मां, एंट्रेप्रिन्योर और इंग्लिश टीचर की अलग-अलग भूमिकाओं को निभाने वाली मास्टरशेफ पंकज भदौरिया आज अपनी क्यूलिनरी स्किल्स और लजीज फूड आइटम्स के चलते देशभर में लोकप्रिय हैं। पंकज भदौरिया और उनकी प्यारी सी बेटी सोनालिका भदौरिया दोनों एक-दूसरे की ताकत हैं। पंकज भदौरिया जब अपने कामों के बीच मसरूफ होती हैं तो उनकी बेटी सोनालिका आकर उन्हें प्यार की झप्पी देकर उनका उत्साह बढ़ाती हैं। सोनालिका की पॉजिटिविटी पंकज को हमेशा आगे बढ़ने के लिए इंस्पायर करती है, तो वहीं सोनालिका को अपनी मां से पाक कला में निपुण होने के साथ धैर्य बनाए रखने की सीख मिलती है। मां-बेटी की इस जोड़ी ने HerZindagi से एक्सक्लूसिव बातचीत की और अपनी खूबसूरत बॉन्डिंग के बारे में बताया-

पेरेंटेस से मिली कुकिंग की इंस्पिरेशन

pankaj bhadouria sonalika bhadouria inspirational mother daughter

पंकज भदौरिया के पेरेंट्स को खाना बनाने का काफी शौक था। उनके मम्मी और पापा, दोनों घर में मजे से खाना बनाया करते थे और पंकज को भी इसमें बहुत मजा आता था। जब पंकज छोटी थीं, उस दौरान 5 स्टार रेस्टोरेंट्स की तरफ से हाउसवाइव्स के लिए क्लासेस ऑर्गनाइज की जाती थीं, जिसमें पंकज की मम्मी अक्सर उन्हें लेकर जाती थीं। पंकज के पापा उनके लिए एसेक्स फार्म्स से फ्रेश सब्जियां लाते थे। पंकज का खाने-पीने का शौक उन्हें अपने मम्मी-पापा से ही मिला। पंकज बताती हैं, 'जब मैं छोटी थी तो घर में पार्टी हुआ करती थी, पार्टी में बढ़िया खाना खाने को मिलता था, साथ में उसके लिए तारीफें भी मिलती थीं। इसी से मैं कुकिंग के लिए इंस्पायर हुई। मैंने खाना बनाने की शुरुआत 11 साल से कर दी थी।' पंकज भदौरिया ने अपने बच्चों को भी खानपान में वही वैराएटी दी, जो उन्हें अपने बचपन में मिली। जाहिर है इससे उनके बच्चे रोजाना अपनी पसंद का खाना खाते थे और अपनी मां को लेकर गर्व का अहसास करते थे। पंकज की बेटी सोनालिका की दोस्त अक्सर उनकी मां के हाथ के खाने की तारीफ करती थीं। खासतौर पर जब घर पर बर्थडे पार्टी होती थी तो बच्चों के लिए वो लम्हे यादगार रहते थे। सोनालिका बताती हैं, 'बर्थडे में मम्मी ढेर सारी डिशेज बनाती थीं, मेरे सभी दोस्त मां के हाथ के बने खाने की बहुत तारीफ करते थे। मां के हाथ की बनीं ढेर सारी डिशेज मुझे पसंद हैं।' 

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मां की जिम्मेदारियों ने दी आगे बढ़ने की ताकत

pankaj bhadouria with sonalika bhadouria inspiration

पंकज भदौरिया के पति चारु समर्थ और बच्चे सोनालिका भदौरिया और सिद्धांत भदौरिया, सभी खाने-पीने के शौकीन रहे हैं। जब पंकज के बच्चे छोटे थे, तब वह उनकी डिमांड पर कई तरह की रेसिपीज घर पर बनाया करती थीं। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि किचन में काम करते हुए वह कभी परेशान नहीं होती थीं। बच्चों को खुश करने के लिए वह हर दिन उनके लंच में नई-नई रेसिपीज बनाकर दिया करती थीं। जाहिर सी बात है कि इससे उनके दोनों बच्चे सोनालिका और सिद्धांत काफी खुश रहते थे। घर पर अक्सर पार्टीज दी जाती थीं और इस दौरान भी पंकज के हाथ का खाना खाकर घर के सभी लोग हैप्पी फील करते थे। पंकज कुकिंग को लेकर काफी पैशनेट थीं। वह नई-नई रेसिपीज बनाने के लिए रेसिपी बुक्स खरीदकर लाती थीं। इसी दौरान उन्होंने 1 साल का आईएसएम का फूड प्रिजरवेशन कोर्स किया, जिससे उन्हें बहुत सी नई चीजें  जानने को मिलीं। बच्चों की हौसलाअफजाही से पंकज काफी इंस्पायर होती थीं। इसी दौरान जब बच्चों को मास्टरशेफ कंपटीशन के बारे में पता चला तो उन्होंने पंकज को इसमें हिस्सा लेने के लिए इंस्पायर किया। पंकज बताती हैं, 'मां के दायित्वों ने ही मुझे ताकत दी, बच्चों की डिमांड पूरी करते हुए मेरी कुकिंग का दायरा बढ़ता गया।'

