कैंसर कई प्रकार का होता है और यह मानव शरीर के किसी भी हिस्से में पाया जा सकता है। हालांकि, महिलाएं आमतौर पर ओवेरियन और फैलोपियन ट्यूब कैंसर से पीड़ित होती हैं। इस स्थिति में, कैंसर कोशिकाएं अंडाशय या फैलोपियन ट्यूब में पाई जाती हैं।

जिन महिलाओं में ओवेरियन कैंसर या स्तन कैंसर पाया जाता है, उनमें पहली / दूसरी डिग्री के रिश्तेदार (मां / बहन / बेटी) के लिए भी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।  इसके अलावा, जिन महिलाओं के परिवार में किसी को कैंसर हुआ है या फिर उन्‍हें खद स्तन, गर्भाशय, बृहदान्त्र या मलाशय का कैंसर रह चुका हैं उन्‍हें भी ओवेरियन कैंसर का खतरा रहता है। जो महिलाएं कभी स्‍तनपान नहीं कराती हैं या बांझ होती हैं उन्‍हें भी ओवेरियन कैंसर का खतरा रहता है। 

जिन महिलाओं को ओवेरियन और फैलोपियन ट्यूब कैंसर का खतरा अधिक होता है, उन्हें इसकी जांच जरूर करा लेनी चाहिए। ओवेरियन और फैलोपियन ट्यूब कैंसर की जांच किसी भी लक्षण का अनुभव होने से पहले कराने पर भी पता लग सकता है। एक अध्ययन में कहा गया है कि लगभग 70% ओवेरियन और फैलोपियन ट्यूब कैंसर का पता तब तक नहीं चलता है जब तक कि यह अंतिम चरण तक नहीं पहुंच जाता है। इसलिए, बढ़े हुए जोखिम वाली महिलाओं के लिए, स्क्रीनिंग प्रारंभिक अवस्था में बीमारी का पता लगाने में सहायता करती है।

आपको बता दें कि ओवेरियन और फैलोपियन ट्यूब कैंसर के लक्षण प्रारंभिक चरण में नहीं दिखाई देते हैं, हर महिला को नीचे दिए गए लक्षणों  पर नजर रखनी चाहिए। 

Cancer in female reproductive organs

फैलोपियन ट्यूब कैंसर के लक्षण

  •  सफेद, गुलाबी या पारदर्शी रंग में योनि से द्रव स्त्राव हो सकता है
  • आपको निचले पेट में दर्द और दबाव का अनुभव हो सकता है
  • आपको निचले पेट में सूजन का अनुभव हो सकता है
  • आप मासिक चक्र न होने पर भी योनि से रक्तस्राव का अनुभव कर सकते हैं

ओवेरियन कैंसर के लक्षण

  • एबडॉमिनल एरिया में द्रव्‍य जैसा कुछ निकलना । 
  • पेट में भारीपन महसूस हो सकता है
  • आपको अपच, कब्ज, मितली या उल्टी का अनुभव हो सकता है
Cancer symptoms

मादा के प्रजनन अंगों में कैंसर का पता लगाने के लिए विभिन्न परीक्षण उपलब्ध हैं। हालांकि, डॉक्टर एक विशिष्ट स्क्रीनिंग टेस्ट का चयन करते समय निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातों पर विचार करते हैं।

  •  रोगी की आयु और सामान्य स्वास्थ्य
  •  लक्षण और संकेत देखे जाते हैं। 
  • कैंसर के प्रकार का पता लगाना
  • पिछले चिकित्सा परीक्षणों के परिणाम

चिकित्सक द्वारा सुझाए गए टेस्‍ट को समय रहते करवाना और उसका उचित इलाज कराना ही बुद्धिमानी होता है। इससे ओवेरियन और फैलोपियन ट्यूब कैंसर का समय पर पता चल जाता है और उचित उपचार किया जा सकता है। कभी-कभी, स्क्रीनिंग और टेस्‍ट  भी बीमारी का पता लगाने में सफल नहीं रहते। ऐसा तब होता है जब तक महिला को कोई लक्षण या परेशानी नहीं होती और ट्यूमर बड़ा और आखिरी स्‍टेज तक नहीं पहुंचता। 

