करवा चौथ का व्रत हर सुहागन महिला के लिए कुछ ख़ास होता है। अपने पति की लंबी उम्र की कामना मन में लेकर हर सुहागन स्त्री यह व्रत बड़ी ही श्रद्धा भाव से करती है। इस दिन निर्जला व्रत करने की प्रथा है। हालांकि कुछ स्त्रियां जिन्हें सेहत से सम्बंधित कोई समस्या है वो ये व्रत फलाहार का और जल का सेवन करते हुए करती हैं। हिन्दू धर्म में मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत एक बार रखना  शुरू करने के बाद छोड़ना नहीं चाहिए। 

लेकिन यदि आप प्रेग्नेंट हैं और बहुत जल्दी ही मां बनने वाली हैं ऐसे में आपको करवा चौथ व्रत के दौरान कुछ विशेष सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है। आइए फैट टू स्लिम ग्रुप की सेलिब्रिटी इंटरनेशनल डाइटीशियन और न्यूट्रिशनिष्ट शिखा ए शर्मा से जानें प्रेग्नेंसी में करवा चौथ व्रत के दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। 

व्रत रखने का तरीका 

pregnancy fruits

आमतौर पर करवा चौथ का व्रत दो तरह से रखा जाता है एक तो निर्जला व्रत होता है जिसमें महिलाएं पानी तक नहीं पी सकती हैं और दूसरा फलाहारी जिसमें पानी के साथ फलों का सेवन भी किया जा सकता है। लेकिन यदि आप प्रेगनेंट हैं तो आपके लिए निर्जला व्रत रखना मुश्किल तो है ही साथ ही आपके साथ आपके बच्चे की सेहत के लिए भी अच्छा नहीं है। यदि आप प्रेगनेंसी के दौरान करवाचौथ का व्रत रखने जा रही हैं तो आपको अपनी और बच्चे दोनों की सेहत को ध्यान में रखते हुए निर्जला व्रत न रखकर फलाहारी व्रत रखना चाहिए। 

इसे जरूर पढ़ें: Karwa Chauth 2020: क्यों होता है शादी के बाद का पहला करवा चौथ कुछ ख़ास

Recommended Video


डॉक्टर से लें परामर्श 

doctors consultant in pregnancy

मान्यता के अनुसार करवाचौथ के व्रत के दौरान पानी भी नहीं पिया जाता है और यदि प्रेगनेंट महिला दिनभर बिना पानी के व्रत रखे तो उसे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जो कि मां और बच्चे दोनों के लिए ठीक नहीं है। दिन भर पानी न पीने की वजह से डिहाइड्रेशन हो सकता है। जिससे शरीर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे को भी डेली न्यूट्रिशन की जरूरत होती है और पानी की कमी से बच्चे में भी कोई समस्या हो सकती है । इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए अपनी डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही करवाचौथ का व्रत करें। यदि डॉक्टर आपकी स्थिति को देखते हुए ये व्रत न करने की सलाह देता है, तो इस बार आप करवाचौथ न रखें। 

अलग तरीके से करें व्रत

milk in pregnancy

यदि डॉक्टर और परिवार के लोगों को आपके प्रेगनेंसी के दौरान भी व्रत ( व्रत में रखें ये सावधानियां ) रखने से कोई आपत्ति नहीं है तो इस बार कुछ अलग ढंग से व्रत करें। जैसे सरगी के समय एक बड़ा गिलास दूध पिएं जिससे आपको पूरे दिन के लिए ऊर्जा मिल सके। इसके अलावा पूरे दिन फलाहार लेती रहें। जितना हो सके लिक्विड का सेवन करें। ज्यादा से ज्यादा पानी पीती रहें, नारियल पानी और फ्रूट जूस का सेवन करें। निर्जला व्रत करने की जगह फलाहारी व्रत करना ज्यादा अच्छा है। 

जितना हो सके आराम करें

sleep in karwa chauth

प्रेगनेंसी में यदि आप खुद को  हेल्दी रखना चाहती हैं तो कोशिश करें कि जितना हो सके आराम करें। दिनभर किसी भी तरह का भारी काम न करें बल्कि धीरे-धीरे काम करते हुए बीच में आराम करते रहें। दिन के वक्त कुछ घंटे ज़रूर सोएं, अपना ध्यान बंटाने के लिए लाइट म्यूजिक सुनें जिससे आपका माइंड  डिस्ट्रैक्ट रहेगा, आपको भूख कम लगेगी और आराम करते हुए व्रत कैसे निकल जाएगा पता भी नहीं चलेगा।

इसे जरूर पढ़ें: Karwa Chauth 2020: जानें करवा चौथ व्रत की पूर्ण कथा और उसका महत्त्व

उपर्युक्त सभी बातों का ध्यान रखते हुए प्रेग्नेंसी में करवा चौथ का व्रत रखने से मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों को किसी तरह की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit: freepik