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सासू मां ने हमेशा दिया साथ

 

पंकज भदौरिया को मिली कामयाबी में उनकी सासू मां का बहुत बड़ा योगदान है। जब भी पंकज के सामने कोई मुश्किल आई, तब उनकी सासू मां उनके साथ खड़ी रहीं। पंकज भदौरिया टीचिंग में थीं और सुबह-सुबह वह ऑफिस के लिए घर से निकल जाती थीं। घर की जिम्मेदारियां निभाने में हमेशा सासू मां से उन्हें सपोर्ट मिला और जब उनके बच्चे हुए तो उनकी देखरेख में भी उनकी सास की अहम भूमिका रही। पंकज भदौरिया की जिंदगी में उनकी सास कितनी ज्यादा मायने रखती हैं, इसका अंदाजा आप उनकी मदर्स डे की पोस्ट से लगा सकती हैं, जो उन्होंने अपनी सास को डेडिकेट की थी, इसमें उन्होंने लिखा, 'कौन कहता है कि सास मां नहीं बन सकती? जो इंसान आपको अपने सपने पूरे करने के लिए इंस्पायर करे और खुद घर की जिम्मेदारी उठाए , जो कहे कि जाओ और अपने पैशन को पूरा करो, जो मेरा एक पहर का खाना मिस हो जाने पर डांटे, जो चाय पर मेरा इंतजार करे और जो अपने बेटे से ज्यादा मुझ पर यकीन करे, ऐसी सास मां ही है।' अपनी सास और बच्चों की इंस्पिरेशन से पंकज अपने पैशन यानी मास्टरशेफ बनने के सपने को पूरा करने के लिए निकली थीं। पंकज बताती हैं, 'दादी से अच्छा बच्चों को कौन संभाल सकता है? बच्चों की परवरिश को लेकर मैं बिल्कुल भी परेशान नहीं होती थी, क्योंकि मेरी गैरमौजूदगी में मेरी सास ने बच्चों की पूरी देखरेख की। नौकरी छोड़ना मेरा सोचा-समझा फैसला था, लेकिन नौकरी छोड़ते हुए मुझे काफी तकलीफ हुई, क्योंकि मुझे अपने जॉब बहुत अच्छी लगती थी। मुझे टीचिंग बहुत पसंद थी।' 

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स्कूल में फेमस हो गए पंकज भदौरिया के बच्चे

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पंकज भदौरिया ने साल 2010 में मास्टरशेफ इंडिया कॉन्टेस्ट जीता था, जिसे बॉलीवुड के चर्चित एक्टर अक्षय कुमार होस्ट कर रहे थे। इस कॉन्टेस्ट को जीतने के बाद पंकज की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई। एक सामान्य स्कूल टीचर के बजाय अब वह मास्टरशेफ के तौर पर पॉपुलर हो गईं। टीवी शोज करने के साथ-साथ वह कई पॉपुलर ब्रांड्स का चेहरा बन गईं। उनके इस अचीवमेंट से उनके बच्चे सोनालिका भदौरिया और सिद्धांत भदौरिया भी स्कूल में फेमस हो गए। पंकज सोनालिका के स्कूलिंग टाइम का एक किस्सा शेयर करती हैं, 'एक दिन सोनालिका घर आई और बैग रखते ही बोली, मां मैं स्कूल के टिफिन में कोई साधारण सी चीज नहीं ले जा सकती। मां, आपको पता है कि मैं किसकी बेटी हूं, हर कोई देखने चला आता है कि सोनालिका, आज तुम टिफिन में क्या लाई हो।' दोनों बच्चों के टिफिन में रेगुलर फूड नहीं हुआ करता था। पंकज बताती हैं, 'बच्चों के टिफिन में पूरी, सब्जी, परांठा जैसी चीजें नहीं जाया करती थीं। कभी स्पेगेटी और मीट बॉल्स, कभी कपकेक्स, कभी लेमन राइस, इतनी वैराएटी होती थी कि बच्चे बोर ना हों।' पंकज से उनकी बेटी सोनालिका ने ढेर सारी रेसिपीज बनाना सीखा है, जिसमें बिरयानी और केक शामिल हैं।

