क्‍या आपको लगातार ईयरफोन से गाने सुनने की आदत है?
क्‍या आप पूरा दिन ऑफिस में भी ईयरफोन लगाकर गाने सुनते हुए काम करते हैं?
क्‍या रात को ईयरफोन पर गाने सुनते हुए सो जाते हैं?
तो अपनी इस आदत को बदल लें। नहीं तो आपके कानों के साथ-साथ आपके शरीर को भी भारी नुकसान हो सकता है।

ईयरफोन के घंटों इस्तेमाल में आप अमूमन इस बात को भूल जाते हैं कि ये आपके कानों के साथ-साथ शरीर को भी नुकसान पहुंचा सकता है। हम ऐसी कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं जिसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं होती है। जी हां टेक्नोलॉजी को हम इस कदर अपनी आदतों में शामिल कर लेते हैं कि अक्सर उसका नफा-नुकसान हमें याद नहीं रहता है। इन्हीं में से एक है ईयरफोन या हेडफोन, जिसके अधिक इस्तेमाल से कान के साथ-साथ शरीर को भी समस्याओं को सामना करना पड़ सकता है। आज भारत में लगभग 50 प्रतिशत लोगों में कानों की समस्या इसी ईयरफोन की देन है। 

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एक स्टडी के अनुसार अगर कोई व्यक्ति दो घंटे से अधिक समय तक 90 डेसिबल से अधिक आवाज में संगीत सुनता है, तो उसे कई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। और क्‍या आप जानती है कि इससे आप बहरे भी हो सकते हैं। अगर आप ईयरफोन का इस्तेमाल जरुरत से ज्‍यादा करते हैं तो फिर आप को संभलने की जरुरत है। आज हम आपको ईयरफोन के अधिक इस्तेमाल करने से होने वाली नुकसान की बात करेंगे, जिससे आप अपने हेल्थ का ख्याल रख सके।

कम सुनाई देना या बहरापन

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ईयरफोन और हेडफोन से लगातार अधिक आवाज में म्यूजिक सुनने से सबसे पहले आपके कानों पर असर होता है। कानों की सुनने की क्षमता महज 90 डेसिबल होती है जो लगातार सुनने से धीरे-धीरे 40 से 50  डेसिबल तक कम हो जाती है। जिससे दूर की आवाज सुनाई नहीं देती हैं। जिसकी वजह से बहरेपन की शिकायत होने लगती है। इसलिए आपको कभी भी 90 डेसीबस से अधिक आवाज में गाने सुनने से बचना चाहिए।

दिल की बीमारी और कैंसर का खतरा

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तेज आवाज में संगीत सुनना कानों के साथ-साथ दिल के लिए भी अच्‍छा नहीं होता है। जी हां तेज अवाज में गाने सुनने से हार्ट बीट तेज हो जाती है और वह नार्मल स्पीड से तेज चलने लगती है। इससे दिल को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा यह कैंसर को भी दावत दे सकता है। जी हां तेज आवाज में ईयरफोन से गाने सुनने पर कान को नुकसान तो पहुंचता ही है, इनके साथ आप के अंदरुनी हेल्थ पर भी इसका बुरा असर पड़ता है।

सिर दर्द या नींद न आने की समस्‍या

हेडफोन और ईयरफोन से निकलने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगों से ब्रेन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जिससे आपके ब्रेन पर सीधा असर पड़ता है। यहीं वजह है कि ईयरफोन के अधिक प्रयोग से आपको सिर दर्द या नींद न आने वाली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

इंफेक्‍शन फैलना

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अमूमन देखा जाता है कि एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को आसानी से अपने ईयरफोन को शेयर करता है, जो कभी नहीं करना चाहिए। इससे एक-दूसरे में इंफेक्‍शन फैलने की संभावना बहुत ज्‍यादा होता है। जब भी किसी के साथ आप ईयरफोन या हेडफोन शेयर करें तो सबसे पहले उसे सैनिटाइजर से अच्छी तरह साफ करना ना भूलें। 

कान के पर्दे पर बुरा असर

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हेडफोन के अधिक इस्तेमाल से कान के पर्दे पर गलत असर होता है। तेज आवाज के चलते आपके कान के पर्दे में लगातार वाईब्रेट होने लगती हैं। जिसके कारण कान के पर्दे के फटने की खतरा रहता है। आप को बता दें कि आमतौर पर इंसान की कान 65 डेसिबल की आवाज सहन कर पाते है। लेकिन ईयरफोन पर लगातार 90 डेसिबल से अधिक आवाज़ में गाने सुनने पर कान की नसें पूरी तरह डेड हो सकती है।

इसलिए अगली बार लगातार कान में ईयरफोन लगाकार गाने सुनने से बचें।