नींद से जुड़ी समस्याएं होना आम बात है। आजकल ऐसी समस्याएं बहुत से लोगों को परेशान करती हैं। किसी को Insomnia हो जाता है यानी नींद न आने की बीमारी तो किसी को ज्यादा नींद आने की समस्या रहती है, किसी को ये समस्या रहती है कि खर्राटे बहुत ज्यादा आते हैं तो किसी को ये कि उनकी नींद बार-बार टूटती है। इन समस्याओं से घिरे लोगों को अक्सर थकान रहती है।  

इन्हीं सबके बीच एक और नींद से जुड़ी बीमारी है जिसे Sleep apnea कहते हैं। ये एक ऐसी बीमारी होती है जिसमें नींद के वक्त बार-बार सांस रुकती और शुरू होती है। अगर खर्राटे जोर से लेते हैं और पूरी रात नींद के बाद भी थका हुआ सा महसूस करते हैं तो आपको स्लीप एपनिया हो सकता है। इसकी पूरी जांच के लिए किसी डॉक्टर से संपर्क करें। 

ये स्लीप एपनिया भी अलग-अलग तरह का होता है। 

sleep apnea and its dangers

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एक रिसर्च जो बताती है ये कितना खतरनाक है-  

European Respiratory Journal में छपी हुई एक रिसर्च ने कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं। ये रिसर्च यूरोपियन डेटाबेस ESADA द्वारा की गई थी और इसका आधार था 20,000 मरीजों पर किया गया अध्ययन। क्योंकि स्लीप एपनिया कई तरह के होते हैं इसलिए ये ज्यादा खतरनाक नहीं होते, लेकिन जिन लोगों को obstructive sleep apnea (OSA) था उनमें से 2% को कैंसर निकला। ये सभी तथ्य उसी रिसर्च रिपोर्ट के आधार पर हैं।  

ऑब्सट्रक्टिव और सेंट्रल स्लीप एपनिया लगभग एक जैसे होते हैं। कई बार दोनों में फर्क करना भी मुश्किल हो जाता है। इसके सबसे आम लक्षण होते हैं और लंबे समय तक अगर ये हैं तो इन्हें नजरअंदाज़ नहीं करना चाहिए। सही नींद के लिए जरूरी है सही मैट्रेस अगर नींद से जुड़ी किसी समस्या के साथ है तो व्यक्ति को ज्यादा आराम मिलता है। 

sleep apnea and risk

- जोर-जोर से खर्राटे लेना

- नींद के वक्त गला सूखना

- नींद के समय सांस रुक जाना

- नींद के समय बार-बार सांस फूलना

- सुबह सिरदर्द होना भले ही आपने पूरी नींद ली हो

- नींद आने में परेशानी (Insomnia)

- दिन में भी बार-बार नींद आना (Hypersomnia)

- जागते हुए भी एकाग्र न होना

- चिड़चिड़ाहट 

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क्यों कैंसर हो सकता है? 

क्योंकि स्लीप एपनिया और कैंसर के एक जैसे रिस्क फैक्टर होते हैं इसलिए दोनों बीमारियों के एक साथ होने की संभावना बढ़ जाती है। स्विडन की University of Gothenburg के प्रोफेसर Ludger Grote का कहना है कि दोनों ही बीमारियों में वजन बढ़ने की समस्या जैसे कई रिस्क फैक्टर एक साथ आते हैं इसलिए समस्या बड़ी है।  

sleep apnea and cancer connection

इस रिसर्च को बनाने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसान की उम्र, लिंग, BMI, सिगरेट या शराब पीने की समस्या के चलते बीमारी का रिस्क ऊपर या नीचे हो जाता है। इससे कैंसर के बढ़ने की संभावना होती है। 

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एक तरह का कैंसर ज्यादा- 

malignant melanoma टाइप का कैंसर महिलाओं में ज्यादा बढ़ने की समस्या हो सकती है। ऐसा महिला के सेक्स हार्मोन्स, स्ट्रेस, स्लीप एपनिया की बहुतायत (लंबे समय से ये बीमारी बनी हुई है।) इसमें से कुछ भी शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम को तोड़ सकता है और ऐसे में कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। 

अगर ऐसा कुछ आपके साथ भी हो रहा है और आपको लगता है कि ये लंबे समय से बना हुआ है तो डॉक्टरी सलाह लें। आपको एक बार फिर बता दूं कि ये सब कुछ रिसर्च के आधार पर है। जरूरी नहीं कि आपको स्लीप एपनिया हो रहा है तो कैंसर हो ही जाएगा बस इसकी गुंजाइश बढ़ जाती है। नींद से जुड़ी बीमारी अक्सर पता नहीं चल पाती है और इसलिए बहुत बढ़ने के बाद समस्या समझ आती है। इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं क्योंकि थोड़े से इलाज से ये ठीक भी हो जाती है। इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करना सही है। 

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