Anti ageing tips: बढ़ती उम्र को थामना चाहती हैं तो ये 9 आयुर्वेदिक चीजें जरूर लें

इन आयुर्वेदिक नेचुरल चीजों को अपनी डाइट में शामिल करके आप अपनी बढ़ती उम्र को थाम सकती हैं और लंबे समय तक हेल्‍दी भी बनी रहती हैं।  
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रोगमुक्त रहने और नेचुरल तरीके से उम्र को बढ़ने से रोकने के लिए आयुर्वेद एक प्राकृतिक उपचार प्रणाली है। यूं तो प्रकृति की लगभग हर चीज में हीलिंग गुण होते हैं, लेकिन इसका उपयोग कैसे, कब और कितना करना है, यह जानना बहुत जरूरी है। आयुर्वेद में प्रकृति एक समय कारक होती है और एक ही समय में उपयोग किए जाने पर समान घटक अलग-अलग तरह से काम कर सकते हैं। पांच तत्व और तीन ऊर्जाएं हैं जो शरीर के स्वास्थ्य को नियंत्रित करती हैं। बीमारी और बढ़ती उम्र के साथ उपरोक्त तत्व और ऊर्जा का असंतुलन होता है। प्रत्येक के पास ये होते हैं लेकिन एकमात्र अंतर तत्वों की संरचना है जो हर पदार्थ में परिवर्तन को परिभाषित करता है। यह बुनियादी घटकों की तरह है जो आनुवांशिक सामग्री में बदलाव लाते हैं। सुबह में सेवन किए जाने वाले प्राकृतिक अवयवों में भी एक तरह से काम कर सकते हैं और शाम को सेवन करने पर विभिन्न क्रियाओं को देखा जा सकता है।

1एक्‍सपर्ट की राय

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वी आर वेलनेस के को-फाउंडर डॉक्‍टर ओंकार राजीव बिलगी का कहना है कि ''प्राकृतिक अवयव भोजन में उपयोग किए जाने पर और आयुर्वेदिक तैयारी में उपयोग किए जाने पर अलग-अलग तरीके से काम करते हैं। आयुर्वेद में हम कहते हैं कि फूड्स अपने गुणों को हिम्मत में अधिक व्यक्त करते हैं और जड़ी-बूटी शरीर में प्रवेश करने पर इसे सही से व्यक्त कर सकते हैं। प्राकृतिक सामग्री का उपयोग सही तरीके से और सही मात्रा में भी किया जाना चाहिए। लेकिन कुछ चीजों को अपनी डाइट में शामिल करके आप लंबे समय तक हेल्‍दी रहने के साथ बढ़ती उम्र को थाम सकती हैं। 

2पानी

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पानी सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक घटक है। यह उन गुणों को लेता है, जिन्हें हम कभी भी इसके साथ कॉम्बिनेशन में लेते हैं। अदरक के साथ यह अपने गर्मी गुणों के साथ डाइजेशन में मदद करता है और इलायची के साथ यह ठंडा होता है फिर भी डाइजेशन में मदद करता है। कोशिश करें और पानी का उपयोग बुद्धिमानी से करें क्‍योंकि न तो बहुत ज्‍यादा एल्‍कलाइन पानी हमारी बहुत मदद सकता है और न ही बहुत ज्‍यादा एसिटिक। भोजन से पहले बहुत ज्‍यादा एल्‍कलाइन पानी लेने से बचें।

3नारियल का तेल

coconut oil for skin

नारियल के तेल में मौजूद हीलिंग फैट के बारे में सभी जानते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे सुबह खाली पेट एक चुटकी काली मिर्च के साथ लेने से न केवल आप हेल्‍दी रहती हैं बल्कि बढ़ती उम्र पर भी रोक लगाई जा सकती है। 

4अदरक

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इम्‍यूनिटी में सुधार करने के लिए सबसे अच्छा प्राकृतिक घटक यानि अदरक को गुड़ और चुटकी भर काली मिर्च के साथ सबसे अच्छी तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है।

5काली मिर्च

black pepper for skin inside

काली मिर्च भोजन के डाइजेशन और अवशोषण में मदद करती है। यह हमारे सिस्टम के मेटाबॉलिज्म को सही दिशा में बनाए रखने के लिए उपलब्ध सबसे उपयोगी प्राकृतिक तत्व है। इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। 

6एलोवेरा

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नेचुरल कूलिंग और हीलिंग गुणों के कारण आज एलोवेरा लगभग सभी की डाइट का हिस्‍सा है। साथ ही इसमें अच्छे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो आपको लंबे समय तक जवां और हेल्‍दी बनाए रखने में मदद करते हैं। रोजाना सुबह के समय इसे लेने से आपकी हेल्‍थ अच्‍छी रहती है और झुर्रियों लंबे समय तक आपके चेहरे की खूबसूरती खराब नहीं करती हैं। 

7धनिया के बीज

Coriander seeds for skin inside

शरीर को ठंडा करने में मदद करते हैं लेकिन फिर भी शरीर के मेटाबॉलिज्‍म को बनाए रखते हैं। इसलिए अपनी डाइट में इसे जरूर शामिल करें क्‍योंकि मेटाबॉलिज्‍म अच्‍छा होगा तो आप कम बीमार पड़ेंगी। 

8जीरा

cumin seeds for skin inside

डाइजेशन में मदद करने और कार्मिनटिव गुणों के कारण जीरा हमारी हेल्‍थ के लिए बहुत अच्‍छा होता है। साथ ही यह वजन को कंट्रोल करता है और एनिमिया को दूर करता है जिससे चेहरे पर ग्‍लो आता है। जीरे में मौजूद विटा‍मिन सी होता है जो जवां दिखने में मदद करता है।  

9सुपारी का पत्ता

betel leaves for skin inside

सुपारी का पत्ता डाइजेशन में मदद करता है, यह एक ऐसा माध्यम है जो अन्य अवयवों को पूर्ण सेल्‍स टिशूओं तक ले जाता है।

10हल्दी

turmeric for skin inside

हल्‍दी सेहत के लिए कितनी अच्‍छी होती है, यह हमें बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन फिर भी हम आपको बता दें कि यह इम्‍यूनिटी को बनाने में मदद करती है, सेल्‍स को उनके एनर्जी फ्लो को विनियमित करने में मदद करती है।

11उम्र बढ़ने को रोकने के लिए आयुर्वेद

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इन सभी चीजों के बारे में सही जानकारी बेहद जरूरी होती है। एक बार जब यह स्पष्ट हो जाता है तो अपने आस-पास के प्राकृतिक अवयवों का उपयोग करके संतुलित आहार और जीवन शैली की योजना बनाना आसान होता है। प्रकृति धीमी लेकिन स्थिर है। प्रकृति का अपना पाठ्यक्रम है, बारी-बारी से मौसम परिवर्तन या वार्षिक परिवर्तन सभी क्रमिक हैं और हमें उनका आनंद लेना चाहिए। उसी तरह से आयुर्वेद इन प्राकृतिक अवयवों के साथ मदद करता है ताकि आपके शरीर और दिमाग के भीतर परिवर्तन अच्छे से हो सके क्योंकि उम्र बढ़ना एक प्रक्रिया है लेकिन अनुभव भी अनमोल है। इस तरह की जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

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