ओवेरियन और फैलोपियन ट्यूब कैंसर का पता लगाने के लिए किए जाने वाले कुछ प्राथमिक परीक्षण हैं:

Screening tests

 ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासाउंड (TVUS)

इस परीक्षण में एक अल्ट्रासाउंड जांच शामिल होती है जिसे वेजाइना के माध्यम से अंडाशय और गर्भाशय में डाला जाता है। इस टेस्‍ट में हाई फ्रीक्‍वेंसी साउंड वेव्‍स द्वारा आंतरिक अंगों की एक छवि विकसित की जाती हैं।  इस टेस्‍ट में ओवरीज के आस-पास के टिशूज की तस्‍वीरें ली जाती हैं जो यह पता लगाने के काम आती है कि वहां कोई ट्यूमर है या नहीं। 

CA-125 रक्त परीक्षण

CA-125 एक प्रकार का ट्यूमर मार्कर होता है जो ब्‍लड स्‍ट्रीम्‍स में रिलीज किया जाता है। यह पदार्थ तब ओवेरियन और फैलोपियन ट्यूब कैंसर का पता लगाता है। साथ ही महिलाओं में एंडोमेट्रियोसिस, सूजन, और गर्भाशय फाइब्रॉएड जैसी स्थितियों में भी सीए -125 उच्च मात्रा में पाया जाता है। हालांकि, महिलाओं में अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब के कैंसर का पता लगाने में CA-125 रक्त परीक्षण अत्यधिक सही साबित हुआ है।

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रेक्टोवजाइनल पेल्विक परीक्षण

यह एक प्रकार का स्त्री रोग परीक्षण और आंतरिक वेजाइना एग्‍जाम है, जिसका उपयोग पेल्विक क्षेत्र में कैंसर का पता लगाने के लिए किया जाता है। डॉक्टर इस परीक्षण में रेक्टोवागिनल सेप्टम और किसी भी गांठ का पता लगाने के लिए योनि और मलाशय के अंदर उंगली डाल कर चेक करते हैं। यह टेस्‍ट डॉक्टर को कैंसर का संकेत देने वाले किसी भी असामान्य गांठ तक पहुंचने में मदद करता है। यह असुविधाजनक लग सकता है, लेकिन रेक्टोवागिनल परीक्षा दर्दनाक नहीं है। यह टेस्‍ट ट्यूमर का शेप, साइज और स्थिति का निरीक्षण करने के लिए सबसे सही रहता है। 

निष्कर्ष

ओवेरियन  कैंसर के अधिकांश मामलों में सर्जरी या कीमोथेरेपी की आवश्यकता होती है। सर्जरी का मुख्य उद्देश्य कैंसर वाले क्षेत्र को रिमूव करन देना होता है। साथ ही यह बीमारी शरीर में न फैले इसके लिए भी सर्जरी जरूरी होती है। अगर बीमारी आखिरी स्‍टेज तक पहुंच चुकी हैं तो ऐसे में सर्जरी सही विकल्‍प नहीं होता।  तब डॉक्टर कीमोथेरेपी का सुझाव देते हैं। यदि आपको कैंसर से संबंधित कोई लक्षण दिखाई देता है या आपको ओवेरियन और फैलोपियन ट्यूब कैंसर का खतरा है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। इस स्थिति में आपको तुरंत ही डॉक्‍टर को दिखाना चाहिए और बिना देरी के उचित टेस्‍ट कराने चाहिए। 

संदर्भ

https://www.cancer.net/cancer-types/ovarian-fallopian-tube-and-peritoneal-cancer/diagnosis https://www.cancer.gov/types/ovarian/patient/ovarian-screening-pdq https://www.healthline.com/health/transvaginal-ultrasound

एक्‍सपर्ट सलाह के लिए डॉ। योगेश कुलकर्णी (सलाहकार, स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जन, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, मुंबई ) का विशेष धन्यवाद।