अगर हम आपसे पूछें कि आप कौन सी करवट से सोती हैं तो शायद यह सवाल आपको थोड़ा अजीब लगेगा। आपको लगेगा भला नींद का करवट से क्‍या लेना-देना। लेकिन सोने के तरीके का आपकी सेहत पर बहुत असर पड़ता है। 
हमारी सेहत पर उठने-बैठने से लेकर खान-पान का बहुत असर पड़ता है। यह बात तो शायद हम सभी जानती हैं लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि आपके सोने के तरीके का भी आपकी सेहत पर बहुत असर पड़ता है। जी हां हम किस साइड करवट लेकर सोते हैं। इन सभी का हमारी सेहत पर असर पड़ता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि सोते समय बाई करवट लेकर सोने से सेहत कैसे अच्‍छी रहती हैं।

बाईं करवट सोना

पूरी रात एक ही करवट में सोते रहना संभव नहीं होता है। लेकिन हम जिस भी करवट मे सोती है इसका असर केवल हमारे अंगों पर ही नहीं बल्कि दिमाग पर भी पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाईं करवट लेकर सोने से शरीर पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। इससे बॉडी का ब्‍लड सर्कुलेशन अच्‍छा होता है जिससे नींद अच्छी आती है। इसके साथ ही दिल के रोग, पेट से जुड़ी परेशानियां, थकान, और अन्‍य हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स दूर होती है।

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एक्सपर्ट के अनुसार

बाईं ओर करवट लेकर सोने से बॉडी में जमा होने वाले टॉक्सिन धीरे-धीरे लसिका तंत्र द्वारा निकल जाते हैं। दरअसल बाईं ओर सोने से हमारे लीवर पर किसी प्रकार का कोई प्रेशर नहीं पड़ता, इसलिए यह टॉक्सिन बॉडी से बाहर निकलने में सफल हो जाते हैं। इससे हमारे डाइजेस्टिव सिस्‍टम को आराम मिलता है। सोने से पेट और पैंक्रियास खाना पचाने का काम आराम से करने लगते हैं। पैंक्रियास से एंजाइम सही समय पर निकलना शुरू होता है। खाया गया भोजन भी आराम से पेट के जरिए नीचे पहुंचता है और आराम से खाना हजम हो जाता है।

अच्छी नींद
sleeping left side inside

एक शोध के मुताबिक बाईं करवट सोने से दिमाग भी ठीक रहता है और आप सुबह सुबह तरोताजा उठते है। इससे रीढ की हड्डी और बैक पेन आदि में भी आराम मिलता है। बाईं करवट सोने वाली महिलाएं खुश और पॉजिटिव लाइफ जीती हैं। इसके अलावा अगर आपको अस्थमा की प्रॉब्‍लम है तो भी बाईं करवट सोना आपके लिए अच्‍छा रहता है।

डायजेशन में सुधार

अच्छी नींद पेट से जुड़ी समस्याओं को जल्दी निपटा देती है। बायीं ओर करवट करके सोने से खाना हजम होने में आसानी होती है। अग्न्याशय से एंजाइम सही समय पर निकलना शुरु होता है। खाया गया भोजन भी आराम से पेट के जरिये नीचे पहुंचता है और आराम से खाना डायजेस्‍ट हो जाता है। जिन महिलाओं का हाजमा गड़बड़ रहता है और बदहजमी की शिकायत रहती है, उन्हें डाक्टर बायीं करवट लेटने की सलाह देते हैं। बाईं ओर सोने की वजह से ग्रेविटी, भोजन को छोटी आंत से बड़ी आंत तक आराम से पहुंचाने में मदद करती है। इस वजह से सुबह के समय आपका पेट आराम से साफ होगा। आप स्वयं इससे मिलने वाले फायदे का अनुभव कर सकेंगी।

हार्ट पर प्रेशर होता है कम
heart health sleeping inside

बाईं ओर करवट लेकर सोने से हार्ट पर भी कम प्रेशर पड़ता है क्‍योंकि उस समय हार्ट तक ब्‍लड की सप्‍लाई काफी अच्‍छी मात्रा मे हो रही होती है। अगर आपका हार्ट हेल्‍दी रहेगा तो ब्‍लड व आक्‍सीजन की सप्‍लाई आसानी से बॉडी और दिमाग तक भी पहुंचेगा। बाईं करवट में सोने से ब्‍लड सर्कुलेशन सही रहता है।

प्रेग्‍नेंट के लिए अच्‍छा

प्रेग्‍नेंट महिलाओं को भी बाईं करवट लेकर ही सोना चाहिये इससे ब्‍लड सर्कुलेशन सही रहता है, और साथ ही होने वाले बच्‍चे की हेल्‍थ के लिए भी अच्‍छा है। इसके अलावा आपकी किडनी को काम करने में भी हेल्‍प  मिलती है। इससे प्रेग्‍नेंसी में हाथ-पैरों की सूजन भी कम होती है।

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किडनी और लीवर रहता है हेल्‍दी
liver health sleeping inside

किडनी और लीवर हमारी बॉडी को डिटॉक्‍स करने का काम करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बाईं करवट सोने से बॉडी में मौजूद विषैले पदार्थ आसानी से निकल जाते हैं। लीवर में फैट जमा नहीं हो पाता। अगर नींद में किसी भी तरह की बाधा पड़ती है तो किडनी अपना काम ठीक से नहीं कर पाती है। लीवर किडनी के ठीक तरह से काम करने से बॉडी के घातक बीमारियों से दूर रहता है।
अगर आप नहीं सोती है बाईं करवट, तो मुझे यकीन है कि इन फायदों को जानकर आप भी बाईं करवट से सोना शुरू कर देंगी।