ज्यादातर लोग सोचते हैं कि हार्ट अटैक सिर्फ पुरुषों को होता है। महिलाओं को नहीं लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है। आजकल की बदलती लाइफस्टाइल में महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें भूलकर भी महिलाओं को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

आम तौर पर यही माना जाता है कि महिलाएं हार्ट अटैक से सुरक्षित हैं और उन्हें बहुत अधिक जोखिम होने पर ही दिल की बीमारी होती है। लेकिन वर्तमान समय में इन पुरानी धारणाओं के बिल्कुल उलट है। अनुसंधान दर्शाते हैं कि न केवल पुरुष बल्कि महिलाओं को भी हार्ट अटैक का उतना ही खतरा रहता है। वल्र्ड हार्ट फैडरेशन के अनुमानों के मुताबिक औसतन 16 औरतें प्रति मिनट दिल की बीमारी से मरती हैं।

महिलाओं की सेहत

इनमें हार्ट अटैक व स्ट्रोक दोनों शामिल हैं। महिलाओं की सेहत के लिए हृदय रोग बड़े खतरों में से एक है। इससे महिलाओं में होने वाली मृत्यु दर 3 में से 1 है, जबकि स्तन कैंसर के मामले में यह आंकड़ा 30 में से एक है। कैंसर, तपेदिक,ऐचआईवी/ऐड्स व मलेरिया, इन बीमारियों की वजह से हर साल कुल जितनी औरतें मरती हैं उससे ज्यादा औरतें हृदय रोग व स्ट्रोक से मारी जाती हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच सालों के दौरान में महिलाओं में हृदय रोग 300 गुणा बढ़े हैं। लेकिन अभी भी औरतों के बीच इस विषय पर जानकारी का अभाव है।

महिलाओं को है पुरुषों के बराबर खतरा

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यह एक मिथक है कि मर्दों को ही ज्यादातर दिल की बीमारियां होती हैं। जबकि औरतों को हृदय रोग का कहीं अधिक खतरा रहता है। हालांकि यह सही है कि पुरुषों को कम उम्र से ही हृदय रोग का जोखित शुरु हो जाता है। लेकिन औरतें जब रजोनिवृत्ति के करीब पहुंचती हैं तो उन्हें हृदय रोग का जोखिम पुरुषों के बराबर ही हो जाता है। 

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इंद्रप्रस्थ अपोलो होस्पीटल में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. बलबीर सिंह कहते हैं, पहले औरतें घर की चहारदीवारी के भीतर रहती थीं लेकिन अब उनकी जीवनशैली में आमूलचूल परिवर्तन आ गया है। उनकी जीवनशैली भी मर्दों जैसी ही हो गई है। इसलिए उन्हें भी पुरुषों जितना ही हार्ट अटैक का जोखिम रहता है।’’

महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण

  • सांस उखड़ना
  • गर्दन, जबड़े व पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द 
  • मतली, उल्टी व अपच
  • बिना कारण के पसीना आना
  • अचानक या बहुत ज्यादा थकान
  • चक्कर आना

महिलाओं में हार्ट अटैक के कारण

  • धूम्रपान
  • मोटापा
  • मधुमेह
  • तनाव
  • फ़ास्ट फ़ूड 

कैसे रखें दिल का ख़्याल 

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डा.बलबीर सिंह कहते हैं कि महिलाएं कुछ बातों का ध्यान रख कर अपने दिल को दुरुस्त रख  सकती हैं। जैसे -ज्यादातर औरतें यंग ऐज में धूम्रपान शुरु करती हैं जब उन्हें स्मोकिंग करना ग्लैमरस लगता है। बीपीओ जैसे उद्योगों में धूम्रपान करना बहुत आम बात है, कई माॅडल हैं जो अपना वजन कम बनाए रखने के लिए स्मोक करती हैं। किंतु वे यह नहीं समझतीं कि यह कितना नुकसानदेह तरीका है इससे आपके जीवन के दिन भी कम हो रहे हैं। इसलिए अपने जीवन के दिन बढ़ाने के लिए और सेहतमंद जिंदगी जीने की खातिर धूम्रपान को त्याग दें।

महिलाओं के यह बहुत आवश्यक है कि वे अपना वजन ठीक स्तर पर बनाए रखें। उन्हें स्वास्थ्यवर्धक आहार लेना चाहिए जिसमें फलों व सब्जियों की प्रचुरता हो। हर रोज मध्यम दर्जे की शारीरिक गतिविधियां जरूर करें। इससे न केवल कैलोरी जलाने में मदद मिलती है बल्कि इससे आपका दिल ज्यादा अच्छी तरह से खून को पम्प कर पाता है और शरीर में अच्छे काॅलैस्ट्राॅल की वृद्धि होती है। अगर आपको मधुमेह है तो रोजाना व्यायाम करें, वजन नियंत्रित करें, कम वसा युक्त खुराक लें और नियमित तौर पर डाॅक्टर से जांच कराने जाएं, ये सभी चीजें बहुत महत्व की हैं। किसी भी महिला के लिए यह निहायत ही जरूरी है कि शरीर का सही वजन बनाए रखें और पौष्टिक खुराक लें। इसलिए अपनी खान पान की आदतों में परिवर्तन करना बेहद आवश्यक है।

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जंक फूड के सेवन को सीमित करें। ज्यादा से ज्यादा ताजी सब्जियां व फल खाएं।’ जैसे ही आपको छाती, कंधे, गर्दन या जबड़े में पीड़ा अनुभव हो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें। अपने जीवनशैली के पैटर्न को बेहतर करने की कोशिश करें। कड़े नियमों का पालन करें, स्वास्थ्यवर्धक आहार लें, तैराकी, योग, ऐरोबिक्स या अन्य किसी गतिविधि में हिस्सा लें जिससे शरीर सक्रिय बना रहे और तंदुरुस्त रहे। और जब मामला दिल का हो सही कदम उठाने में कभी देर नहीं करनी चाहिए, चाहे आपकी उम्र कुछ भी हो।