दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 15 सितम्बर, बुधवार को पटाखों की खरीद और बिक्री के साथ पटाखे जलाने पर भी पूरी तरह से बैन लगा दिया है। दिल्ली सरकार ने ये फैसला खतरनाक वायु प्रदूषण के स्तर को लेकर चिंताओं को देखते हुए लिया है।

अरविन्द केजरीवाल ने एक बयान जारी करते हुए कहा है की दिवाली के मौसम में राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों के भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया जाए। ऐसा फैसला दिल्ली में बढ़ते हुए प्रदूषण के साथ यहां के वातावरण को साफ़ रखने के लिए लिया गया है। आइए जानें क्या है पूरी खबर। 

दिल्ली में पटाखों पर लगी रोक 

fire cracker in delhi

दिवाली के दौरान पिछले तीन वर्षों में दिल्ली के प्रदूषण की खतरनाक स्थिति को देखते हुए, पिछले साल की तरह इस साल भी सभी प्रकार के पटाखों के भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा रहा है। जिससे लोगों को प्रदूषण और उससे होने वाली बीमारियों के खतरे से बचाया जा सके। यह बात मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बयान जारी करते हुए जनता के सामने रखी है। 

इसे जरूर पढ़ें:चांदनी चौक को मिला नया मेकओवर, नए रूल्स के साथ लोगों को लुभाने के लिए तैयार

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने किया ट्ववीट 

पटाखों की खरीद और बिक्री पर बैन लगाते हुए मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपने ट्वीट में भी इस बात को रखा है। इस ट्वीट में उन्होंने बताया है कि " पिछले साल व्यापारियों द्वारा पटाखों के भंडारण के पश्चात प्रदूषण की गंभीरता को देखत हुए देर से पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया जिससे व्यापारियों का नुकसान हुआ था। सभी व्यापारियों से अपील है कि इस बार पूर्ण प्रतिबंध को देखते हुए किसी भी तरह का भंडारण न करें।" श्री केजरीवाल ने स्वीकार किया कि पिछले साल का प्रतिबंध देर से लगाया गया था और इससे व्यापारियों को नुकसान हुआ था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रतिबंध की देरी के कारण कुछ व्यापारियों ने पटाखों का स्टॉक और बिक्री को जारी रखा था। जिससे दिल्ली का प्रदूषण स्टार कई गुना बढ़ गया था। 

पटाखों से दिल्ली में बढ़ता है प्रदूषण 

delhi government ban crackers

राजधानी दिल्ली में हर साल मुख्य रूप से प्रदूषण का स्तर सामान्य से कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। जिसका एक बड़ा कारण पडोसी राज्यों में पराली जलाना भी है, ऐसे में पटाखों की वजह से प्रदूषण का स्तर कहीं ज्यादा बढ़ जाता है जिसे कम करना दिल्ली सरकार के लिए चिंता का विषय बन जाता है। साल 2019 में दिवाली के दौरान और बाद में शहर में वायु प्रदूषण का स्तर काफी चिंताजनक हो गया था। वहीं, 2018 में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 600 अंक को पार कर गया, जो सुरक्षित मानकों से 12 गुना ज्यादा है।

इसे जरूर पढ़ें:Delhi Election 2020 - सरकार से क्या चाहती हैं महिलाएं? इन 7 महिलाओं की ये बातें बता रही हैं दिल्ली का हाल

भले ही पटाखों की खरीद और बिक्री पर रोक लगाने से त्यौहार का मज़ा थोड़ा किरकिरा क्यों न हो जाए लेकिन दिल्ली सरकार का ये फैसला  जनता को प्रदूषण जैसी भारी समस्या से बचाने का एक अच्छा कदम साबित हो सकता है। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit: freepik