निप्‍पल्‍स में क्रैक्‍ड और दर्द एक ऐसी समस्या है, जिसका सामना अक्सर ब्रेस्‍टफीडिंग कराने वाली माताओं को करना पड़ता है। वास्तव में, यह एक सामान्य कारण है जिसके चलते कई महिलाएं ब्रेस्‍टफीडिंग कराना छोड़ देती हैं। ड्राई त्वचा या थ्रश के कारण भी आपके निप्पल की त्वचा में क्रैक आ सकते हैं। अगर आप भी क्रैक निपल्स के कारण परेशानी या दर्द महसूस कर रही हैं, तो परेशान न हो क्‍योंकि हमारे पास कुछ टिप्‍स हैं, जो इसे ठीक और शांत करने में आपकी मदद कर सकते हैं। इन टिप्‍स की सबसे अच्‍छी बात यह है कि इसमें इस्‍तेमाल होने वाली चीजें आपके घर में ही मौजूद होती है और इसके बारे में हमें नई दिल्ली की डॉक्टर आकांक्षा अग्रवाल (BHMS) जी बता रही हैं।

ब्रेस्‍ट मिल्‍क से मालिश

breastmilk

यह ब्रेस्‍टफीडिंग के दौरान क्रैक निपल्स के लिए सबसे प्राकृतिक और आसान उपाय है। निप्पल में दर्द होने पर थोड़ा सा ब्रेस्‍ट मिल्‍क लगाएं, धीरे से मालिश करें और इसे हवा में सूखने दें। ब्रेस्‍ट मिल्‍क क्रैक हुए निपल्स को ठीक करता है क्योंकि इसमें ऐसे यौगिक होते हैं, जो त्वचा को सॉफ्ट करते हैं और एंटीबॉडीज के संक्रमण से लड़ते हैं।

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गर्म सिकाई

hot bottle

गर्म सिकाई भी निप्‍पल्‍स में क्रैक को शांत कर सकती है। यह समस्‍या वाली जगह में ब्‍लड फ्लो को बढ़ाती है और उपचार को बढ़ावा देती है। एक साफ वॉशक्लॉथ को गर्म पानी में भिगोकर और अतिरिक्त नमी को हटाकर एक गर्म सेक तैयार करें। दर्द को कम करने के लिए इसे अपने निपल्स पर लगाएं। आप नमकीन घोल बनाने के लिए गर्म पानी में 1/4 से 1/2 चम्मच नमक भी मिला सकती हैं और इसका उपयोग सेक तैयार करने के लिए कर सकती हैं। यह फफोले या क्रैक को साफ करता है और उपचार को बढ़ावा देता है।

घी

cow ghee

आयुर्वेद के अनुसार, घी में क्‍लीजिंग और डिटॉक्‍सीफाइंग गुण होते हैं, जो उपचार को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। इसका उपयोग घावों के इलाज, सूजन को शांत करने और फफोले से निपटने के लिए सदियों से किया जाता रहा है। आयुर्वेदिक चिकित्सक क्रैक और ड्राई निपल्स के इलाज के लिए नर्सिंग माताओं को इस हल्के उपाय की सलाह देते हैं।

नारियल का तेल

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वर्जिन नारियल तेल का पारंपरिक रूप से इस्‍तेमाल घाव भरने के लिए किया जाता रहा है। कई अध्ययनों से पता चला है कि इसमें बायोएक्टिव यौगिक होते हैं, जो उपचार को तेज करते हैं। इसमें माइक्रोबियल गुण भी पाए जाते हैं, जो संक्रमण से लड़ सकते हैं। क्रैक हुए निपल्स को शांत और ठीक करने के लिए थोड़ा फूड-ग्रेड नारियल का तेल लगाएं। यह लाभकारी तेल फंगस के खिलाफ भी काम करता है, जो थ्रश का कारण बनता है। वास्तव में, शोध से संकेत मिलता है कि यह कुछ एंटी-फंगल दवाओं की तरह प्रभावी होता है।

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शहद

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शहद का उपयोग पारंपरिक रूप से मॉइश्चराइजिंग और घाव भरने वाले गुणों के लिए किया जाता रहा है। वैज्ञानिक अध्ययन इसकी पुष्टि करते हैं। अनुसंधान से पता चलता है कि न केवल शहद में शक्तिशाली एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते हैं, जो संक्रमण को रोक सकते हैं बल्कि यह नए टिशू के विकास और ब्‍लड सेल्‍स के निर्माण को भी उत्तेजित करता है, जिससे घाव भरने में मदद मिलती है। लेकिन अपने रसोई के शेल्फ पर शहद का उपयोग न करें। यदि आपका शिशु एक वर्ष से कम उम्र का है और इसमें से कुछ भी खा लेता है, तो इससे शिशु बोटुलिज़्म का खतरा हो सकता है। क्रैक निप्‍पलस को ठीक करने के लिए मेडिकल-ग्रेड शहद का इस्‍तेमाल करें, जिसे बोटुलिज़्म बीजाणुओं को खत्म करने के लिए संसाधित किया जाता है। अतिरिक्त सुरक्षित होने के लिए, सुनिश्चित करें कि आप फ़ीड से पहले सभी अवशेषों को ठीक से साफ कर लें।

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आप भी निप्‍पल्‍स में क्रैक होने पर इन नुस्‍खों को आजमा सकती हैं। लेकिन अपने निप्पल्‍स या ब्रेस्‍ट के किसी अन्य हिस्से से मवाद निकलने जैसे लक्षणों पर ध्यान दें। यह एक संक्रमण की ओर इशारा कर सकते हैं जिसे चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता है।  

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