एक महिला के लिए छेड़छाड़ या यौन शोषण बेहद डराने वाला अनुभव होता है। कई बार तो महिलाएं ऐसी स्थिति में फंस जाती हैं कि उन्हें समझ में ही नहीं आता कि वो क्या करें। ऐसा ही एक हादसा एक महिला के साथ हुआ। ट्विटर पर @2am Philosopher नाम से इस महिला का अकाउंट है। उसने अपने साथ हुई घटना का जिक्र किया और उसके बाद वो तरीके भी बताए जिससे महिलाएं अपनी मदद खुद कर सकती हैं।  

ये ट्वीट्स अब वायरल हो गए हैं। महिला के साथ ये घटना तब हुई जब वो शताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रही थी। उसने तुरंत टीटी को ढूंढने की कोशिश की और जब नहीं मिला तो उसने पैंट्री स्टाफ से कह दिया कि वो अपने अधिकारियों से बात करें। अगर ट्रेन में सफर करते समय कुछ हो रहा है तो ये सब किया जा सकता है।  

Molestation and its affects

इसे जरूर पढ़ें- मयूर विहार के एल्कॉन स्कूल में छात्रा के साथ होता था यौन शोषण, जिसके कारण दे दी उसने जान  

सबसे पहले क्या करें? 

सबसे पहले उस इंसान पर चिल्लाया जा सकता है। इससे आस-पास के लोगों का ध्यान भी उसकी तरफ जाएगा।  

ऐसा इसलिए क्योंकि वो लोग मॉलेस्ट करने वाले इंसान के खिलाफ एक्शन भी ले सकते हैं और उसके लिए विटनेस भी बन सकते हैं। अगर वो मदद नहीं भी करेंगे तो भी वो ये जानेंगे कि कुछ हुआ है।  

Molestation in shatabdi express

टीटी को जरूर जानकारी दें- 

ट्रेन में ट्रैवल करते समय ध्यान रखें कि टीटी के शिकायत करें। अगर वो पास नहीं है तो ट्रेन के किसी कर्मचारी को बताएं। इस महिला के मामले में टीटी से पहले रेलवे पुलिस फोर्स आ गई।  

उस इंसान को बाहर ले गए। इसके साथ वो महिला भी अगले स्टेशन पर अधिकारियों के साथ उतर गई। महिला ने ये साफ कहा है कि ऐसी स्थिति में एक कागज पर सब कुछ नोट कर लीजिए। क्योंकि ये रिपोर्ट करते समय काम आएगा। ये आगे के लिए भी काम आएगा अगर ये मामला यहीं खत्म नहीं होता। कोई घटना कितनी भी छोटी क्यों न हो इसके बारे में जरूर लिखें। वो इंसान हमले के पहले कैसा व्यवहार कर रहा था और हमले के बाद उसका व्यवहार कैसा था सब कुछ।  

थाने में रिपोर्ट करें, न लिखी जाए तो Zero FIR करें- 

कुछ भी हो इसके लिए रिपोर्ट जरूर करें अपने पास के पुलिस स्टेशन में लिखित स्टेशन दें। अगर कोई समस्या है तो उसे उसी समय सुलझा लें। वो आपके स्टेटमेंट में कुछ गड़बड़ी खोजने की कोशिश करेंगे वो न होने दें। अपने केस को लेकर झूठ कभी न बोलें।  

पुलिस और कोर्ट के सामने हमेशा सच बोलें- 

अगर मामला कोर्ट तक पहुंचा है तो पीछे न हटें और डरें भी नहीं। सभी जगह सच बोलें बढ़ा-चढ़ाकर बोलने की कोशिश न करें। ये ध्यान रखें कि एक दिन आपको कोर्ट जाना पड़ सकता है। ऐसे में ध्यान रखें कि अपना स्टेटमेंट न बदलें। वकील तो आपको पब्लिक प्रोसिक्यूटर मिलेगा। 

जितनी भी बातें इस ट्वीट में लिखी गई हैं। इन्हें ट्विटर ट्रेंड जरूर बनाया जा सकता है, लेकिन साथ ही इनसे इन्सपिरेशन भी ली जा सकती है। कई महिलाओं को इस तरह की समस्या होती है, लेकिन वो कुछ कर नहीं पातीं और डर जाती हैं। ऐसे में अगर आपको ये सोचना है कि ऐसा न हो तो कुछ काम करने भी जरूरी हैं। 

molestation in india

इसे जरूर पढ़ें- दिल्ली में होते हैं सबसे ज्यादा महिलाओं के खिलाफ यौन शोषण : सर्वे

अपनी समस्याओं को बताएं और चुप न रहें। यकीनन किसी के लिए ये सोचना बहुत आसान है कि बस इस समय ये सब खत्म हो जाए, लेकिन अगर चुप रहेंगे तो समस्या बढ़ती ही जाएगी। महिलाओं की इस समस्या का हल वो खुद निकाल सकती हैं और इसके लिए खुद अपनी तरफ से आगे बढ़कर काम करना होगा। लीगल एक्शन से अगर डर लगता है तो ये ट्वीट पढ़ें और जानें की सिर्फ आपका एक ही दिन बर्बाद होगा, लेकिन इस बात की संतुष्टी जरूर मिलेगी कि आपने कुछ किया। डरने या चुप रहने का समय गया।