धरती पर डॉक्‍टर को भगवान माना जाता है, क्‍योंकि वह ही बीमारियों से हमारी रक्षा करता है। कोरोना वायरस से जूझ रही पूरी दुनिया आज डॉक्‍टर्स को सलाम कर रही है। संक्रमित होने के जोखिम बावजूद ये लोग दिन-रात इस जानलेवा बीमारी से हम लोगों की सेवा में लगे हुए है। कोरोना पीड़ितों का इलाज कर रहे डॉक्टर्स कई-कई दिनों तक घर नहीं जा पा रहे हैं। कहीं डॉक्टर पार्किंग के बाहर टेंट में रह रहे हैं तो कई ड्यूटी पूरी होने के बाद हॉस्पिटल में ही सो जाते हैं। यहां त‍क कि  कुछ डॉक्टर ऐसे भी है जो अपने घर इसलिए भी नहीं जा रहे क्‍योंकि वह अपनी फैमिली को कोरोना वायरस की चपेट में आने से बचाना चाहते हैं। ऐसा ही एक डॉक्‍टर भोपाल में भी है जिन्‍होंने कार को ही अपना घर बना लिया है। 

भोपाल के जेपी हॉस्पिटल के डॉक्टर सचिन नायक इन दिनों मरीजों के इलाज के बाद अपने घर नहीं जाते हैं, बल्कि कोरोना पीड़ितों और परिवार को इंफेक्‍शन से बचाने के लिए उन्होंने कार को ही अपना घर बना लिया है। जब भी जरूरत होती है वह तुरंत हॉस्पिटल पहुंच जाते हैं। जी हां ड्यूटी खत्म करने के बाद वे कार में ही सो जाते हैं। रोजमर्रा की जरूरत का सामान उन्होंने कार में ही रख लिया है। समय मिलता है तो कार में बुक्‍स भी पढ़ लेते हैं और फिर कार में ही किसी तरह सो जाते हैं।

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सीएम शिवराज सिंह ने की तारीफ

मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस डॉक्टर की काफी तारीफ की है। शिवराज ने ट्वीट किया, "आप जैसे कोविड-19 के खिलाफ युद्ध लड़ रहे योद्धाओं का मैं और संपूर्ण मध्य प्रदेश अभिनन्दन करता है। इसी संकल्प के साथ हम सब निरंतर आगे बढ़ें, तो यह महायुद्ध और जल्द जीत लेंगे। सचिन जी आपके जज्बे को सलाम।"

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ट्वीट के जवाब में नायक ने लिखा

''आशीर्वाद और प्यार से सेवा का जजबां सातवे आसमान पर है।। हमारी प्रदेश सरकार और कर्मचारी हर वो कोशिश कर रहे है जो होना चाहिए कहीं भी कोई ढिलाई नहीं है। आप सब बस घरों में रहें। कदम-कदम बढ़ाएं जो खुशी के गीत गाए जा ये जिदंगी है कोम की। तू कोम पर लुटाए जा। जय हिन्द।'' 

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देश-भर में कोरोना पीड़ितों की तादात बढ़ती जा रही है। पूरे देश में अब तक पांच हजार से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। कोरोना वायरस के खिलाफ इस जंग में सबसे बड़ी चुनौती डॉक्टरों के सामने ही है। वह दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे हुए हैं। पिछले कई दिनों से ये डॉक्टर घर से भी दूर हैं क्‍योंकि घर जाने पर इन्हें संक्रमण परिवार तक पहुंचने का डर है।