करियर को लेकर हमेशा मन में चिंता बनी रहती है। कई बार ये सोचना भी मुश्किल हो जाता है कि आखिर क्या चुना जाए। शौख को करियर बनाने की प्रथा भारत में थोड़ी कम फॉलो की जाती है। शौख बड़ी चीज़ है ये विज्ञापन में तो कहा जाता है, लेकिन अगर सही मायनों में देखा जाए तो इसे भारत में अपनाया नहीं गया है। खास तौर पर जब महिलाओं की बात आती है तब तो ये बिलकुल नहीं किया जाता। उन्हें तय करियर ऑप्शन चुनने होते हैं। पर कुछ ऐसी भी होती हैं जो इसे लेकर आगे बढ़ जाती हैं और अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीती हैं।  

आज हम बता रहे हैं ऐसी ही 5 महिलाओं के बारे में जो जमाने के लाख डराने पर डरीं नहीं बल्कि वो आगे बढ़ीं और अपना करियर ऐसा बनाया कि लोग देखते रह गए।  

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1. सर्फिंग-  

भारत में सर्फिंग वैसे भी कॉमन नहीं है और लोगों को इस एडवेंचर स्पोर्ट के बारे में ठीक से जानकारी भी नहीं होती है। इसके अलावा, हमने अधिकतर पुरुषों को ही देखा है जो पूरी दुनिया में सर्फिंग के लिए अपना नाम बनाते हैं। पर महिलाओं को भी कम मत समझिए। हमारे देश की इशिता माल्विया ही पूरी दुनिया में फेमस हैं क्योंकि मुंबई की इशिता भारत की पहली सर्फिंग करने वाली लड़की हैं। गोरी त्वचा और बहाव के साथ बहने वाली भारत की मानसिकता को इशिता बहुत अच्छे से तोड़ रही हैं।  ऊपर दी हुई इशिता की तस्वीर उनका कॉन्फिडेंस दिखाती है।

2. बॉक्सिंग- 

मैरी कॉम का नाम अगर किसी ने नहीं सुना तो उसे सब काम छोड़कर सबसे पहले मैरी कॉम का नाम सर्च करें और उनके बारे में पढ़ें जिन्होंने पांच बार वर्ल्ड चैम्पियन बनकर भारत का नाम ऊंचा किया है। मनीपुर की मैरी कॉम प्रोफेश्नल बॉक्सर हैं और ये हमारा दुर्भाग्य है कि वो फेमस तब हुईं जब प्रियंका चोपड़ा ने उनपर फिल्म बनाई। मैरी कॉम ने पुरुषसत्ता को तोड़ा और बॉक्सिंग में वर्ल्ड चैम्पियन बनीं। वो लड़कियों को और ज्यादा प्रेरित करती हैं अपना पैशन फॉलो करने के लिए।  

women with career

3. बारटेंडर- 

देश का वो प्रोफेशन जो 10 साल पहले तक पूरी तरह से पुरुषों की सत्ता माना जाता था वो अब महिलाओं के हाथ आने लगा है। कई ड्रिंक्स मिलाकर बेहतर ड्रिंक बनाना और लोगों को अपने हुनर की पहचान करवाना अब सिर्फ पुरुषों के हाथ नहीं महिलाओं के साथ भी है। शत्भी बासू का नाम जान लीजिए। 53 साल की शत्भी ने तब बारटेंडिंग शुरू की जब ये पुरुषों के लिए भी सही करियर ऑप्शन नहीं माना जाता था। आज वो STIR चला रही हैं जो एक प्रोफेश्नल बारटेंडिंग इंस्टिट्यूट है।  

women bartender

4. बस ड्राइवर- 

वो लोग जो कहते हैं कि महिलाएं खराब ड्राइविंग करती हैं उन्हें प्रेमा रामप्पा नाडापट्टी से मिलना चाहिए। प्रेमा बेंगलुरु की पहली BMTC बस ड्राइवर हैं और इस 'पुरुषों के करियर' को अपना बना चुकी हैं। वो ये साबित करती हैं कि न सिर्फ महिलाएं अच्छी ड्राइवर होती हैं बल्कि वो जिम्मेदारी भी निभाती हैं। कई सालों पहले जब प्रेमा के पति की मृत्यु हुई थी तब उन्होंने कुछ अलग चुना अपने लिए और अपने काम को बखूबी निभाया। 

women bus driver

5. प्राइवेट डिटेक्टिव- 

जब लड़कियों को कहा जाता है कि वो अंधेरे में न निकलें वहीं रजनी पंडित ने अपने लिए ऐसा करियर चुना जो किसी भी वक्त उन्हें अपने घर से काफी दूर पहुंचा सकता है। कितना मुश्किल है किसी महिला के लिए ऐसा करियर चुनना जो सुरक्षित न हो। रजनी पंडित एक प्राइवेट डिटेक्टिव हैं। उन्होंने अपना पहला केस परिवार के सपोर्ट से हल किया था और 1991 में उन्होंने अपनी प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी खोल ली।  

women detective

तब से लेकर अब तक रजनी 30 जासूसों के साथ काम कर चुकी हैं और करीब 20 केस हर महीने सुलझाती हैं।  

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