एक साल के भीतर पूरी कर लेनी अनिवार्य है।

इच्छानुसार पैसा निकालने की छूट: इस विकल्प की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें आप अपनी इच्छानुसार पैसा निकाल सकती हैं। विस्तार अवधि  (Extension Period) के दौरान आप कभी भी और कितना भी पैसा निकालने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन किसी एक साल के अंदर आप सिर्फ एक बार ही पैसा निकाल सकती हैं। इस स्थिति में पैसा निकालने के बाद जो बची हुई रकम होगी, उस पर आपको ब्याज मिलता रहेगा।

लेकिन, इस बात का ध्यान रखें कि अगर आपको अंशदान सहित खाता विस्तार का विकल्प अपनाना हो तो उसके लिए Bank या Post Office, जहां भी आपका PPF Account है, वहां अप्लाई करना होगा। अगर आप इसके लिए आवेदन नहीं करती हैं तो एक साल पूरा होने पर आपका खाता अपने आप 'बिना अंशदान के 5 साल खाता विस्तार' के लिए मान लिया जाएगा।

Maturity के एक साल बाद आपके पास 'अंशदान वाला विस्तार' का विकल्प नहीं होगा, लेकिन आपको अपनी जमाराशि पर ब्याज मिलती रहेगी।

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3. मेच्योरिटी के बाद, अंशदान सहित खाता विस्तार लेने पर

अगर आपको अंशदान सहित खाता विस्तार का विकल्प अपनाना है तो उसके लिए आपको पहले अपने बैंक या पोस्ट आफिस, जहां भी आपका खाता है, वहां आवेदन देना होगा। इस स्थिति में आप मेच्योरिटी रकम का 60 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं।

5 साल का एक्सटेंशन लेने पर आपको किसी एक साल में एक बार पैसा निकालने का विकल्प मिलता है। लेकिन, उस समय भी आपको पूरा पैसा निकालने की सुविधा नहीं होगी। आप ब्लॉक या एक्सटेंशन शुरू होते समय अपने खाते में मौजूद रकम का सिर्फ 60 प्रतिशत ही निकाल सकते हैं। हां, यह जरूर है कि आप यह 60 प्रतिशत तक की रकम चाहें तो एक साथ निकाल सकते हैं, या फिर कई किस्तों में।

उदाहरण के लिए मेच्योरिटी के वक्त अगर आपके पीपीएफ खाते में 10 लाख रुपए थे, तो एक्सटेंशन (अंशदानयुक्त) लेने पर आपको 5 साल की extension अवधि के दौरान ज्यादा से ज्यादा 6 लाख रुपए तक ही निकालने की छूट मिलेगी। आप चाहें तो 6 लाख रुपए एकमुश्त निकाल लें, या फिर अलग-अलग वित्त वर्ष के दौरान हिस्सों में लें। हर नए एक्सटेंशन में यह प्रतिबंध लागू रहता है। और एक्सटेंशन के दौरान आपको एक्सटेंशन की अवधि शुरू होने के समय ही खाते में मौजूद रकम का 60 प्रतिशत ही निकालने की छूट होगी।

सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर पंकज मठपाल के अनुसार, 'अगर महिलाएं रिटायरमेंट या लंबी अवधि के किसी वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से निवेश करती हैं तो उन्हें PPF अकाउंट को 15 साल के बाद भी चलाना चाहिए।'