शहद को सेहत के लिए बेहद गुणकारी माना जाता है। खासतौर से, स्वीट लवर्स के लिए यह चीनी की जगह एक बेहद ही स्वस्थ विकल्प है, जिसका सेवन करने से आपको कई पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। इतना ही नहीं, कई तरह की हेल्थ से लेकर स्किन प्रॉब्लम्स को दूर करने में शहद फायदेमंद है। इसलिए, लोग इसका सेवन करना पसंद करते हैं। शहद में भी कई तरह की वैरायटीज मिलती है, लेकिन कच्चा शहद व मनुका शहद का इस्तेमाल करने की सलाह अधिक दी जाती है। 

यूं तो शहद एक हेल्दी प्रॉडक्ट है, लेकिन फिर भी बहुत से लोग शहद से जुड़े कुछ मिथ्स पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं, जिसके कारण ना केवल कभी-कभी वह जरूरत से ज्यादा शहद का सेवन कर लेते हैं तो कभी वह इसका सेवन करने से बचते हैं। शहद का गलत तरीके से इस्तेमाल करने से उन्हें फायदे की जगह नुकसान होता है। हो सकता है कि आप भी कुछ पॉपुलर हनी मिथ्स पर भरोसा करती हों, लेकिन आज इस लेख में हम आपको इन मिथ्स व उसकी सच्चाई के बारे में बता रहे हैं-

मिथ 1- मेटल स्पून से नहीं लेना चाहिए शहद

honey myths

सच्चाई- यह शहद के सेवन से जुड़ा एक पॉपुलर मिथ है। ऐसा माना जाता है कि कभी भी धातु की चम्मच से शहद का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह धातु के साथ प्रतिक्रिया करता है। यह सच है कि शहद एसिडिक होता है, लेकिन अगर आप मेटल स्पून से इसका सेवन कर रही हैं तो यह तुरंत प्रतिक्रिया नहीं करता है। हालांकि, आपको लंबे समय के लिए शहद की बोतल में मेटल स्पून को नहीं रखना चाहिए।

मिथ 2- सभी मधुमक्खियां शहद पैदा करती हैं

honey madhumakkhi

सच्चाई- यह सच है कि शहद मधुमक्खियों से मिलता है, लेकिन सभी मधुमक्खियां शहद पैदा करती हैं, यह सच नहीं है। दरअसल, दुनिया में मधुमक्खी की लगभग 20,000 ज्ञात प्रजातियाँ हैं। इस संख्या से केवल 5 प्रतिशत ही खाने योग्य शहद बनाती हैं। केवल मधुमक्खियां और बिना डंक मारने वाली मधुमक्खियां ही इतनी शहद पैदा करती हैं कि इसे आम इंसान इस्तेमाल कर सकें। वहीं, भौंरे केवल थोड़ी मात्रा में शहद का उत्पादन करते हैं, जिसका इस्तेमाल वह खुद ही कर लेते हैं।

इसे ज़रूर पढ़ें- क्या है हैरी पॉटर बटर बियर और बनाने की रेसिपीज, आप भी जानें

मिथ 3- क्रिस्टलाइज्ड हनी वास्तव में खराब हो चुका शहद है

myths

सच्चाई- कई बार लोग यह समझते हैं कि अगर शहद क्रिस्टलाइज्ड हो जाता है, तो इसका अर्थ है कि वह खराब हो चुका है। लेकिन ऐसा नहीं है। लंबे समय के बाद शहद की बनावट बदल सकती है, लेकिन इसका काम्पज़िशन वही रहता है। वास्तव में, इसके काम्पज़िशन के कारण ही इसके टेक्सचर में बदलाव होता है, लेकिन क्रिस्टलीकरण के बाद भी, शहद वही रहता है - वही स्वाद और पोषक तत्व।

Recommended Video

मिथ 4- शहद को फ्रिज में ना रखा जाए तो वह खराब हो जाता है

सच्चाई- यह शहद को लेकर एक बेहद ही कॉमन मिथ है। आमतौर पर, लोग बाजार से शहद लेकर आते हैं और उसे फ्रिज में स्टोर करते हैं। उन्हें लगता है कि यह शहद को जल्दी खराब होने से बचाएगा। लेकिन यहां आपको यह जानने की जरूर है कि शहद कभी खराब नहीं होता और न ही उसे कभी रेफ्रिजरेशन की जरूरत होती है। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुरातत्वविदों ने फिरौन की कब्रों में - 3,000 साल से अधिक पुराने शहद, शराब और जैतून के तेल से भरे मिट्टी के बर्तनों की खोज की थी। जहां, शराब और जैतून का तेल खराब हो गया था लेकिन शहद खराब नहीं हुआ था और वह खाने योग्य था। आपका शहद कभी भी खराब नहीं होगा, बस जरूरी है कि वह असली हो।

इसे ज़रूर पढ़ें- Easy Tips: अरबी को लंबे समय के लिए करना है स्टोर तो ये टिप्स आएंगे काम

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Images Credit- (@Freepik)