यह तो हम सभी जानती है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए अच्छा खाना जितना जरूरी है, उतनी ही आवश्यक है एक अच्छी नींद लेना। अगर सही तरह से नींद ना ली जाए तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इसलिए डॉक्टर और बड़े-बूढ़े जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की सलाह देते हैं। अधिकतर लोग  अच्छे स्वास्थ्य के लिए आठ घंटे की नींद लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि आप आठ घंटे नींद तो लेते हैं, लेकिन साथ ही साथ स्लीप से जुड़े कुछ मिथ्स पर भरोसा भी करते हैं। जिसका हर्जाना आपकी सेहत को भुगतना पड़ता है। तो चलिए आज हम आपको ऐसे ही कुछ स्लीप मिथ्स के बारे में बता रहे हैं, जिस पर अमूमन महिलाएं विश्वास करती हैं। आज हम आपको उन मिथ्स के साथ-साथ उनकी वास्तविक सच्चाई के बारे में भी बताएंगे-

मिथ 1- खर्राटे लेना पुरूषों में आम समस्या है और यह बिल्कुल भी हानिकारक नहीं है।

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सच्चाई

हालांकि खर्राटे लेना अधिकतर लोगों के लिए हानिरहित हो सकता है, लेकिन कभी-कभी यह life threatening नींद से जुड़ी बीमारी जिसे स्लीप एपनिया कहा जाता है, का लक्षण हो सकता है। खासतौर पर, अगर दिन के समय सोते समय आपको खर्राटों की प्रॉब्लम हो। स्लीप एपनिया में सांस लेने में रुकावट होती है जो हवा को किसी सोते हुए व्यक्ति के वायुमार्ग में बहने से रोकती है। स्लीप एपनिया वाले लोग रात में सांस के लिए हांफने के दौरान अक्सर जागते हैं। साँस लेने से रक्त ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है, जिससे कार्डियोवैसक्युलर सिस्टम में खिंचाव हो सकता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। लगातार या नियमित आधार पर खर्राटे लेना उच्च रक्तचाप से भी जुड़ा हुआ है।

मिथ 2- दिन में सोने का अर्थ है रात में पर्याप्त नींद ना लेना

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सच्चाई

कुछ लोग दिन में सोते हैं और ऐसा समझा जाता है कि दिन में सोने का अर्थ है कि आपने रात में पर्याप्त रूप से नींद नहीं ली है। ऐसा कभी-कभी हो सकता है। लेकिन अत्यधिक दिन की नींद एक ऐसी स्थिति है जिसमें एक व्यक्ति दिन के दौरान बहुत उनींदापन महसूस करता है और जब उसे पूरी तरह से सतर्क और जागृत होना चाहिए, तब भी वह सो जाना चाहता है। यह स्थिति पर्याप्त रात की नींद लेने के बाद भी हो सकती है। यह स्लीप डिसऑर्डर जैसे नार्कोलेप्सी या स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है। इसलिए अगर आपको दिन में बहुत अधिक नींद आती है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और डॉक्टर से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

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मिथ 3- रात को व्यायाम करने से नींद में खलल पड़ता है

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सच्चाई- कुछ महिलाएं यह मानती हैं कि रात में व्यायाम नहीं करना चाहिए, इससे एक अच्छी नींद आने में समस्या उत्पन्न होती है। हालांकि, ऐसा कुछ भी नहीं है। शोधकर्ताओं ने नींद पर रात के व्यायाम का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखाया है। वास्तव में, व्यायाम और नींद परस्पर लाभकारी हो सकते हैं। 

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मिथ 4- कभी भी या कहीं भी सो जाना एक अच्छे स्लीपर का संकेत है

सच्चाई

यह भी सच नहीं है। जब आप कहीं पर भी सो जाते हैं या फिर दिन में किसी भी समय सो जाते हैं तो यह बताता है कि आप नींद से जुड़े किसी डिसऑर्डर का सामना कर रहे हैं। यह आपके लिए कभी-कभी घातक भी साबित हो सकता है, क्योंकि इससे आपके चोटिल होने की संभावना अधिक होती है।

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मिताली जैन