कहते हैं कुछ ऐसे रिश्ते होते हैं जो जीते जी तो साथ रहते ही हैं और एक साथ भी मौत को भी गले लगा लेते हैं। कभी कभी रिश्तों के बीच प्यार इतना ज्यादा होता  है कि मौत भी उन्हें अलग नहीं कर पाती है। कुछ ऐसा ही था जनरल बिपिन रावत की और उनकी पत्नी मधुलिका रावत का रिश्ता, जिन्होंने जीते जी तो हमेशा एक दूसरे का साथ दिया और हेलीकॉप्टर क्रैश में एक साथ जान दे दी।

दरअसल सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत उसी हेलिकॉप्टर पर थीं जो 8 दिसंबर 2021, बुधवार को तमिलनाडु के कुन्नूर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। वह आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष थीं। मधुलिका की शादी बिपिन रावत से तब हुई थी जब वह आर्मी में कैप्टन थे। हाल ही में दोनों की दुखद मृत्यु ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया है। आइए जानें मधुलिका रावत कौन थीं और क्या है उनके जीवन की कहानी। 

मधुलिका रावत का शुरूआती जीवन 

madhulika rawat life story

मधुलिका रावत का जन्म भारत के मध्य प्रदेश राज्य के शहडोल में हुआ था। वह एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और मीडिया से संबंधित हस्ती थीं, जिन्हें भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पत्नी के रूप में जाना जाता था। मधुलिका रावत ने अपनी स्कूली शिक्षा ग्वालियर के सिंधिया कन्या विद्यालय से की और दिल्ली विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में पूरी की। वह मध्य प्रदेश के शहडोल की रहने वाली थीं। मधुलिका के पिता मृगेंद्र सिंह शाडोल जिले के सोहागपुर रियासत के रियासतदार थे और वह 1967 और 1972 में कांग्रेस के विधायक भी थे। मधुलिका ने साल 1986 में बिपिन रावत से शादी की थी और तभी से वो दोनों साथ थे। 

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शादी के बाद कैसा था मधुलिका का जीवन 

bipin rawat and madhulika

साल 1986 में जब मधुलिका जी की बिपिन रावत से शादी हुई तब वो भारतीय सेना में एक जनरल थे। शादी के बाद, मधुलिका ने अपने पति के बिना कई साल बिताए क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तैनात थे। बाद में बिपिन रावत अपने परिवार को साथ ले गए। उनकी दो बेटियां तारिणी रावत और कृतिका रावत हैं। मधुलिका हमेशा दूसरों की मदद करना चाहती थीं । इसलिए, वह कई एनजीओ और वेलफेयर सोसाइटी के लिए काम करती थीं। उनका मुख्य उद्देश्य सेना के जवानों की पत्नियों की मदद करना था इसलिए वह डिफेंस वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष बनीं थीं।(10 फेमस सेल्फ-मेड महिला उद्यमी)

दूसरों की मदद के लिए थीं सक्रिय 

मधुलिका आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष थीं , जो रक्षा सदस्यों के परिवारों के कल्याण के लिए काम करती है और शहीद सैनिकों के परिवारों के समर्थन और उत्थान में सहायक है। मधुलिका 'वीर नारीज' जैसे एन जी ओ से भी जुड़ी थीं जो सैन्य कर्मियों की विधवाओं, विकलांग बच्चों और कैंसर रोगियों की मदद करती है। मधुलिका जी का पूरा जीवन दूसरों की सेवा और जरूरतमंदों की मदद में कुर्बान हो गया। 

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कैसे हुई मधुलिका जी की मृत्यु

madhulika rawat death

मधुलिका रावत की मृत्यु 08 दिसंबर 2021 को भारत के तमिलनाडु राज्य के कुन्नूर में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हो गई। वह अपने पति बिपिन रावत और 14 अन्य सदस्यों के साथ एक हेलीकॉप्टर (IAF Mi-17V5) में सवार थीं। हेलीकॉप्टर कुन्नूर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और इस दुखद हादसे में मधुलिका, जनरल बिपिन रावत समेत उसमें सवार सभी सदस्यों की मौत हो गई। एमआई-17वी5 हेलिकॉप्टर उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया जब सीडीएस बिपिन रावत वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में व्याख्यान देने जा रहे थे। (साल 2021 में पद्म अवॉर्ड्स से सम्मानित महिलाएं )

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माता -पिता ने छोड़ा बेटियों का साथ 

यह हादसा पूरे देश के लिए तो दुखद था ही लेकिन उनकी दोनों बेटियों के लिए ये सबसे ज्यादा दुःख की घड़ी है। इस हादसे ने सीडीएस बिपिन रावत और मधुलिका जी की दोनों बेटियों के सिर से माता-पिता का साया ही छिन गया है। उनकी बड़ी बेटी कीर्तिका रावत, जिनकी शादी हो चुकी है वो मुंबई में रहती हैं। वहीं छोटी बेटी तारिणी रावत दिल्ली में रहकर हाईकोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस कर रही हैं।

कुछ ऐसी थी जनरल बिपिन रावत और मधुलिका रावत के जीवन की कहानी, आज भले ही वो हमारे बीच मौजूद न हों लेकिन देश के लिए उनके कुर्बानी सदियों तक याद रखी जाएगी।हरजिंदगी की तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि। 

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