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Gatari Amavasya 2022: आखिर महाराष्ट्र के लोगों के लिए क्यों खास है गटारी अमावस्या, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

महाराष्ट्र के लोगों के लिए गटारी अमावस्या बहुत ज्यादा मायने रखती है। आइए जानें इस तिथि से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में। 
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Published -26 Jul 2022, 18:15 ISTUpdated -26 Jul 2022, 18:32 IST
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is saal gatari amavasya kab manai jaaegi

हमारे देश में अलग -अलग धर्मों में कई तरह की कथाएं प्रचलित हैं। ऐसे ही यहां विभिन्न त्योहारों को मनाने का एक अलग तरीका भी है। यहां अलग संस्कृति के लोग रहते हैं और अपनी प्रथाओं को आगे बढ़ाते हैं।

ऐसे ही उत्तर भारत में आजकल सावन के महीने की धूम है और चारों ओर बोल बम का नारा लगाया जा रहा है। वहीं भारत के ही कुछ ऐसे राज्य भी हैं जिसमें सावन के महीने की शुरुआत उत्तर भारत के 15 दिनों के बाद से होती है।

पश्चिम भारत के महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु राज्यों में सावन का महीना 29 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस महीने की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले यहां गटारी अमावस्या मनाई जाती है। जो यहां के लोगों के लिए बहुत ख़ास मानी जाती है।

ऐसा माना जाता है कि गटारी अमावस्या के बाद से कम से कम 40 दिनों तक मराठी लोग मांस मदिरा का सेवन नहीं करते हैं। लेकिन ऐसी मान्यता है कि गटारी अमावस्या के दिन मांस मदिरा का बहुतायत में सेवन किया जाता है जिससे आगे के दिनों में इन चीजों से परहेज किया जा सके। आइए ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ डॉ आरती दहिया जी से जानें इस साल महाराष्ट्र में कब मनाई जाएगी गटारी अमावस्या और इसका महत्व जानें। 

गटारी अमावस्या की तिथि 

gatari amavasya date

इस साल 2022 में गटारी अमावस्या 28 जुलाई 2022, बृहस्पतिवार को मनाई जाएगी। यह पर्व मुख्य रूप से महाराष्ट्र में मनाया जाता है और इस दिन सभी लोग एक साथ भोजन करते हैं। यह त्योहार इस बात का संकेत देता है कि इस दिन के बाद से ही महाराष्ट्र में सावन की शुरुआत होती है। यहां सावन का महीना उत्तर भारत की तुलना में 15 दिन के बाद शुरू होता है। 

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गटारी अमावस्या में क्यों करते हैं मांस मदिरा का सेवन 

gatari amavasya  significance

महाराष्ट्र में लोगों की ऐसी मान्यता है कि गटारी अमावस्या के दिन पूरे परिवार के साथ बैठकर भोजन करना चाहिए। इस दिन मांसाहारी लोग मांसाहार का सेवन जरूर करते हैं और जो लोग मदिरा का सेवन करते हैं वो इस दिन मदिरा पान भी जरूर करते हैं। महाराष्ट्र में 29 जुलाई से भगवान शिवके पावन महीने की शुरुआत हो रही है और इस दिन से  भक्तों को मांस मदिरा का सेवन करने की पूरी तरह से मनाही होगी। इस अमावस्या तिथि को उत्तर भारत में हरियाली अमावस्या के नाम से जाना जाता है और इसमें पितरों के लिए तर्पण करने की प्रथा है। 

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गटारी अमावस्या का महत्व

महाराष्ट्र के लोग सावन के स्वागत में गटारी अमावस्या को बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन के बाद कुछ दिनों तक मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इसलिए गटारी अमावस्या के दिन परिवार के लोग मिलजुल कर एक-दूसरे के घरों में दावत करते हैं। वहीं सावन की शुरुआत से ही भक्त जन शिव पूजन में लग जाते हैं और 40 दिन सात्विक भोजन का पालन करने की शपथ लेते हैं।

इस प्रकार गटारी अमावस्या का मराठियों में विशेष महत्व है और इस दिन को विशेष रूप से मनाने की प्रथा लंबे समय से चली आ रही है। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit: freepik 

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