उर्दू की महान लेखिका इस्मत चुगताई के जन्म को 108 वर्ष बीत चुके हैं। वह भले ही हमारे बीच नहीं हैं मगर, महिलाओं के अधिकार पर उनकी कलम ने बेबाकी से जो लिखा उसे आज भी याद किया जाता है। उनकी कलम उनके दिल और दिमाग की गुलाम थी। वह जो सोचती और चाहती थीं वहीं शब्दों में पिरो देती थीं। इस्मत चुगताई को आज भी महिला सश्क्तिाकरण के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इस्मत चुगताई को काफी करीब से जानने वाली और उन्हें  अपना आदर्श मानने वाली बॉलीवुड की बेहतरीन एक्ट्रेस रतना पाठक शाह से हर जिंदगी की कॉन्टेंलट हेड मेघा ममगेन ने खास मुलाकात की और जानना चाहा कि आज के दौर की महिलाओं को इस्मत चुगताई के बारे में क्यों  जानना चाहिए।