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हेल्दी रहने के लिए दुनियाभर के यह अजीबो-गरीब थेरेपी करवाते हैं लोग

दुनियाभर में लोग खुद को हेल्दी रखने के लिए कई तरह की अजीबो-गरीब थेरेपी का सहारा लेते हैं। जानिए इस लेख में। 
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  • Mitali Jain
  • Editorial
Published -23 Sep 2022, 17:58 ISTUpdated -23 Sep 2022, 17:58 IST
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health therapies in the world

आज के समय में लोग किसी ना किसी तरह की समस्या से ग्रस्त होते हैं। अधिकतर मामलों में, समस्या के उपचार के लिए दवाइयों का सहारा लिया जाता है। लेकिन हर बार सिर्फ दवाई का ही सेवन किया जाए, यह सही नहीं है। अमूमन दवाओं के अपने कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते हैं और इनकी अधिकता व्यक्ति पर विपरीत प्रभाव भी डाल सकती है।

इसलिए, अब लोग खुद को हील करने के लिए अल्टरनेटिव तरीकों को अपनाते हैं। जिसके तहत वह कई तरह की थेरेपी की मदद लेते हैं। वर्तमान में, थेरेपी के जरिए समस्या का समाधान ढूंढना बेहद आम हो चुका है। लेकिन क्या आपको पता है कि दुनियाभर में लोग ऐसी थेरेपी भी करवाते हैं, जिनके बारे में आपने शायद ही पहले कभी सुना हो। यहां तक कि जब लोग पहली बार इन थेरेपी के बारे में सुनते हैं, तो उन्हें अपने कानों पर विश्वास ही नहीं होता। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको दुनियाभर में की जाने वाली इन अजीबो-गरीब थेरेपी के बारे में बता रहे हैं- 

ट्रेन ट्रैक थेरेपी

यह एक ऐसी थेरेपी है, जिसके बारे में जानकर शायद आपको डर भी लगे, लेकिन इंडोनेशिया में, मधुमेह से लेकर उच्च रक्तचाप तक का इलाज करने के लिए लोग इस थेरेपी का सहारा लेते हैं। इसमें लोग ट्रेन की पटरी पर लेट जाते हैं और उनके शरीर का ऊपरी आधा हिस्सा एक रेल की पटरी पर और उनके पैर दूसरे पर होते है। फिर वे विपरीत ट्रैक पर ट्रेन के खड़खड़ाने का इंतजार करते हैं और रेल से गुजरने वाले छोटे इलेक्ट्रिकल करंट को उनका शरीर अवशोषित करता है। इस ट्रेन ट्रैक थेरेपी का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, लेकिन फिर भी लोगों का इसकी तरफ झुकाव काफी बढ़ रहा है।

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नमक से किया जाता है इलाज

salth therapy

कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए महिलाएं नमक का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन यूरोप में लोग सॉल्ट थेरेपी को अपनाते हैं। जिसमें व्यक्ति को नमकीन हवा में सांस लेने की आवश्यकता होती है। यूरोप में लोग श्वसन संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए इस थेरेपी का सहारा लेते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान व्यक्ति को एक रेग्युलेटेड सॉल्ट रूम में बिठाया जाता है।

फायर थेरेपी 

fire theraphy

आग अक्सर लोगों को जलाती है, लेकिन चीन में लोग आग का इस्तेमाल अपनी बीमारी दूर करने के लिए करते हैं। इसे फायर थेरेपी कहा जाता है। यह थेरेपी दर्द के इलाज के लिए काफी अच्छी मानी गई है। इसके अलावा तनाव से लेकर कैंसर जैसी कई बीमारियों के इलाज के लिए भी लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। इस थेरेपी के दौरान पहले कई तरह के हर्ब्स से बना एक लेप व्यक्ति के शरीर पर लगाया जाता है। फिर उसे तौलिए से कवर करके उस पर पानी और अल्कोहल का छिड़काव किया जाता है। अंत में, शरीर में आग लगा दी जाती है।

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जोंक थेरेपी 

जोंक थेरेपी जिसे लीच थेरेपी भी कहा जाता है, एक ब्लड प्यूरिफिकेशन थेरेपी होती है। यह एक ऐसी थेरेपी है, जो मधुमेह से लेकर कैंसर और हद्य रोगों में लाभकारी मानी गई है। इस थेरेपी के दौरान व्यक्ति का संपर्क औषधीय जोंक के करवाया जाता है। जो व्यक्ति के शरीर के अशुद्ध रक्त को चूसकर ब्लड को प्यूरिफाई करते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान यह जोंक रक्त में कुछ ऐसे एंजाइम भी छोड़ते हैं जो व्यक्ति की हीलिंग पावर और इम्युन सिस्टम को बूस्ट करने में मददगार होते हैं।

तो आपको इन थेरेपी के बारे में जानकर इन पर विश्वास हुआ? आप इनमें से किस थेरेपी को करवाना पसंद करेंगे, अपनी राय हमारे साथ फेसबुक पेज के कमेंट सेक्शन पर अवश्य साझा कीजिएगा।

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Image Credit- freepik, yuvannaturefoundation

 

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