कोरोना महामारी की वजह से टल रहा टोक्यो ओलंपिक्स का आगाज हो चुका है। वहीं, इस बार ओलंपिक्स में भाग ले रहे भारतीय खिलाड़ियों से उम्मीद भी ज्यादा है। खिलाड़ी भी अपने खेल और तैयारियों को लेकर आश्वस्त हैं। भारत से तमाम खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों में एक नाम शुमार हुआ था, वो टेबल टेनिस की स्टार प्लेयर मनिका बत्रा का था।

मनिका बत्रा को साल 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद पूरी दुनिया जानने लगी थी। उन्होंने ओलंपिक्स में दूसरी बार हिस्सा लिया, लेकिन बदकिस्मती से इस बार भी सफलता उनके हाथ नहीं लगी। इस बार वह पहले से ज्यादा आत्मविश्वास से भरी हुई थीं, इसके बावजूद टोक्यो ओलंपिक्स में वह कमाल नहीं कर पाईं। आइए जानें टीटी की इस खिलाड़ी के बारे में।

कैसा था शुरुआती जीवन?

manika batra biography and career

  • मनिका 15 जून 1995 को दिल्ली में जन्मी,  तीन बच्चों में सबसे छोटी थीं। उन्होंने 4 साल की उम्र में टीटी खेलना शुरू कर दिया था। बेहतर प्रशिक्षण के लिए उन्हें बचपन में कई स्कूल बदलने पड़े थे और आखिर में उन्होंने हंसराज मॉडल स्कूल में दाखिला लिया था। उन्हें अपने भाई-बहन से टीटी खेलने की प्रेरणा मिली थी, क्योंकि वह दोनों ही टेबल टेनिस खेला करते थे।
  • उन्होंने अंडर 8 कैटेगरी में राज्य स्तरीय टूर्नामेंट जीता था। उसके बाद, उन्होंने कोच संदीप गुप्ता के अंडर प्रशिक्षण लिया। आखिरकार, वह दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बन गई और इसके बाद स्टेट-लेवल मैचों में भी उनका दबदबा बन गया।
  • मनिका ने आगे जीसस एंड मैरी कॉलेज में दाखिला लिया था, लेकिन अपनी ट्रेनिंग के चलते वह मुश्किल से कॉलेज जाया करती थीं। उन्होंने अपना पूरा ध्यान टेबल टेनिस में लगाने के लिए डीयू कॉरेस्पॉन्डेंस से बीए किया।

कैसा रहा करियर?

manika batra career

  • मनिका ने साल 2011 में अंडर-21 चिली ओपन में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने रजत पदक जीता था।
  • तीन साल बाद, मनिका बत्रा ने ग्लासगो में 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां उन्हें नॉकआउट चरणों के दूसरे दौर में बाहर का रास्ता देखना पड़ा था।
  • टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में, मनिका बत्रा ने न्यूजीलैंड की एनी यांग को सीधे गेम में हराया। इसके बाद उन्होंने कनाडा की लुओ अंकी को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। मनिका बत्रा इस प्रकार राष्ट्रमंडल खेलों के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पैडलर बनीं।
  • क्वार्टर फाइनल में मनिका को सिंगापुर की कांस्य पदक विजेता लिन ये ने हराया था।
  • इसके बाद उन्होंने इंचियोन में एशियाई खेलों में भाग लिया था, जहां उन्हें दूसरे दौर में उन्हें बाहर का रास्ता देखना पड़ा। क्वार्टर फाइनलिस्ट कासुमी इशिकावा से हारने से पहले दूसरे दौर में, मनिका ने मकाऊ के मा चाओ इन को हराया था।
  • साल 2015 में, मनिका बत्रा ने राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप में भाग लिया, जहां उन्होंने महिला टीम स्पर्धा और युगल स्पर्धा में रजत पदक जीता और महिला एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।
  • साल 2016 में, उन्होंने गुवाहाटी में दक्षिण एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीते थे।
  • साल 2016 में ही उन्होंने क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट के दक्षिण एशिया ग्रुप को जीतकर 2016 समर ओलंपिक के महिला एकल स्पर्धा के लिए क्वालीफाई किया था। हालांकि यहां वह खास कमाल नहीं कर पाई थीं।
  • 2017 में, बत्रा ने डसेलडोर्फ में अपनी दूसरी विश्व चैंपियनशिप में भाग लिया। बत्रा को महिला एकल टूर्नामेंट में 58वीं वरीयता मिली थी और उन्होंने पहले दौर में पोलैंड की क्लाउडिया कुसिंस्का पर आसान जीत दर्ज की थी। दूसरे दौर में उनका सामना दक्षिण कोरिया की किम क्योंग आह से हुआ जिन्हें 27वीं वरीयता मिली थी। बत्रा ने पहले गेम को 11-3 से जीतकर अच्छी शुरुआत की, इससे पहले कि उनके प्रतिद्वंद्वी ने अगले चार गेम में उन्हें हराकर मैच जीत लिया।

साल 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स से बनी पहचान

mainka batra in commonwealth games

  • 2018 के  कॉमनवेल्थ गेम्स में मनिका बत्रा से लोगों को काफी उम्मीदें थीं। उन्होंने 16वें राउंड में ऑस्ट्रेलिया की ट्रेसी फेंग को हराकर टूर्नामेंट की शुरुआत की। बाद में उन्होंने 7वीं वरीयता प्राप्त सिंगापुर की झोउ यिहान को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
  • सेमीफाइनल में, उनका सामना विजेता और सिंगापुर के शीर्ष वरीयता प्राप्त फेंग तियानवेई से हुआ। उन्होंने फेंग को 12-10, 5-11, 11-8, 5-11, 5-11, 11-9, 13-11 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। मनिका टेबल टेनिस में भारत की पहली महिला राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता बनीं। फाइनल में, उन्होंने 2014 के रजत पदक विजेता यू मेंग्यू को सीधे गेम में हराकर स्वर्ण पदक जीता।
  • महिला युगल टूर्नामेंट में उन्होंने एक बार फिर मौमा दास के साथ भागीदारी की और वे फाइनल में पहुंचीं। उन्हें मौजूदा चैंपियन फेंग तियानवेई और यू मेंग्यू ने हराया था। मनिका बत्रा ने फाइनल में चार बार के मौजूदा चैंपियन सिंगापुर को हराकर भारत को अप्रत्याशित स्वर्ण पदक दिलाया।
  • टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका इस समय दुनिया में 58वें स्थान पर हैं।

तीसरे राउंडर में ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी से हारीं

manika batra in olympic

भारत की स्टार महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा का टोक्यो ओलंपिक का सफर समाप्त हो गया है। 26 जुलाई को मनिका को तीसरे दौर में ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी सोफिया पोलकानोवा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। 63वीं रैंकिंग वाली मनिका 17वें रैंक की पोलकानोवा के खिलाफ एक भी सेट नहीं जीत पाईं। सोफिया ने उन्हें 4-0 (11-8, 11-2, 11-5 और 11-7) से शिकस्त दी। मनिका की हार के साथ ही महिला टेबल टेनिस में भारतीय चुनौती भी समाप्त हो गई है। 

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मनिका खेल नहीं जीत पाईं, इसका अफसोस है, लेकिन हमें पूरा यकीन है कि आगे आने वाले समय में वह जरूर सफल होंगी। तब तक के लिए मनिका को ढेर सारी शुभकामनाएं। आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर करें। टोक्यो ओलंपिक्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए पढ़ते रहें हरजिंदगी।

 

Image Credit: www.instagram.com/manikabatra