शनिवार को खेल पुरस्कारों की घोषणा की गई और इसमें पैराओलिंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला को देश में खेल के सबसे बड़े पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित किया गया। जी हां ऐथलीट दीपा मलिक के बारे में बात कर रहे हैं। दीपा मलिक जिन्‍होंने 30 की उम्र में तीन ट्यूमर सर्जरीज और बॉडी का निचला हिस्सा सुन्न हो जाने के बावजूद शॉटपुट एवं ज्वलीन थ्रो में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीते हैं, उन्होंने न केवल पदक जीते बल्कि तैराकी एवं मोटर रेसलिंग में भी कई स्पर्धाओं में हिस्सा भी लिया है। जी हां शॉटपुट एवं जेवलिन थ्रो के साथ-साथ तैराकी एवं मोटर रेसलिंग से जुड़ी भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2016 पैरालंपिक में शॉटपुट में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा। उन्होंने भारत की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 33 स्वर्ण तथा 4 रजत पदक प्राप्त किये हैं। वे भारत की एक ऐसी पहली महिला है जिसे हिमालय कार रैली में आमंत्रित किया गया। भारतीय पैरालंपियन दीपा मलिक, जिनके जीवन और उपलब्धियों ने कई लोगों को प्रेरित किया। दीपा मलिक ने इस वीडियो में नीलू व्‍यास के साथ अपनी कुछ बातें शेयर की और बताया कि क्‍या उन्‍हें बेस्‍ट देने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने अपने इस इंटरव्‍यू में प्रतिष्ठित खेल रत्न पुरस्कार पाने पर खुशी भी व्यक्त की।