तीन सबसे ऊंचे और खतरनाक रास्‍तों पर बाइक राइड कर चुकी हैं पल्‍लवी फौजदार

By Anuradha Gupta08 Mar 2018, 16:37 IST

जब भी हम एडवेंचर की बात करते हैं तो जहन में हमेशा किसी स्‍ट्रॉन्‍ग पर्सनालिटी वाले पुरुष की इमेज ही क्रिएट होती है। क्‍योंकि आज भी लोगों की मानसिकता वही है कि महिलाएं केवल रसोई के काम संभाल सकती हैं मगर एडवेंचर करना उनके बस की बात नहीं है। मगर लोगों की इस मानसिकता को देश की कई महिलाओं ने गलत साबित किया है और इन्‍हीं में से एक हैं, उत्‍तरप्रदेश के नोएडा में रहने वाली पल्‍लवी फौजदार। 

आपको जानकर हैरानी और खुशी दोनों ही होगी कि पल्‍लवी फौजदार विश्‍व की एकमात्र ऐसी महिला हैं, जिन्‍होंने तीन सबसे ऊंचे और खतरनाक रास्‍तों पर बाइक राइड की है और वो भी अकेले। अपने इस हुनर के लिए पल्‍लवी ने बहुत से अवॉर्ड भी हासिल किए हैं और नए रिकॉर्ड भी बनाए हैं। 2015 में पल्‍लवी को ग्‍लोबल महिला अवॉर्ड और 2017 में वुमेन डे केपल्‍ल दिन ही पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखजीं के द्वारा नारी शक्ति पुरस्‍कार से नवाजा जा चुका है। इतना ही नहीं वर्ष 2015 में 18774 फुट ऊंचाई पर स्थित माना पास तक का सफर बाइक से पूरा करने पर पल्‍लवी का नाम लिम्‍का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। 

पल्‍लवी को बाइक राइड का शौक कैसे और कब इस बारे में पूछने पर उन्‍होंने बताया कि बचपन में, 'जब होश संभाला ही थी, तब से पिता जी के साथ बाईक पर राइड के लिए जाया करती थी। मुझे बाइक पर बैठना बहुत पसंद था। बड़े होते-हाते शौक कब जुनून में बदल गा पता ही नहीं चला। जब बड़ी हुई तो बाइक चलाना सीखा और लंबी राइड पर जाने का मन होने लगा।' वैसे पल्‍लवी को केवल बाइक चलाने का शौक नहीं है। वह हर वो काम करना पसंद करती हैं, जिसे समाज की नजरों में केवल लड़के ही कर सकते हैं। वह बताती हैं, 'बाइक चलाती थी तब ही लोग कहते थे कि यह तो लड़कों का काम है। तब मुझे यही लगता था कि मैं लोगों को दिखा दूं की लड़कियां भी वो सारे काम कर सकती हैं जो लड़के कर सकते हैं।' 

इस बात को साबित करने के लिए पल्लवी ने अभी तक 15 ऊंचे रास्‍तों को पार करते हुए बाइक राइड की है। नापा जाए तो यह रास्‍ते लगभग 5000 मीटर से भी ज्यादा ऊंचे हैं. अभी हाल में ही पल्‍लवी ने 19332 फीट की ऊंचाई वाले उमलिंग्ला पास को पार किया। इतने ऊंचे रास्‍तों पर अकेले सफर तय करने के पीछे उनकी इंस्‍पीरेशन कौन है? इस सवाल का जवाब पल्‍लवी ने कुछ इस अंदाज में दिया, ' किसी भी व्‍यक्ति की इंस्‍पीरेशन उसके अंदर ही होती है। क्‍योंकि सभी को अपने रास्‍ते अकेले तय करने हैं और दिक्‍कतों को अकेले ही झेलना है। ऐसे में हर कोई खुद से ही इंस्‍पायर होता है। ' मगर पल्‍लवी अपने पेरेंट्स को भी अपनी सफलताओं की वजह बताती हैं। वह कहती हैं, ' किसी भी चीज में सफलता तब मिलती है, जब आप को अच्‍छी शिक्षा मिली हो। मेरे माता-पिता ने मुझे एक बहतर इंसान बनने में बहुत मदद की है और इस लिए आज मैं जो कुछ भी हूं उनकी ही वजह से हूं।'

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Producer: Prabhjot kaur

Editor: Atul Tripathi