5 जून को साल का दूसरा दूसरा चंद्र ग्रहण पड़ने वाला है। यह चंद्र ग्रहण धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टि से महत्‍वपूर्ण है। यह चंद्र ग्रहण अन्‍य चंद्र ग्रहण के मुकाबले काफी अलग।उज्‍जैन के पंडित मनीष शर्मा बताते हैं , ' 5 जून 2020 पूर्णीमा को चंद्र ग्रहण लगेगा। मगर यह  मान्द्य चंद्र ग्रहण है। यह भारत में दिखेगा मगर इसमें चंद्रमा पूरा ही नजर आएगा। इसे इस तरह से समझ सकते हैं कि ग्रहण लगने के बाद भी चंद्रमा पर कोई असर नहीं होगा। हिंदू धर्म में इस तरह के ग्रहण को बहुत महत्‍व नहीं दिया गया है। इस चंद्र ग्रहण का राशियों पर भी कोई खराब प्रभाव नहीं पड़ेगा।'

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चंद्र ग्रहण का समय 

पंडित जी के मुताबिक 5 जून का पड़ने वाला चंद्रग्रहण 'उपछाया' होगा। यह रात 11:15 पर शुरू होगा और 6 जून की सुबह 2:00 बजे तक रहेगा। गणना की जाए तो यह चंद्र ग्रहण मात्र 4 घंटे 15 मिनट का ही होगा।(जानें ग्रहण में तुलसी का महत्‍व

पंडित जी बताते हैं, 'अपछाया चंद्र ग्रहण में यह पता लगाना कि चांद पर ग्रहण लगा है या नहीं बहुत मुश्किल है। पृथ्‍वी ग्रह पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। चंद्रमा का आकार भी पूरा ही नजर आएगा। इस तरह के ग्रहण में चंद्रमा का आकार कटा हुआ नजर नहीं आएगा।' 

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चंद्र ग्रहण का प्रभाव 

 ग्रहण काल के दौरान चंद्रमा वृश्चिक राशि में होगा। मगर, इससे उस राशि पर न कोई अच्‍छा न कोई बुरा प्रभाव होगा। पंडित जी कहते हैं, 'आमातौर पर जब चंद्र ग्रहण पड़ता है तो सूतक लगता है मगर, इस तरह के चंद्र ग्रहण में कोई सूतक नहीं लगता न ही मंदिर के पट बंद किए जाते हैं। ग्रहण काल में आप चंद्रमा को बिना किसी प्रोटेक्‍शन के देख सकते हैं। इसका कोई भी बुरा असर आपकी आंखों पर नहीं होगा।' आपको बता दें कि उपछाया ग्रहण को वास्‍तविक तौर पर चंद्र ग्रहण नहीं माना जाता है।

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सामान्‍य तौर पर जब चंद्रमा जब पृथ्‍वी की उपछाया में प्रवेश करता है और उस पर पृथ्‍वी की वास्‍तविक छाया पड़ती है तब कहा जाता है कि चंद्र ग्रहण लग गया है मगर, मान्द्य चंद्र ग्रहण में चंद्रमा पर पृथ्‍वी की वास्‍तविक छाया नहीं पड़ती है इसलिए चंद्रमा काला होने की जगह ग्रहण काल में भी वैसा ही नजर आता है। हां, चंद्रमा की चमक कुछ धुंधली जरूर पड़ जाती है। 

पंडित जी कहते हैं, 'इस तरह के चंद्र ग्रहण में सूतक (जानें ग्रहण में सूतक का अर्थ)नहीं लगेगा इसलिए लोगों को उपवास रखने या मंदिरों की सफाई करने की जरूरत नहीं है। ' आपको बता दें कि इस तरह का चंद्र ग्रहण साल की शुरुआत में 10 जनवरी 2020 के दिन भी पड़ा था। 

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