Tasty Adda: देश की राजधानी दिल्ली के ये हैं बेस्ट फूड ज्वाइंट्स

By Saudamini Pandey26 Feb 2019, 17:14 IST

अगर आप दिल्ली की सैर पर निकली हैं और यहां के इतिहास में आपकी काफी रुचि है तो ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन करते हुए आप यहां के बेहतरीन फूड ज्वाइंट्स को भी एक्सप्लोर कर सकती हैं। इन जगहों पर आपको इतना टेस्टी स्ट्रीट फूड मिलेगा कि आपका घूमने का मजा और भी ज्यादा बढ़ जाएगा। तो रेडियो सिटी के आरजे आदि के साथ करते हैं दिल्ली के बेस्ट फूड जॉइंट्स की सैर। 

भीमसेन्स बंगाली स्वीट हाउस

स्वाद के मामले में दिल्ली वाले कोई समझौता नहीं करते। अगर दिन की शुरुआत टेस्टी खाने से हो जैसे कि आलू पूड़ी या छोले भटूरे तो फिर बात ही क्या है। छोले भटूरों के लिए बंगाली स्वीट हाउस एक उम्दा जगह है। यह लीजेंडरी शॉप कई सेलेब्रिटीज को सर्व कर चुकी है। यहां के छोले खाने में बड़े स्वाद होते हैं, भटूरों में तेल टपक नहीं रहा होता, साथ में चटनी का स्वाद बेहतरीन है। 90 रुपये में ये है बेस्ट डील, जो आपको सिर्फ यहीं मिलेगी।

ज्ञानीज दी हट्टी

चांदनी चौक का खाना दिल्ली ही नहीं, पूरी दुनिया में मशहूर है। इसीलिए आपको दिल्ली 6 यानी चांदनी चौक में टेस्टी खाने का जायका लेने के लिए जरूर आना चाहिए। ज्ञानी गुरचरण जी 1951 में हिंदुस्तान आए थे और अपने साथ लाए रबड़ी फालूदा की टेस्टी लस्सी। आप जब इसे खाएंगे तो आपको इसमें फालूदे और कोकोनट का भी टेस्ट आएगा और रबड़ी का भी फ्लेवर मिलेगा। इसकी मिठास गजब की है और पूरी तरह बैलेंस्ड। चाहें आप ज्यादा मीठे की शौकीन हों या कम मीठे की, आपको दोनों ही सूरत में इसका स्वाद शानदार लगेगा। 

खानदानी पकौड़े वाला

श्री बाला राम जी ने 1962 में खानदानी पकौड़े वाला शुरुआत की थी। इनकी चटनी काफी स्पेशल है। दरअसल पकौड़ियों का स्वाद चटनी से ही पूरा होता है। पकौड़ों में कॉर्न के पकौड़े, आलू के पकौड़े, चाप के पकौड़े काफी अद्भुत हैं। यहां की चटनी ऐसी है कि इसे आप जितना मर्जी खा लें, आपका पेट खराब नहीं होगा।

मोती महल 

1947 में जब मोती महल की शुरुआत हुई थी, तभी बटन चिकन यहां बनना शुरू हुआ था। दरियागंज के मोती महल का बटर चिकन दुनियाभर में मशहूर है। प्रख्यात शेफ गोर्डन रेम्से जब यहां आए थे तो यहां से बटर चिकन की रेसिपी लेकर गए थे और यूरोप में इसे मशहूर कर दिया था। 

परांठे वाली गली

दिल्ली में शायद ही कोई ऐसा हो, जो परांठे वाले गली के बारे में ना जानता हो, लेकिन इसका स्वाद यहां आकर ही लिया जा सकता है। परांठे वाली गली में 15 किस्म से भी ज्यादा के पराठों का स्वाद लिया जा सकता है। हर परांठे का स्वाद गजब का है। यहां हम आपको स्वाद दिला रहे हैं मिर्च के परांठा का और एकदम स्पेशल रबड़ी के परांठे का। साथ में केले की सौंठ, हरी चटनी, अचार के साथ परांठों का स्वाद शानदार लगता है। ये परांठे तले जाते हैं और इसीलिए इनका स्वाद आपको बेहतरीन जायका देगा।

निजाम काठी कबाब 

अगर आपको काठी रोल पसंद हैं तो आपको दिल्ली के मशहूर निजाम काठी रोल का स्वाद जरूर चखना चाहिए। यहां आपको 16 तरह के काठी कबाब मिलेंगे। आज हम यहां टेस्ट ले रहे हैं मटन कीमा एग रोल का। हरी चटनी के साथ एग रोल का स्वाद दोगुना हो जाता है। यह चटनी 15-20 आइटम्स से तैयार होती है। 

श्री प्रभु चाट भंडार

80 साल से श्री प्रभु दिल्ली वालों को मुंह में पानी ला देने वाली चाट सर्व कर रहे हैं। यहां दोपहर 12 बजे से 7.30 बजे तक आप चाट का मजा ले सकते हैं। और अच्छी बात ये है कि ये है इंडिया गेट के बिल्कुल पास। यहां का भल्ला-पापड़ी खासतौर पर बहुत टेस्टी है। केले की चटनी है, मसालों का जायका स्वाद को और भी ज्यादा बढ़ा देता है। आलू चाट जब आप खाएंगे तो इसकी क्रिस्पीनेस आपके जन्नत का अहसास करा देगी। इसका जायका लेते हुए आपको इतना मजा आएगा कि आप कह देंगी प्रभु की जय। 

अल जवाहर रेस्तरां

1948 बहरुद्दीन कुरैशी ने इसकी शुरुआत की थी। बताया जाता है कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू यहां अक्सर आया करते थे और उन्हीं के नाम पर इस दुकान का ये नाम पड़ गया। अल जवाहर की मशहूर निहारी का स्वाद आपको जरूर लेना चाहिए। इस निहारी की ग्रेवी बहुत क्रीमी होती है। कहा जाता है कि इसे 10-12 घंटे पकाया जाता है और तब जाकर इसका ये बेहतरीन स्वाद मिलता है। 

काकोरी कबाब

दिल्ली में शाम होते ही टिक्के और कबाब की शुरुआत हो जाती है। तो चलिए कबाब का जायका लेते हैं। नब्बू मिया ने काकोरी कबाब बनाने की शुरुआत की थी। इस कबाब पर हल्का सा नींबू डालें और थोड़ी सी चटनी डालकर खाएं तो मिलेगा इसका शानदार स्वाद। इन कबाब को बनाने में करीब 52 मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। कबाब को एक सटीक तापमान पर बनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर कबाब को रोस्ट करने में एक सेकेंड घुमाने में देरी हो जाए तो इसका स्वाद खराब हो सकता है। 

करीम्स

हाजी करीमुद्दीन साहब ने 1913 में जामा मस्जिद के पास करीम्स की शुरुआत की थी। इनके वालिद साहब लाल किले के को-शेफ हुआ करते थे। धीरे-धीरे शाही स्वाद को लोगों तक ज्यों का त्यों पहुंचाने में करीम्स सफल रहा। खमीरी रोटी और मटन बर्रा का स्वाद अद्भुत है। इस मटन को 16 घंटे मैरिनेट किया जाता है। मटन कोरमा को काफी देर तक पकाया जाता है। ये भले ही ऑयली दिखे, लेकिन आप इसे पचा सकते हैं। इसका स्वाद गजब का है।