उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शबनम को जल्द फांसी हो सकती है। साल 2008 में अपने परिवार वालों को मौत के घाट उतारने वाली शबनम फिलहाल रामपुर जेल में बंद है। मथुरा डिस्ट्रिक्ट जेल के सीनियर जेल ऑफिसर अखिलेश कुमार ने बताया कि शबनम को जल्द ही फांसी हो सकती है। उन्होंने बताया कि अगर शबनम को फांसी दी जाती है तो वह आजादी के बाद भारत की पहली महिला होगी जिसे फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा।

हिंदुस्तान टाइम्स को आगरा के पुलिस उपमहानिरीक्षक (जेल) अखिलेश कुमार ने बताया कि शबनम की फांसी के लिए मथुरा की जिला जेल में तैयारी चल रही है। बता दें कि यह मामला 2008 की है जब शबनम ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर परिवार के सात सदस्यों को कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। इस वारदात को 14 अप्रैल 2008 की रात को अंजाम दिया गया था। इस वारदात में मरने वालों में एक 10 महीने का बच्चा भी था, जिसका गला घोंट कर मारा गया था।

शबनम केस की कहानी

shabnam case story

शबनम उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के बावनखेड़ी गांव की रहने वाली है। शबनम अपने प्रेमी सलीम के साथ शादी करना चाहती थी, लेकिन उसके घरवाले दोनों के रिश्ते के खिलाफ थे। शबनम ने अंग्रेजी और भूगोल में एमए किया था। वह एक स्कूल की टीचर थी। शबनम के परिवार के पास काफी जमीन थी, जबकि सलीम पेशे से एक मजदूर था और पढ़ाई में पांचवीं फेल। यही वजह थी कि शबनम का परिवार उनके रिश्ते के खिलाफ था। वारदात के बाद सिर्फ शबनम ही घर में इकलौती बची थी। पुलिस ने उसकी कॉल डीटेल को चेक किया तो पाया कि उसने एक ही नंबर पर करीबन 50 से 60 बार कॉल किया था। यही नहीं उसने उसी नंबर पर हत्या के एक मिनट पहले बात की थी। इसके बाद ही पुलिस ने शबनम और सलीम को गिरफ्तार कर लिया था। (निर्भया जैसे रेप केस आखिर क्यों और कब तक)

इसे भी पढ़ें:Rare Old Pics: बॉलीवुड की एवरग्रीन एक्‍ट्रेस रेखा की 10 पुरानी तस्‍वीरें 

राष्ट्रपति ने खारिज की दया याचिका

shabnam case wiki

इस वारदात के लिए 2010 में ट्रायल कोर्ट ने दंपति को मौत की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा को 2015 तक बरकरार रखा था। यही नहीं 2020 जनवरी में राष्ट्रपति ने भी इनकी दया याचिका खारिज कर दी थी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उनकी समीक्षा याचिकाओं को भी ठुकरा दिया, जिसमें कहा गया था कि सलीम ने शबनम को चाय में नींद की गोलियां खिलाने के बाद हत्या को अंजाम दिया था। सलीम के साथ मिलकर शबनम माता-पिता की सम्पत्ति को हड़पना चाहती थी। फिलहाल मथुरा जेल ने फांसी को लेकर अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन कहा जा रहा है कि यह उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की शबनम की ही फाँसी की तैयारी हो सकती है। (तलाक के बाद भी महिला करा सकती है घरेलू हिंसा)

इसे भी पढ़ें:  इन टिप्स को ध्यान में रखकर नए घर के लिए खरीदेंगी दरवाजे तो इंटीरियर में लगेंगे चार-चांद

Recommended Video

महिला कैदी को फांसी देने की व्यवस्था

amroha shabnam case status

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मथुरा जेल के जल्लाद पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने एक साल पहले मथुरा जेल का दौरा किया था। उन्होंने इशारों ही इशारों में बताया कि वहां मरम्मत की जरूरत है। फांसी की सजा देने वाली जगह जिसे तख्त कहते हैं, वह प्रॉपर कंडीशन में नहीं है। हालांकि इसकी जानकारी जेल अधिकारियों को बताई गई है। बताया जा रहा है कि जेल में इसकी तैयारी चल रही है। हालांकि सिर्फ मथुरा जेल में ही महिला दोषियों को फांसी की सजा व्यवस्था है, लेकिन इसके लिए जगह जरूरी है। हालांकि इस तरफ आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और रस्सी के लिए भी ऑर्डर दिया जा चुका है।

अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।