पेरेंट्स अपने बच्चों के लिए हर काम अच्छे से करना चाहते हैं। जिससे उनके जीवन में उनको किसी भी चीज़ की कमी महसूस न हों। पेरेंट्स अलग-अलग तरीकों से अपने बच्चों पर प्यार जाहिर करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके कुछ एक्शन आपके बच्चों को अच्छे नहीं लगते। यूं ही वह छोटी मोटी बातों को लेकर मुंह बना लेते हैं। उनका मूड खराब हो जाता है तो कभी वो खींझ जाते हैं। वह आपके कुछ एक्शन से Annoy फील कर सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि बच्चे आपकी की गयी चीज़ों से परेशान न हों तो एक पेरेंट होने के नाते आपको ये काम नहीं करने चाहिएं।  

खुले में प्यार करना 

children never likes their parents to do INSIDE

पेरेंट्स जब खुश होते हैं तो छोटी छोटी बातों पर गले लगा लेते हैं। या यूं कहिए बच्चों के जन्म के बाद से पेरेंट्स को उनको प्यार करने की आदत हो जाती है। कुछ पेरेंट्स तो बच्चों को स्कूल भेजते समय, स्कूल से आने पर गले लागते हैं उनको चूमते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब बच्चे थोड़े बड़े हो जाते हैं उनको आपका ऐसा करना अच्छा नहीं लगता। विशेष रूप से उनके स्कूलमेट के सामने उनको किस करने या गले लगे लगाने से उनको चिढ़न महसूस होती है। इसलिए हो सके तो बच्चे की उम्र अनुसार उसको खुले में पब्लिक प्लेस पर इस तरह प्यार न करें कि उसको अज़ीब सा महसूस हो। 

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स्मार्ट और कूल दिखने की कोशिश 

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कुछ लोग अपने बच्चों और उनके दोस्तों के सामने स्मार्ट और कूल होने का दिखावा करते हैं। कोई-कोई मां तो फैंसी ड्रेस पहनकर खुद के मॉर्डन होने का परिचय देती हैं। जिसकी वजह से कई बार आपके बच्चे मज़ाक का पात्र बन जाते हैं। उनको आपका यह अंदाज़ पसंद नहीं आता। इसलिए आप अपनी उम्र और फिगर अनुसार ही कपड़ों का ही चुनाव करें। इंसान अपने विचारों से मॉर्डन और स्मार्ट बनता है कपड़ों से नहीं। अपने बच्चों के रोल मॉडल बनने के लिए फांसी कपड़ों की जरूरत नहीं होती।  

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हर वक़्त ताका-झांकी 

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अगर आपके बच्चे टीनएज हैं तो समझिए आपको उनको अपना एक स्पेस देने का समय आ गया। लेकिन कुछ पेरेंट्स होते हैं कि बच्चों के हर एक्शन पर नज़र रखते हैं। उनसे हर एक बात को लेकर सवाल जवाब करते हैं। जो बच्चों को पसंद नहीं आता, जिसकी वजह से बच्चे अपने पेरेंट्स से चिढ़ना भी शुरू कर देते हैं। हर समय बच्चों के फ़ोन में झांकना, उनके मैसज पढ़ने की कोशिश करना, हर बात को लेकर उनको लेक्चर सुनाना। ये सब वो एक्शन हैं जो आपको अपने बच्चे से दूर कर सकते हैं। आप हर एक बात के लिए एक लिमिट सेट कर दीजिए। आप नज़र रखिए पर हर बार रिएक्ट मत कीजिए।  आपका बच्चा टीनएजर है, उसको रियल लाइफ के लिए तैयार कीजिए। 

आपको मालूम है होना चाहिए कि जैसे पर निकलने के बाद भी परिंदा खुले आसमान में ही उड़ान भरनी सीखता है।ऐसा ही बच्चों के साथ है,उनको खुले असमान में उड़ना सिखाना है तो आपको थोड़ी छूट तो देनी ही होगी। बच्चे को गाइड करें कंट्रोल नहीं।   

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