भारत में जहां महिलाएं सैनेटरी पैड्स का इस्तेमाल ज्यादा करती हैं वहीं मेंस्ट्रुअल कप (menstrual cup) उतने लोकप्रिय नहीं हैं। शायद ही आपके ग्रुप में कोई ऐसी महिला होगी जो इसका इस्तेमाल करती होगी। मेंस्ट्रुअल कप में लीक की समस्या नहीं होती और ये पैड्स और टैम्पून की तुलना में बहुत ज्यादा किफायती होते हैं। Lancet संस्था की एक Study कहती है कि पूरी दुनिया में इसके करीब 199 ब्रांड्स हैं जो 99 देशों में हैं, लेकिन इसको लेकर जागरुकता बिलकुल भी नहीं है।  

‘Menstrual cup use, leakage, acceptability, safety, and availability: a systematic review and meta-analysis’ इस स्टडी का टाइटल है। ये स्टडी बताती है कि मेंस्ट्रुअल कप को लेकर महिलाओं की जानकारी काफी कम है। इसी के साथ, इन कप्स के लीक होने उनकी सुरक्षा और उनकी उपलब्धता के बारे में भी बताया गया है। इसमें सर्वे के आधार पर नतीजे निकाले गए हैं और उन महिलाओं से बात की गई है जो इसे इस्तेमाल करती हैं। ग्लोबल लेवल पर ये पहला मेंस्ट्रुअल कप का रिव्यू है। तो चलिए आज हम भी जानते हैं इनके बारे में-  

Menstrual cup design

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क्या होते हैं मेंस्ट्रुअल कप- 

मेंस्ट्रुअल कप छोटे सिलिकॉन के बने हुए कप होते हैं जो वजाइना से पीरियड ब्लड इकट्ठा करने का काम करते हैं। इन्हें 8-10 घंटे में एक बार बदलना होता है। सिर्फ उन महिलाओं को इसे जल्दी बदलना होता है जिन्हें ज्यादा फ्लो होता है। ये शेप, साइज और मटेरियल के हिसाब से बहुत सारी तरह के आते हैं। 

 

मेंस्ट्रुअल कप के साइज-

छोटे कप साइज उन महिलाओं के लिए होते हैं जिनकी डिलिवरी नहीं हुई होती है। अक्सर 30 साल से कम उम्र की महिलाओं के लिए ये साइज होते हैं और उससे ज्यादा की उम्र वाली महिलाओं के लिए बड़े साइज होते हैं। 

Menstrual cup safe

लगाने और निकालने का तरीका-

इसको लगाने के लिए अपने हाथों को अच्छी तरह धो लें। किसी ल्यूब्रिकेंट ट्यूब या पानी को कप की rim पर लगा दें। अभी कप को फोल्ड करें rim साइड को ऊपर की तरफ रखें और इसे वजाइना में डालें। ये टैम्पून की तरह ही इस्तेमाल होगा। इसके बाद इसे रोटेट करें जिससे कप खुल जाएगा। अगर ये ठीक से लगाया गया है तो ये बिलकुल भी दिक्कत नहीं देगा। उठना-बैठना, उछलना-कूदना सब कुछ हो जाएगा। इसे इस्तेमाल करने के पहले डॉक्टर से बात जरूर कर लें। 

Menstrual cup latest research

इसे निकालने के लिए भी ऐसा ही प्रोसेस है। कप की stem की मदद से उसे निकालना है। ये बहुत जरूरी है कि कप का सही साइज मिले इसलिए इस्तेमाल से पहले आप पूरी रिसर्च कर लें। कई रिव्यू पढ़ लें और वीडियो देख लें ताकि मदद मिले। 

क्यों इस्तेमाल करना चाहिए इसे?

Lancet study के मुताबिक ये न सिर्फ आपके पैसे बचाएगा बल्कि कचरा भी कम पैदा करेगा। इसकी कीमत एक बार खदीरने में ज्यादा लगेगी, लेकिन एक कप 6 महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है। 

कैसे साफ करें?

क्योंकि ये 6 महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है इसलिए इसे सही तरीके से साफ करना बहुत जरूरी है। इसके लिए ट्यूटोरियल देखे जा सकते हैं। नॉर्मल डिटर्जेंट से साफ न करें। इसी के साथ वजाइना के लिए भी कुछ वॉश आते हैं जिन्हें इस्तेमाल किया जा सकता है। मेन्सट्रुअल कप बहुत ज्यादा सुविधाजनक होते हैं। एक बार आपको उनकी आदत लग गई तो आप स्विमिंग करने से लेकर खेल कूद तक लगभग हर तरह का काम कर सकती हैं जो बिना पीरियड्स के कर सकती हैं।

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एक बार अगर इनके बारे में जान लें तो पीरियड की तकलीफ से बचा जा सकता है। ये पर्यावरण के लिए भी अच्छे होते हैं क्योंकि इनसे जितना कचरा 10 सालों में फैलता है उतना दो बार पीरियड में पैड्स से फैल जाता है। इन्हें इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि आपको बिलकुल भी रिसर्च के बिना इन्हें न इस्तेमाल करें। अपनी डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा सही हो सकता है।