सोलानिका को अपनी मां पंकज से मिली स्ट्रॉन्ग रहने की इंस्पिरेशन

पंकज भदौरिया ने अपने पैशन के लिए अपनी 16 साल पुरानी स्कूल टीचर की नौकरी छोड़ दी, जिससे साफ जाहिर होता है कि वह दृढ़ इरादों वाली महिला रहीं हैं। मां के कॉन्फिडेंस और मजबूती से बेटी सोनालिका काफी इंस्पायर्ड हैं। वह बताती हैं, 'मम्मी इतनी मजबूत रहीं कि उन्होंने अपने ड्रीम के लिए जॉब छोड़ दी, मैंने उनसे यही सीखा कि अगर आपको किसी चीज से वाकई प्यार है, तो आपको उसे फॉलो करना चाहिए।' पंकज भदौरिया बहुत से कुकरी से जुड़े बहुत से शोज होस्ट कर चुकी हैं, कई शोज में बतौर जज भी नजर आ चुकी हैं। 'शेफ पंकज का जायका', 'फिफायती किचन', '3 Course with Pankaj', 'Rasoi se- Pankaj Bhadouria ke Saath'जैसे कई पॉपुलर शोज में पंकज नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा वह खानपान पर कई किताबें भी लिख चुकी हैं, जिनमें 'MasterChef India Cookbook', 'Barbie- I am a Chef', 'Chicken from my Kitchen', 'The Secret’s in the Spice Mix' का नाम खासतौर पर लिया जा सकता है।

पंकज भदौरिया ने अपनी कामयाबी से बदली लोगों की सोच

आमतौर पर महिलाओं को लेकर लोगों की सोच प्रगतिशील नहीं होती। लेकिन पंकज भदौरिया ने अपनी कड़ी मेहनत और कुकिंग के लिए पैशन से लोगों को अपने सपने पूरे करने के लिए इंस्पायर किया है। पंकज भदौरिया ने मास्टरशेफ जीतने के बाद लखनऊ में अपनी Culinary Academy खोली। यहां पर देशभर से स्टूडेंट्स पाक कला में पारंगत होने के लिए आते हैं। पंकज इस बारे में बताती हैं, 'लखनऊ में हमारी Culinary Academy में प्रोफेशनल कोर्सेस में दाखिला लेने वालों में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा है। जब लड़कियां एडमिशन लेने आती हैं तो पेरेंट्स मुझसे कहते हैं, मैम आपको देखकर हमें लगता है कि हमारी बेटी भी यह कर सकती है और हमें इस बात की खुशी है कि बच्चे की पढ़ाई के लिए उसे हम आपके पास भेज रहे हैं। नेपाल, शिलॉन्ग, जयपुर, गुजरात, कर्नाटक, सभी जगहों से स्टूडेंट हमारे यहां आते हैं। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है।'

मां-बेटी ने एक-दूसरे को सिखाया

पंकज भदौरिया आज के समय में एक चर्चित सेलेब्रिटी हैं और देशभर के लोग उनके फैन्स हैं। पाक कला में महारत हासिल करने के लिए लोग उनसे इंस्पिरेशन लेते हैं, लेकिन खुद पंकज इंस्पिरेशन लेती हैं अपनी बेटी सोनालिका से। पंकज अक्सर अपने शूट्स में मसरूफ रहती हैं और कई बार अपने बिजी शिड्यूल की वजह से स्ट्रेस्ड भी हो जाती हैं, लेकिन सोनालिका अपनी क्यूट सी स्माइल के साथ मां को गले लगाती हैं और उनका सारा टेंशन काफूर हो जाता है। पंकज बताती हैं, 'सोनालिका ने मुझे पॉजिटिव रहना सिखाया है। जब मैं थोड़ा सा परेशान होती हूं तो वह मुझे लगे लगा लेती है और कहती है, मां तुम्हें जादू की झप्पी की जरूरत है। अगर मैं किसी बात को लेकर टेंशन में होती हूं, तो वह मुझे खुश रहने के लिए इंस्पायर करती है। हम दोनों की लाइफ का एक लक्ष्य कॉमन है और वह किसी बात के लिए परेशान नहीं रहना।' वहीं सोलानिका अपनी मां से धैर्य की सीख लेती हैं। युवाओं में एनर्जी काफी ज्यादा होती है और वे अपने सभी काम पूरी एनर्जी के साथ करते हैं, लेकिन जब मुश्किल आती है और जब प्रॉब्लम सामने होती है तो पेशंस रखना उनके लिए मुश्किल होता है। सोनालिका बताती हैं कि उनकी मम्मी पंकज बहुत ज्यादा धैर्यवान हैं और यह चीज वह अपनी मां से सीख रही हैं। 

