दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश आदि बड़े राज्यों में आज भी नहाने और कपड़े साफ करने के लिए अलग पानी और पीने के लिए अलग पानी की सप्लाई होती है। नहाने के लिए तो ठीक है लेकिन, पीने वाले पानी को इन राज्यों में लाखों लोग घर में स्टोर करते हैं और समय-समय पर इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पानी को किसी भी तरीके से स्टोर करना और इस्तेमाल करना कभी-कभी हानिकारक भी साबित हो जाता है। ऐसे में ज़रूरी हो जाता है कि पीने वाले पानी को कैसे स्टोर करें, जिससे सेहत को कोई नुकसान नहीं पहुंचें। आज इस लेख में आयुर्वेद की डॉक्टर रेखा राधामोनी इसके बारे में बताने जा रही हैं कि आयुर्वेद के अनुसार पानी को कैसे स्टोर करना चाहिए, तो आइए जानते हैं।

मिट्टी का घड़ा 

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कहते हैं 'दो बोतल पानी से अगर प्यास ना बुझे तो, एक से दो गिलास घड़े का पानी सेवन करके देखिए, यकीन घड़े की पानी से प्यास भी बुझेगी और शरीर की तमाम बीमारियां भी दूर हो सकती हैं'। आयुर्वेद में भी पानी को स्टोर करने का सबसे बेहतरीन तरीका है मिट्टी का घड़ा। डॉक्टर रेखा के अनुसार मिट्टी का घड़ा अन्य किसी बर्तन के मुकाबले सही होता है और इसमें से पानी पीना फायदेमंद साबित हो सकता है।

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मिट्टी के घड़े का पानी पीने के फायदे

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डॉक्टर रेखा मिट्टी के घड़े में पानी स्टोर करने के साथ-साथ इसके फायदे के बारे में भी जिक्र करती हैं। उनके अनुसार मिट्टी के घड़े का पानी पीने से पेट में गैस की समस्या से लेकर स्किन की समस्या आसानी से दूर हो सकती है। घड़े का पानी पीने से पाचन तंत्र भी ठीक रहता है। रेखा आगे कहती हैं कि 'मिट्टी के नए घड़े के मुकाबले पुराने तरीके से बने घड़े बेहतरीन हो सकते हैं। इसके अलावा घड़े से पानी निकालने के बाद ढक्कन को बंद करना भी बहुत ज़रूरी है'।

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तांबे के बर्तन में करें पानी स्टोर 

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मिट्टी के घड़े के अलावा आप तांबे के बर्तन में भी पानी को स्टोर कर सकते हैं। तांबे के बर्तन में स्टोर किए पानी को पीने से पेट ठंडा रहता है और इससे किसी भी तरह की परेशानी भी नहीं होती है। हालांकि, डॉक्टर रेख ये भी कहती हैं कि अगर आप गम की समस्या से परेशान रहते हैं, तो इस पानी के सेवन से बचाना चाहिए। इसके अलावा आगे वो कहती है कि जिस तांबे के बर्तन में पानी स्टोर कर रहे हैं उसमें किसी तरह की चीज को गर्म न करें।

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मिट्टी और तांबे के बर्तन का आकार कैसा हो?

मिट्टी के बर्तन और तांबे के बर्तन में पानी स्टोर करना ही सिर्फ समझदारी वाली बात नहीं है, बल्कि उसका आकार भी बहुत निर्भर करता है। आयुर्वेद के अनुसार पानी को स्टोर करने के लिए हमेशा राउंड बर्तन का ही इस्तेमाल करना चाहिए।     

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