गर्मियों के मौसम में डिहाइड्रेशन, बदहजमी और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियां होना बेहद आम बात है। खाने-पीने में छोटी सी लापरवाही आपको इन तीनों में से किसी का भी शिकार बना सकती है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप अपनी डाइट में कुछ ऐसे फूड आइटम्‍स को जरूर शामिल करें, जो लाइट भी हों और शरीर को भरपूर पोषण भी दे सकें। 

जाहिर है, जब हल्‍के और पोषण युक्‍त भोजन की बात होती है तो मूंग दाल की खिचड़ी का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। हर घर में मूंग दाल की खिचड़ी बनाने की रेसिपी अलग हो सकती है। कोई सादी खिचड़ी खाना पसंद करता है तो कोई मसालेदार। कुछ लोग तो खिचड़ी के साथ सब्‍जी भी मिक्‍स करके बनाते हैं। ऐसे में अलग-अलग घरों की खिचड़ी का स्‍वाद भी अलग होता है। मगर इसे बनाने के लिए दो प्रमुख इंग्रीडियंट्स मूंग की दाल और चावल ही होते हैं। 

फेमस शेफ कुणाल कपूर ने अपने इंस्‍टाग्राम पर एक पोस्‍ट शेयर की है, जिसमें उन्‍होंने बताया है कि खिचड़ी बनाते वक्‍त अगर दो बातों का ध्‍यान रखा जाए तो खिचड़ी स्‍वादिष्‍ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत अच्‍छी रहेगी। 

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kunal kapoor tips for khichdi in hindi

चावल और दाल को वॉश करें 

बहुत से घरों में जब खिचड़ी बनाई जाती है तो उसे बनाने से पहले केवल दाल और चावल को पानी से वॉश कर दिया जाता है। कई लोग समय की कमी के कारण दाल और चावल को भिगो कर नहीं रखते। मगर कुणाल कहते हैं, 'दाल और चावल को खिचड़ी बनाने से पहले भिगो कर रखना बेहद जरूरी है, क्‍योंकि उसमें मौजूद स्‍टार्च तब तक नहीं निकलता जब तक उन्‍हें भिगोया न जाए। यह स्‍टार्च (स्टार्च वाली डाइट के नुकसान)अगर आप खा लेते हैं तो खिचड़ी हल्‍की होने की जगह हैवी ही बनी रहेगी। खासतौर पर जो लोग बीमार हैं उन्‍हें तो कभी भी बिना दाल और चावल को भिगोए हुए खिचड़ी नहीं देनी चाहिए।'

इतना ही नहीं, कुणाल यह भी कहते हैं कि खिचड़ी बनाने के लिए दाल और चावल का पानी बदल-बदल कर कई बार उसे वॉश करना चाहिए। ऐसा करने से स्‍टार्च पूरी तरह से दाल और चावल से निकल जाता है और खिचड़ी खाने में हल्‍की लगती है। 

वैसे आपको बता दें कि चावल और दाल में जो स्‍टार्च होता है वह आपको मोटापे का शिकार बनाने के अलावा डायबिटीज का मरीज भी बना सकता है। अगर आप खिचड़ी में चावल की जगह दलिया का इस्‍तेमाल करते हैं तो यह सेहत के लिए ज्‍यादा बेहतर होता है। 

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नींबू का करें इस्‍तेमाल 

अगर आप मसालेदार खिचड़ी बना रहे हैं तो आपको खिचड़ी के पक जाने के बाद उपर से नींबू को निचोड़ लेना चाहिए इससे खिचड़ी में पड़े एक्‍सट्रा मसालें सबसाइड हो जाते हैं। जाहिर है, आप किसी मरीज को मसालेदार खिचड़ी नहीं परोस सकते हैं। मगर सादी खिचड़ी भी बेस्‍वाद ही लगती हैं। ऐसे में नींबू के रस से खिचड़ी के मसाले बैलेंस हो जाते हैं और खिचड़ी का स्‍वाद भी अच्‍छा बना रहता है। 

इतना ही नहीं, खिचड़ी में नींबू डालने से अगर थोड़ा बहुत भी स्‍टार्च रह जाता है तो वह भी सबसाइड हो जाता है। बेस्‍ट तो यह होगा कि खिचड़ी के साथ दही और खीरे की सलाद का भी सेवन किया जाए इससे शरीर को हाइड्रेशन मिलता रहेगा। 

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सेहत के लिए खिचड़ी के फायदे जानें- 

  1. पेट से जुड़ी अगर आपको कोई भी तकलीफ है तो आपको खिचड़ी का सेवन करना चाहिए, क्‍योंकि इसे आसानी से पचाया जा सकता है। 
  2. खिचड़ी बॉडी को हाइड्रेटेड रखती हैं क्‍योंकि इसमें दाल और चावल पड़ते हैं और दोनों ही वॉटर बेस्‍ड होते हैं।
  3. आप यदि मोटापे से बचना चाहते हैं तो आप किसी भी मौसम में खिचड़ी का सेवन कर सकते हैं। बेस्‍ट बात तो यह है कि आप खिचड़ी में तरह-तरह की हेल्‍दी सब्जियों को मिक्‍स करके खा सकते हैं। जिससे आपको भरपूर मात्रा में पोषक तत्‍व भी मिलेंगे। 
  4. खिचड़ी खाने के बाद आपको हल्‍कापन महसूस होता है और पेट भी भरा हुआ लगता है। 

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Image Credit: subziwalla_/instagram