फियरलेस नाडिया की बेखौफी से जिंदगी जीने की आदत के कारण उनका नाम आज भी याद किया जाता है। उन्हीं की तरह ऐसी और भी महिलाएं हैं जिन्होंने अपने साहस और प्रतिभा से इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है। HerZindagi ऐसी महिलाओं को सलाम करती है और अपनी ‘हीरोइन’ सीरिज के जरिए ऐसी महिलाओं की असल जिंदगी से रूबरू होने का मौका देती है। 

निडर नाडिया की बेखौफ जिंदगी 

फियरलेस नाडिया का जन्म 8 जनवरी 1908 में ऑस्ट्रेलिया में हुआ। मेरी एन इवांस उर्फ मेरी इवांस वाडिया को निडर नाडिया के नाम से भी जाना जाता था। 5 साल की उम्र में इंडिया आईं नाडिया ने यहीं पर घुड़सवारी, शिकार और शूटिंग जैसे हुनर सीखे थे। ‘निडर नाडिया’ को भारतीय सिनेमा में पुरुषों के वर्चस्वर को चुनौती देने वाली महिला के रूप में जाना जाता था। इन्हें इंडिया की पहली  महिला स्टंट आर्टिस्ट्स भी माना जाता है। साल 1930-1950 के बीच में आईं बॉलीवुड फिल्में जैसे डायमंड क्वीन, हंटरवाली, शेर दिल और तूफान क्वीन में फियरलेस नाडिया को दिखाया गया। इन फिल्मों में नाडिया बेखौफ अंदाज में स्टंट करती हुईं नजर आईं थीं। फियरलेस नाडिया का नाम सुनते ही एक ऐसी लड़की दिखाई देने लगती है जो बेखौफ अपने अंदाज में जिंदगी को जिया करती थीं।

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ऐसा कहा जाता है कि फियरलेस नाडिया को देख बॉलीवुड के कई सुपरस्टार्स ने स्टंट करना सीखा है। 

एक सर्कस में नाडिया अपने प्रोग्राम के दौरान प्रड्यूसर और फिल्ममेकर जमशेन बोमन होमी वाडिया से मिली और वो उनसे बहुत प्रभावित हुए। बाद में दोनों ने शादी कर ली। नाडिया ने कई हिंदी फिल्मों में मौत को मात देने वाले स्टंट किए। फिल्म 'हंटरवाली' से नाडिया को एक नई पहचान मिली थी और यह उस समय फीमेल लीड के साथ बनी पहली भारतीय फिल्मों में से एक थी।