भारत में रेप और महिलाओं के खिलाफ अन्य अपराधों की संख्या काफी बढ़ गई है और आलम ये है कि यहां इस तरह के अपराध का आंकड़ा दिन प्रति दिन बढ़ता चला जा रहा है। ऐसे हालात में मेरिन जोसफ ने जो किया है वो तारीफ के काबिल है। केरल के कोल्लम जिले में पुलिस कमिश्नर मेरिन जोसफ और उनकी टीम सऊदी अरब पहुंच गईं और एक बच्ची के रेपिस्ट को वहां से ले आई। ये पहली बार है जब इस तरह से सऊदी से किसी अपराधी को भारत वापस लाया गया है। 

मेरिन जोसफ जब रियाद पहुंची तब उन्हें शायद ये नहीं पता था कि उन्हें ये कैसे करना है पर उन्हें ये जरूर पता था कि अपराधी सुनील कुमार भड्रान को लेकर वापस भारत आना है। सुनील कुमार 13 साल की एक बच्ची के यौन शोषण के केस में दो साल से फरार था। वो सऊदी में टाइल वर्कर के तौर पर काम करता था। 2017 में जब वो छुट्टी मनाने केरल आया था तो उसने अपने दोस्त की भतीजी के साथ तीन महीने तक यौन शोषण किया। 

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वो कहानी जो सुनील से नफरत करने पर मजबूर कर देगी- 

13 साल की बच्ची बहुत परेशान हो गई और उसने अपने परिवार वालों को ये बता दिया। जब तक पुलिस को ये पता चला तब तक सुनील सऊदी भाग चुका था। लड़की को घर में भी नहीं रहने मिला और उसे सरकारी महिला मंदिर रेस्क्यू होम में भेज दिया गया। कोल्लम जिले के इस रेस्क्यू होम में 2017 में उस लड़की ने अपनी जान दे दी। तभी से सुनील को इस केस में सज़ा दिलाने के लिए पुलिस भागा-दौड़ी कर रही है। वो इंसान जिसने सुनील को दोस्त माना और उसे अपनी भतीजी के परिवार से मिलवाया उसने भी आत्महत्या कर ली। सुनील के वेहशीपन के कारण एक परिवार तबाह हो गया। 

MErin joseph ips kerala

मेरिन ने जून 2019 में कोल्लम जिले में कार्यभार संभाला और महिला और बच्चों के जुड़े जितने भी पेंडिंग केस थे उन्हें देखा। तभी मेरिन को सुनील के केस के बारे में पता चला। इसको लेकर पहले ही केरल पुलिस सऊदी पुलिस से बात कर चुकी थी और अंतरराष्ट्रीय जांच चल रही थी, लेकिन मेरिन के आने पर उन्होंने इस केस पर बहुत ज़ोर डाला। केरल पुलिस द्वारा इंटरपोल को 2017 में ही नोटिस दे दिया गया था, लेकिन जांच बहुत धीरे चल रही थी। 2010 में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह और सऊदी के राजा अब्दुल्लाह ने एक डील की थी जिसमें सऊदी में मौजूद उन भारतीयों को वापस भारत लाने की बात तय हुई थी जिनके खिलाफ केस चल रहे थे। पर 9 सालों में एक भी अपराधी को वापस भारत लाकर सज़ा नहीं दी गई। लेकिन मेरिन ने ये जिम्मा उठाया और सुनील कुमार पहला ऐसा अपराधी है जिसे वापस लाया गया है। 

कोई और अफसर होता तो शायद किसी जूनियर को भेजता इस काम के लिए, लेकिन मेरिन ने ये खुद किया। उनके अनुसार उन्हें नहीं पता इसके बारे में तो उन्हें जानना जरूरी है। ताकि वो टीम में बता सकें कि कैसे किसी अपराधी को दूसरे देश से कैसे लाया जाता है, कैसे दूसरे देशों में कागजात का इंतजाम किया जाता है और क्या नियम होते हैं। 

कब आईं थी चर्चा में? 

तीन साल पहले एक मीडिया संस्थान ने एक स्टोरी की थी जिसमें देश की खूबसूरत IPS का जिक्र था। केरल की IPS मेरिन जोसफ ने इसपर आपत्ती जताई थी कि महिलाओं को क्यों खूबसूरती के पैमाने पर जज किया जा रहा है उनके काम के नाम पर नहीं। उस समय मेरिन जोसफ सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड हुई थीं। धीरे-धीरे मेरिन की खूबियों के बारे में लोगों को पता चला और केरल की इस बहादुर आईपीएस के कई फैन बनते चले गए। अपनी ट्रेनिंग से लेकर अपने द्वारा सॉल्व किए गए केस तक मेरिन के कई कारनामे हैं। 

Merin joseph kerala

कुछ ऐसी रही मेरिन की जिंदगी- 

मेरिन जोसफ 25 साल की उम्र में ही IPS बन गई थीं। 20 अप्रैल 1990 को जन्मी मेरिन ने 6वीं क्लास में सोच लिया था कि उन्हें सिविल सर्विस ज्वाइन करनी है। इसके कुछ समय बाद उन्होंने परीक्षा की तैयारी शुरू कर ली थी। इतनी शुरुआत से तैयारी करने के कारण ही मेरिन पहली ही बार में IPS क्लियर कर गईं। मेरिन ने अपना जीवनसाथी चुना केरल निवासी साइकिएट्रिस्ट डॉ. क्रिस अब्राहम को। बचपन से ही मेरिन की दिलचस्पी पढ़ाई में रही। 

Merin joseph kerala police

आपको बता दें कि परेड कमांड करने वाले लोगों की लिस्ट में मेरिन सबसे कम उम्र की अफसर बनीं। मेरिन की ट्रेनिंग हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल नैशनल पुलिस अकादमी में हुई है। वहीं हथियारों की ट्रेनिंग भी ली है। उनकी ट्रेनिंग में उन्हें नंगे पैर चलना, सुबह जल्दी उठना, दूरदराज के इलाकों में अकेले रहना ये सब कुछ सिखाया गया है। 

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मेरिन कई लोगों के लिए प्रेरणा हैं। आज के समय में जहां भारत में बलात्कार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या इतनी बढ़ गई है वहां मेरिन वाकई किसी मिसाल से कम नहीं हैं।