एचआईवी (ह्युमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस) एक वायरस है जो किसी भी महिला की इम्‍यूनिटी को नेगेटिव रूप से प्रभावित करता है। यह आमतौर पर बीमारियों से हमारी बॉडी की रक्षा करने वाले और इम्‍यूनिटी को बढ़ाने वाले सीडी 4 सेल्‍स पर हमला और उसे नष्ट कर देता है। जब ऐसा होता है, तो यह एड्स (एक्वायर्ड इम्युनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम) भी पैदा कर सकता है- एचआईवी इंफेक्‍शन का अंतिम चरण।

एचआईवी के लक्षण अलग-अलग महिलाओं में अलग होते हैं, और कुछ मामलों में, इसमें कोई भी लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। अगर समय पर इलाज नहीं किया जाये, तो स्थिति खराब हो सकती है और आपकी इम्‍यूनिटी डैमेज हो सकती है। हालांकि कुछ बहुत ही कॉमन लक्षण हैं जो संकेत देते हैं कि जितनी जल्‍दी हो सके आपको अपने डॉक्‍टर से मिलने की जरूरत है।

इस बारे में ज्‍यादा जानने के लिए हमने एमबीबीएस, एमडी, ऑब्स्टीट्रीशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्‍टर रेनू मलिक से बात की तब उन्‍होंने हमें बताया कि 'आमतौर पर इसके लक्षणों में ज्‍यादा डिस्‍चार्ज, पेट के निचले हिस्‍से में दर्द, कमजोरी, बुखार आदि शामिल हैं। लेकिन कभी-कभी इसके कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। इसलिए प्रेग्‍नेंसी के दौरान हम महिलाओं को एचआईवी टेस्‍ट जरूर करवाते हैं।'

डॉक्‍टर रेनू मलिक का यह भी कहना हैं कि 'ज्‍यादा डिस्चार्ज होने पर महिलाएं अपना टेस्‍ट ही नहीं करवाती हैं। लेकिन अगर आपको बहुत ज्‍यादा डिस्‍चार्ज होता है तो साथ में कमजोरी और पेट के निचले हिस्‍से में दर्द भी होता है तो तुरंत डॉक्‍टर से मिलकर अपना टेस्‍ट करवाना चाहिए।'
 

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बॉडी पेन

कई महिलाओं को बॉडी में बहुत ज्‍यादा पेन का अनुभव होता है, विशेष रूप से जोड़ों में भयंकर पेन होता है। ये आमतौर पर लिम्‍फ नोड्स में सूजन से शुरू होता हैं। इसके कारण आर्थराइटिस, मसल्‍स में पेन, वेसकुलिटिस और फाइब्रोमायल्जिया की ओर ले जाता है।
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गले में खराश

चूंकि आपकी बॉडी वायरस की मौजूदगी के कारण इंफेक्‍शन पर प्रतिक्रिया शुरू कर देती है, गले में खराश शुरुआती लक्षणों में से एक है जिसे आपको अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। बाद में यह मुंह के अल्‍सर का रूप ले लेता है। बाद की स्‍टेज में यह स्थिति खराब हो सकती है क्‍योंकि यह इम्‍यूनिटी पर हमला करती है। अगर आप क्रोनिक बीमारियों से पीड़ि‍त हैं तो तुरंत अपने डॉक्‍टर से परामर्श करें।

वजन कम होना

एचआईवी में मरीज का वजन एकदम से नहीं घटता है। हर दिन धीरे-धीरे बॉडी के सिस्‍टम पर प्रभाव पड़ता है और वजन में कमी होती है। अगर पिछले दो महीनों में बिना प्रयास के आपके वजन में गिरावट आई है तो चेक करवा लें।

सिरदर्द

सिरदर्द का माइग्रेन में बदलना एक बहुत ही नॉर्मल लक्षण हैं। अगर आप माइग्रेन से लगातार 10-15 दिनों तक परेशान हैं तो यह निश्‍चित रूप से क्रोनिक माइग्रेन है। रिसर्च के अनुसार, सिरदर्द का अनुभव करने वाले लगभग 50 प्रतिशत लोग एचआईवी अनुभव से संक्रमित होते हैं जबकि 28 प्रतिशत लोग क्रोनिक माइग्रेन से ग्रस्‍त हैं।
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बुखार

अगर आपको असुरक्षित यौन संबंध के तुरंत बाद बुखार होने लगता है तो तुरंत अपनी डॉक्‍टर से परामर्श लें। साथ ही आप फ्लू के लक्षण भी अनुभव भी कर सकती हैं। यहां तक कि दवा लेने के बाद भी लो-ग्रेड फीवर ठीक नहीं होता है।

खांसी

ड्राई कफ और लगातार खांसी, जो आमतौर पर एंटीबायोटिक या दवाओं से भी दूर नहीं होती है। एचआईवी इंफेक्‍शन का एक और प्रारंभिक लक्षण है। चूंकि एचआईवी इम्‍यूनिटी को नुकसान पहुंचाती हैं, खांसी एक लॉग-टर्म लक्षण बन सकती है और जो बाद में निमोनिया का रूप ले सकती है।

लिम्फ नोड्स में सूजन

लिम्फ नोड्स में असामान्य सूजन, विशेषकर गर्दन, अंडरआर्म्‍स के आस-पास, एचआईवी की वजह से होने वाले इंफेक्‍शन का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है।

यीस्‍ट इंफेक्‍शन

जैसे-जैसे इंफेक्‍शन फैलता है, इम्‍यून सिस्‍टम नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है। आप अक्सर कई इंफेक्‍शन का अनुभव करते हैं, और इनमें से एक यीस्‍ट इंफेक्‍शन  होता है, जो कंडीडा नामक एक फंगस के कारण होता है।
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थकान

हालांकि यह लक्षण बहुत कम देखने को मिलता है क्‍योंकि बहुत कम महिलाए इसे गंभीर चिकित्‍सा स्थिति मानती हैं। थकान का अनुभव केवल शुरूआती स्‍टेज पर ही होता है, और जब तक आपकी स्थिति सचमुच गंभीर नहीं होती तब तक फिर से दिखाई नहीं देती है।

स्किन पर रैशेज

एचआईवी इंफेक्‍शन के कारण होने वाले स्किन पर रैशेज को एचआईवी रैशेज कहा जाता है। लगभग 85% रोगियों को इस लक्षण का अनुभव होता है। बाद में ये रैशेज फफोलों का रूप ले लेते हैं। कभी-कभी, ये बहुत जलन पैदा कर सकते हैं।

कोई भी लक्षण नहीं

ठीक है, यह एचआईवी इंफेक्‍शन के सबसे खतरनाक लक्षणों में से एक है। ज्यादातर महिलाएं किसी भी लक्षण को पहचानने में विफल होती हैं वे असुरक्षित यौन संबंध रखते हैं और अनजाने में इस रोग का प्रसार करती हैं।अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अपनी डॉक्‍टर से संपर्क करें।

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