आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ के चलते तन के साथ-साथ हमारा मन भी थक जाता है। यानि आजकल की बिजी लाइफ में इंसान मानसिक रूप से भी थक जाता है। शायद इसलिए क्‍यों‍कि हम यह बात भूल गई है कि अच्‍छी डाइट अलावा भी हमारी बॉडी की कुछ जरूरतें होती हैं। जिनमें मानसिक और आत्मिक शांति का सबसे पहला स्थान है। मानसिक थकान बहुत सारी रिसर्च से भी यह बात सामने आई हैं कि जिस इंसान का मन शांत नहीं रहता है उसका मन किसी चीज में नहीं लगता है और वह किसी भी काम को अच्‍छे से नहीं कर पाता है। सामान्य शब्दों में अगर हम कहें तो इसका मतलब यह है कि डाइट के मानसिक शांति भी इंसान की सबसे बड़ी जरूरत है। इसलिए घूमना-फिरना, प्रकृति से निकटता लाइफ में बहुत जरूरी है। सिर्फ घूमने-फिरने से ही इंसान की कई शारीरिक और मानसिक परेशानियां दूर हो जाती हैं। आज हम आपको ऐसी खास जगहों के बारे में बता रहे है जहां आप अपनी बिजी लाइफ के बीच मानसिक और आत्मिक शांति का अनोखा अनुभव ले सकती हैं। 

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दक्षिण भारत की खूबसूरत जगह केरल
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अपनी कुदरती खूबसूरती के लिए फेमस केरल अब कई फेमस आयुर्वेदिक केंद्र बनते जा रहा है। यहां कि थकानमुक्त मसाज का अनुभव पाने लिए सैलानी दुनिया भर से आते हैं। जी हां पर्यटक प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ यहां मसाज का भरपूर आनंद लेते हैं। दिन प्रतिदिन केरल में आध्यात्मिक, यौगिक और आयुर्वेदिक केंद्र खुलते जा रहे हैं। आयुर्वेदिक पर्यटन के मामले में केरल का कोवलम एक शानदार गंतव्य बनकर उभरा है। यहां सैलानियों के साथ-साथ मानसिक व शारीरिक रोगियों की भी सख्या बढ़ी है। यहां स्पेशल मसाज के लिए पारंपरिक पद्धतियों के साथ दुर्लभ हर्ब्‍स का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप भी तन और मन को दुरूस्‍त रखना चाहती हैं तो एक बार केरल जरूर जाएं।

पुणे

'ओशो इंटरनेशनल मेडिटेशन रिज़ॉर्ट' महाराष्ट्र के पुणे शहर में स्थित है। जिसकी स्थापना आध्यात्मिक गुरू ओशो ने 1974 में की थी। ओशो का यह आश्रम भारत के बाकी आश्रमों से काफी अलग है। ओशो के खुले विचारों के कारण यह भारत का सबसे विवादित आश्रम माना जाता है। दरअसल रजनीश/ओशो के विचार बहुत से धार्मिक गुरुओं द्वारा नकारे गए और अब तक नकारे जाते हैं, जिसकी सबसे बड़ी वजह संभोग को साधना से जोड़ना रहा। ओशो का मानना है कि संभोग इंसान की सबसे बड़ी इच्छा है, इसे पाने वाला अपार मानसिक शांति का अनुभव करता है, जबकि इसे ना पाने वाला इंसान विकृत मानसिकता को अपने अंदर जन्म दे बैठता है।

उत्तर भारत का वाराणसी
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उत्तर भारत के वाराणसी को दुनिया भर के सबसे पवित्र जगहों में से एक माना जाता है। यहां हर साल लाखों की तादाद में देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। वाराणसी का मुख्य आकर्षण यहां स्थित 84 गंगा घाट हैं। यहां के हर घाट की अपनी अनूठी पौराणिक-धार्मिक विशेषता है। अस्सी, दशाश्वमेध, मणिकर्णिका, आदिकेशव, पंचगंगा ये काशी के सबसे प्रसिद्ध धाट हैं, जिन्हें पंचतीर्थ भी कहा जाता है। आत्मिक व मानसिक शांति के लिए यहां के गंगा घाट आदर्श माने जाते हैं। सूर्यास्त-सूर्योदय के दृश्य यहां के सबसे मनोरम होते हैं। अस्सी घाट की शाम की गंगा आरती विश्व विख्यात है।

पावन नगरी हरिद्वार

यह एक प्राचीन नगर हैं जिसे भगवान के यहां जाने का रास्ता कहा जाता है। यह काफी पुराना शहर है। यह स्थान हिमालय की छोटी पर्वत श्रृंखला में बसा हुआ है। जहां कई हिंदू तीर्थयात्री आते हैं और पवित्र गंगा नदी के जल में स्नान करते हैं। आध्यात्म के मामले में देवनगरी हरिद्वार किसी से कम नहीं। जैसा की नाम से ज्ञात है हरि का द्वार - हरिद्वार। यह नगरी अपनी आध्यात्मिक और धार्मिक क्रियाओं के लिए जानी जाती है। यहां आपको बहुत सारे मंदिर और आश्रम दिख जाएंगे। साथ ही यहां कई पवित्र गंगा घाट भी मौजूद हैं। 'हर की पौड़ी' हरिद्वार का सबसे पवित्र गंगा धाट माना जाता है। जहां कुछ देर बैठकर आप तन और मन की सारी थकान मिटा सकती हैं। इसके अलावा भारत माता मंदिर, शांतिकुंज आदि यहां के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थान हैं, जहां आप मानसिक और आत्मिक शांति का अनोखा अनुभव ले सकती हैं।

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर ऋषिकेश
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मैं भी जब भाग-दौड़ भरी लाइफ से परेशान हो जाती हूं तो शांति पाने के लिए ऋषिकेश जाना पसंद करती हूं। जी हां देवभूमि उत्तराखंड प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ सबसे बड़ा आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। और जहां शानदार प्राकृतिक सुंदरता हो वहां भला किसे अच्छा नहीं लगेगा। ऋषिकेश अध्यात्म के मामले में सबसे सबसे उन्नत माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में आपको आध्यात्मिक और यौगिक सेंट्रर दिख जाएंगे। पहाड़ों से आती गंगा ऋषिकेश को पवित्र बनाने का काम करती है। यहां रोजाना हजारों की संख्या में देश-विदेश से सैलानी आते हैं। जिनमें से ज्यादातर का मुख्य उद्देश्य आत्मिक और मानसिक शांति पाना ही होता है। 

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तिरुवन्नामलई

यह स्थान तमिलनाड़ू के चैन्नई में है। यह एक आध्यात्मिक स्थान है। जहां श्री रामन्ना आश्रम है। यहां हिंदू तीर्थयात्री बड़ी संख्या में आते हैं और अरुणाचलेश्वर मंदिर में अपनी मनोकामना को पूरी होने के लिए मुराद मांगते हैं। कहते हैं यह धरती की सबसे शांत जगह है। यहां कई तीर्थ यात्री योग और ध्यान के लिए आते हैं।
तो अगर आप भी अपने तन और मन की थकान को मिटाना चाहती हैं तो एक बार इन जगहों पर जरूर जाएं। हो सकता है कि एक बार जाने के बाद आप बार-बार यहां जाना चाहें।

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