हमारे शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए बहुत सारे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। विटामिन डी हमारे शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है यह शरीर के हर सिस्टम में अपना प्रभाव डालता है। जी हां विटामिन डी फैट में घुलनशील विटामिन समूह में आता है जो शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट को एब्जॉर्ब करने की क्षमता को बढ़ाता है। सूरज की रोशनी में शरीर कोलेस्ट्रॉल से विटामिन डी का निर्माण भी करता है। इसलिये इसे अक्सर सनशाइन विटामिन कहते हैं। विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में लेने से बच्चों के साथ-साथ आपको भी अपने दैनिक कार्यों के लिए जरूरी एनर्जी मिलती है। और महिलाओं को तो एनर्जी की जरूरत बहुत ज्यादा होती है, क्योंकि उन्हें घर और ऑफिस की दोहरी जिम्मेदारियों को निभाना होता है।

 signs and symptoms of vitamin d deficiency in women inside

विटामिन डी हमें सूर्य की रोशनी से मिलता है। जी हां जब हमारे शरीर पर धूप की किरणें पड़ती हैं तब शरीर का कोलेस्ट्रॉल विटामिन डी उत्पन्न करता है। इसके अलावा मछली, मशरूम और डेरी प्रोडक्ट्स में विटामिन-D बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसकी कमी भोजन से पूरी नहीं होती और आजकल की लाइफस्टाइल के चलते ज्‍यादातर महिलाओं में विटामिन डी की कमी एक आम समस्या बन गया है। और विटामिन-D कम होने हमारा शरीर कुछ संकेत देने लगता है। आज हम आपको बताएंगे कि विटामिन डी की कमी होने पर हमारे शरीर किस प्रकार के संकेत देता है- 

क्या कहती है रिसर्च 

भागदौड़ में लोग अक्सर अपने खाने-पीने का ध्यान नहीं रख पाते हैं और अनजाने में ही एक खराब लाइफस्टाइल बना लेते हैं। लेकिन अब थोड़ा सावाधान होने की जरूरत है। एसोसिएट चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) के सर्वे के मुताबिक दिल्ली में रह रहे करीब 88% लोगों के शरीर में विटामीन डी की कमी है। अगर सर्वे की मानें तो 10 में से 8 दिल्लीवासियों में विटामीन D की कमी है जिसकी वजह से लोगों में कम एनर्जी, डिप्रेशन और मसल्स में दर्द की शिकायत रहती है। सोचने वाली बात यह है कि लोग अभी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं और ना ही इसे लेकर सचेत हैं। सर्वे के अनुसार विटामिन-D के कम होने की अहम वजह धूप में कम रहना और दिनभर एयर कंडिशनर में बैठे रहना है। घंटों ऑफिस में बिताने के चलते लोग पूरे दिन एसी में बैठे रहते हैं।

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हड्डियों और मसल्स में दर्द होना

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विटामिन डी हमारी हड्डियों कि हेल्थ के लिए बहुत ज्यादा जरूरी होता है क्योंकि इसकी हेल्प से ही कैल्शियम का अवशोषण होता है। और अगर आप अक्सर हड्डियों, पीठ या मसल्स  दर्द से परेशान रहती हैं, तो यह आपके शरीर में विटामिन डी की कमी का संकेत है। तुरंत सतर्क हो जाए और डॉक्टर से संपर्क करें। 

अक्सर बीमार रहना 

विटामिन डी शरीर को बाहर से आने वाले खतरे से बचाकर शरीर को मजबूत रखता है ताकि हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत हो और हम बार-बार बीमार ना पड़े। यानि विटामिन डी हमारी इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है। लेकिन अगर आपके शरीर में विटामिन डी की कमी है तो आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो जाएगी और आप मौसम में जरा से बदलाव के साथ ही बार-बार बीमार पड़ने लगेंगी। इस तरह से आपका शरीर आपको संकेत देता है कि आपमें विटामिन डी की कमी है।

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थकान महसूस करना

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यूं तो कमजोरी थकान और सुस्ती महसूस करने के अनेक कारण हो सकते हैं लेकिन विटामिन डी भी इस समस्या का एक बड़ा कारण है। अगर आपको भी  अक्सर थकान महसूस होती हैं तो इस संकेत को नजरअंदाज करना आपके लिए सही नहीं है। 

बार-बार सर्दी-जुकाम होना 

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अगर आपको बार-बार जुखाम सर्दी खांसी इत्यादि की समस्या सताती है तो आपके शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है। इसलिए आप जितना हो सके विटामिन डी युक्त डाइट लें।

तनाव 

जिन महिलाओं की बॉडी में विटामिन डी की कमी होती है। वह अक्सर उदास और तनावग्रस्त रहती है। जी हां विटामिन डी हमारे मूड और तनाव में जरूरी भूमिका निभाता है। विटामिन डी डिप्रेशन से बचाने में मदद करता है। अगर आप भी अक्सर डिप्रेस रहती हैं तो यह विटामिन डी का संकेत हो सकता है। 

अगर आपको भी इनमें से कोई संकेत दिखाई दें तो तुंरत डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी डाइट में विटामिन डी युक्त फूड्स को शमिल करें और रोजाना कुछ देर धूप में बैठने की को‍शिश करें।