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मेंटल हेल्थ इश्यू को बखूबी दर्शाती हैं बॉलीवुड की ये फिल्में

आज भी भारत में मेंटल हेल्थ पर बात नहीं की जाती है। लेकिन बॉलीवुड ने इस मुद्दे को अपने तरीके से बखूबी बड़े पर्दे पर दिखाया है। 
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  • Hema Pant
  • Editorial
Published -10 Jun 2022, 13:52 ISTUpdated -10 Jun 2022, 15:05 IST
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bollywood film based on mental health issues

21वीं सदी में जीने के बावजूद आज भी हम लोग मेंटल हेल्थ से संबंधित मुद्दों पर बात नहीं करते हैं। आज भी हमारे समाज में एंग्जाइटी, डिप्रेशन, बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर चर्चा का विषय ही नहीं है। आधी जनता को तो बीमारियों का नाम ही नहीं पता होता है।

ऐसे में जब कोई इस विषय पर बात करने लगे तो उसे अजीबो-गरीब राय दी जाती है। यहां तक की थेरेपिस्ट का नाम लेते ही लोगों की भौंहें ऊपर हो जाती हैं। लोगों का सीधा जवाब होता है, मेंटल है क्या? भारत में सिनेमा का प्रभाव अधिक है। अक्सर जो चीजें हम खुद से देखकर नजरअंदाज कर देते हैं, फिल्में हमें यह बताती है कि यह मुद्दा कितना बड़ा है। इसी तरह बॉलीवुड में भी मेंटल हेल्थ पर कुछ फिल्में बन चुकी हैं। जो इस विषय को बखबूी दर्शाती हैं। चलिए जानते हैं इन फिल्मों के बारे में।

जजमेंटल है क्या

movies on mental healthसाल 2019 में आई कंगना रनौत की फिल्म 'जजमेंटल है क्या' भी मेंटल हेल्थ पर आधारित है। इस फिल्म में एक ऐसी महिला की कहानी दिखाई गई है, जिसके पिता उसकी मां के साथ बुरा व्यवहार करता था। इस बात का उसके दिमाग पर गहरा असर पड़ता है। इसके कारण वह यह सोचने लगी थी कि सभी पुरुष जानवर होते हैं। अक्सर लोग मेंटल हेल्थ को लेकर यही सवाल करते हैं कि मेंटल है क्या, इसलिए इस फिल्म का टाइटल इस मूवी को भी जस्टिफाई करता है।

कार्तिक कॉलिंग कार्तिक

kartik calling kartikसाल 2010 में आई फिल्म 'कार्तिक कॉलिंग कार्तिक' भी इस लिस्ट में शामिल है। यह फिल्म डिसोसिएटिव आइडेंटिटी डिसऑर्डर और सिजोफ्रेनिया के बारे में है। एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है, जो इंट्रोवर्ट है, कॉर्पोरेट वर्ल्ड में काम करने वाला लो कॉन्फिडेंस व्यक्ति, जो अपने भाई की मौत का दोषी अपने आप को मानता है। जिसके लिए वह थेरेपिस्ट से मिलता है। इस फिल्म में मेंटल डिसऑर्डर को बखूबी दर्शाया है। फरहान अखतर इस फिल्म में लीड रोल में नजर आ चुके हैं। 

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डियर जिंदगी

films on mental healthआलिया भट्ट और शाहरुख खान की फिल्म डियर जिंदगी भी मेंटल हेल्थ के बारे में खुलकर बात करती है। इस फिल्म में आलिया को बचपन में उसके माता-पिता अपने बिजनेस के चलते नानी के घर रहने के लिए छोड़ देते हैं। वह अपने मां-पापा की याद में लेटर लिखती है, लेकिन कोई रिप्लाई नहीं आता है। इस बात से वह काफी डिप्रेस हो जाती है। जिसका प्रभाव उसके रिलेशनशिप पर भी पड़ता है। वह इसके लिए साइकेट्रिस्ट यानी शाहरुख से मिलती है और फिर उसकी जिंदगी में बदलाव आ जाता  है। 

अनजाना अनजानी

यह फिल्म भी डिप्रेशन और आत्महत्या जैसे मेंटल डिसऑर्डर के बारे में है। इसमें रणबीर कपूर को बिजनेस में नुकसान हो जाता है। वहीं प्रियंका चोपड़ा को उसके बॉयफ्रेंड ने धोखा दिया होता है। वह दोनों ही इन समस्याओं के चलते आत्महत्या करने की कोशिश करते हैं। 

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हीरोइन

यह फिल्म असल में बड़े पर्दे की हकीकत दर्शाती है। माही अरोड़ा (करीना कपूर) एक फिल्म एक्ट्रेस होती है, जो अपने गुस्से और इंग्जाइटी के लिए ट्रीटमेंट लेती है। लेकिन इसके कारण इंडस्ट्री ने उसे डैमेज और अनस्टेबल का लेबल दिया होता है। मानसिक समस्याओं के कारण उसका करियर भी गिरने लगता है। 

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Image Credit: Freepik & Shutterstock

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