मां-बेटी ने शेयर किए खट्टे-मीठे पल

मां-बेटी का रिश्ता बहुत अनूठा होता है और इसमें कई बार रूठना मनाना भी चलता है। पंकज और उनकी बेटी सोनालिका में भी कुछ बातों पर मीठी नोंकझोंक होती है। सोनालिका बताती हैं कि मम्मी कभी-कभी बहुत इमोशनल हो जाती हैं और मम्मी की यह चीज उन्हें अच्छी नहीं लगती। पंकज बताती हैं, 'सोनालिका अब बड़ी हो चुकी है, लेकिन मेरे लिए अभी भी वह मेरी लिटिल प्रिंसेस है। मुझे फील ही नहीं होता कि वह बड़ी हो गई है, लेकिन उसे लगता है कि मां को उसे बड़े की तरह ट्रीट करना चाहिए। जब मेरी बेटी रूठ जाती है तो उसे मनाने में भी मुझे मजा आता है।' 

एक-दूसरे की इन बातों को करती हैं पसंद

पंकज भदौरिया की तरह उनकी बेटी सोनालिका भदौरिया भी काफी स्ट्रॉन्ग हैं। पब्लिक लाइफ और अपनी प्रोफेशनल वर्किंग में वह हमेशा दृढ़ता के साथ अपनी बातें कहती हैं। इस बारे में पंकज कहती हैं, 'सोनालिका काफी स्ट्रॉन्ग हैं और मैं चाहती हूं कि वह हमेशा ऐसी ही बनी रहे। वह कभी अपनी कमजोरियों को दिखाती नहीं है। उसका आत्मविश्वास बहुत अच्छा लगता है, क्योंकि मैं इस मामले में कमजोर हूं।' वहीं सोनालिका को मां की सरलता और सहजता बहुत अपील करती है। वह बताती हैं, 'मां बहुत विनम्र हैं। मां सभी के साथ बहुत प्यार से बात करती हैं। मैं हमेशा विनम्र नहीं रह पाती, लेकिन मां की यह खूबी मुझे बहुत अपील करती है।'

बेटी के साथ है दोस्ती का रिश्ता

पंकज भदौरिया अपनी बेटी के लिए स्ट्रिक्ट मदर नहीं, बल्कि दोस्त बनकर रहती हैं। वह बहुत प्यार से अपनी बेटी से बात करती हैं। पंकज का मानना है कि बच्चों के साथ प्यार से पेश आने से वे ज्यादा आसानी से बात मान जाते हैं। पंकज बताती हैं, 'मैं हमेशा अपने बच्चों से कहती हूं कि मैं तुम्हारी बेस्ट फ्रेंड हूं। कोई ऐसा काम मत करना, जो तुम अपनी मां को ना बता पाओ। मैंने यही समझा कि बच्चों को प्यार से बोलने पर वे मान जाते हैं, जबकि गुस्से से बोलने पर वे नहीं सुनते।' अपनी बेटी सोनालिका के लिए उन्होंने खाने के सिवाय किसी और चीज के लिए सख्ती नहीं की है। सोनालिका बताती हैं कि कभी पढ़ाई-लिखाई के लिए उन्हें डांट नहीं पड़ी, कभी ये नहीं कहा गया कि तुम्हें ज्यादा मार्क्स लेकर आने हैं।'

पंकज भदौरिया और सोनालिका भदौरिया की इस खूबसूरत बॉन्डिंग से देश की सभी मां-बेटियां इंस्पिरेशन ले सकती हैं और अपनी जिंदगी को खुशनुमा बना सकती हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे जरूर शेयर करें, रिलेशनशिप को बेहतर बनाने से जुड़े आर्टिकल्स पढ़ने के लिए विजिट करती रहें हरजिंदगी।

Image Courtesy: Pankaj Bhadouria