साल 2020 में जब से कोरोना वायरस ने हम सब की जिंदगी में दस्तक दी है, हम सब के जीने का तरीका पूरी तरह से बदल गया है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए कई तरह की नई तकनीक और दवाइयों की खोज जारी है। सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करना, मास्क पहनना और वैक्सीन लगवाना ऐसे हथियार हैं जो इस लड़ाई में हमारे लिए काफी कारगर  हथियार साबित हो रहे हैं।

ऐसे में अगर आपको कोई ऐसा मास्क मिल जाए जो कोरोना संक्रमण का पता लगाने में कारगर हो तो आपका रिएक्शन कैसा होगा? यह कोई कल्पना नहीं है, बल्कि एक हकीकत है।  Massachusetts Institute of Technology (MIT) और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में वाइस इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल इंस्पायर्ड इंजीनियरिंग के इंजीनियर्स की एक टीम ने यह कारनामा करके दिखाया है। उन्होंने एक ऐसा मास्क तैयार किया है जो करीब 90 मिनट में वायरस का पता लगाने में सक्षम है।

कैसे करता है काम

Unique Mask Made By Harvard And Mit

आपको बता दें कि इस मास्क पर छोटे-छोटे डिस्पोजेबल सेंसर लगे हैं। इन डिस्पोजेबल सेंसर को दूसरे मास्क पर भी लगाया जा सकता है। इस मास्क से संक्रमण का पता बहुत आसानी से चल जाएगा। यह सेंसर केवल कोरोना ही नहीं बल्कि अन्य वायरस संक्रमण का भी पता लगाने के लिए भी यूज किया जा सकता है। इन डिस्पोजेबल सेंसर को केवल फेस मास्क ही नहीं बल्कि प्रयोगशालाओं में स्वास्थ्य कर्मियों के कोर्ट पर भी लगाया जा सकता है। इससे उन्हें वायरस के खतरों पर नज़र रखने में मदद मिलेगी। आपको बता दें कि साइंस की मशहूर मैंगिन 'नेचर बायोटेक्नोलॉजी' में इस मास्क डिजाइन के बारे में बताया गया है।

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MIT के प्रोफेसर ने यह कहा

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अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के प्रोफेसर जेम्स कॉलिन्स ने एक मीडिया हाउस से बात करते हुए कहा कि हमने देखा कि वायरल और बैक्टीरियल न्यूक्लिक एसिड का पता लगाने के लिए कई तरह के सिंथेटिक जैविक सेंसर का उपयोग किया जा सकता है। इससे कई जहरीले रसायनों का भी पता लगाने में आसानी होगी। उसी इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इस मास्क पर छोटे-छोटे डिस्पोजेबल सेंसर लगे हैं जिसे साधारण मास्क पर भी लगाया जा सकते हैं। (शॉपिंग या ट्रैवल के वक्त क्या gloves पहनने से होगा फायदा?)

आम लोग भी कर सकते हैं इस मास्क का इस्तेमाल

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MIT के  प्रोफेसर और अध्ययन के सह-लेखक पीटर गुयेन एक मीडिया हाउस से इंटरव्यू में कहा कि यह मास्क लोगों को महंगे टेस्ट से बचा सकता हैं। इस मास्क का इस्तेमाल किसी गैस प्लांट या खतरनाक लैब्स में काम वाले लोग भी कर सकते हैं। रिसर्चर्स इस मास्क की बड़े स्तर पर उत्पादन के लिए  मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर की तलाश कर रहे हैं ताकि इस मास्क की उपलब्धता आम लोगों तक हो सकें।

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कोरोना में मास्क क्यों है जरूरी

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दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यह मानना है कि मास्क पहनने से कोरोना से ज्यादा से ज्यादा बचाव में मदद मिलती है। स्वस्थ लोगों के लिए भी इसका उपयोग बहुत जरूरी है क्योंकि कोरोना संक्रमित कई लोगों में यह देखा गया है कि लक्षण नहीं होते हुए भी वह कई लोगों को संक्रमित करने में सक्षम है। कोरोना के नए और खतरनाक वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट से बचाव के लिए भी मास्क पहनना बेहद जरूरी है।

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