ब्रेस्‍ट कैंसर के नाम से ही महिलाएं कांपने लगती हैं। जी हां भारत में ब्रेस्‍ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं जिनके चलते महिलाओं के मन में एक डर बैठ गया है। लेकिन अब परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि एक नई रिसर्च ने ब्रेस्‍ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं के बीच नई उम्‍मीद जगाई है। ब्रेस्‍ट कैंसर से परेशान महिलाओं को देश में अब तक कीमोथेरेपी देने की सिफारिश की जाती थी लेकिन हाल ही में इजाद की गई हार्मोनल थेरेपी में दी जाने वाली एक गोली 'कैमॉक्सगन' ब्रेस्‍ट कैंसर को जड़ से खत्म कर सकती है।

दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के सर्जीकल ऑन्कोलोजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्‍टर रमेश सरीन ने आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में कहा, "देश में धीरे-धीरे बढ़ने वाले ब्रेस्‍ट कैंसर के 70 फीसदी मामले में से 35 फीसदी शुरुआती चरण में आते हैं, जबकि विदेशों में यह आंकड़ा 70 प्रतिशत है। इन 35 फीसदी महिलाओं के लिए एक नया टेस्‍ट शुरू किया गया है, अगर वे यह टेस्ट कराएं तो उन्हें कीमोथेरेपी की कतई जरूरत नहीं पड़ेगी।"

Read more: भारतीय महिलाओं को अंदर से खा रही है ये बीमारी

एक गोली से होगा इलाज

उन्होंने कहा, "इस नए टेस्ट को हार्मोनल थेरेपी कहते हैं जिसमें पॉजिटिव पाए जाने पर 'कैमॉक्सगन' नाम की एक गोली दी जाती है, जिससे 90 से 95 फीसदी लोग बिल्कुल ठीक हो जाते हैं लेकिन यह टेस्ट करने के बाद पता लगता है कि यह टयूमर हार्मोन के संपर्क में आएगा या नहीं।"

डॉक्‍टर रमेश सरीन ने कहा, "हार्मोनल थेरेपी का खर्चा मात्र 1100 रुपये प्रति महीना है जबकि कीमोथेरेपी पर हर दूसरे हफ्ते कम से कम 20 से 30 हजार रुपये का खर्चा आता है यानी की 5 से 6 लाख की दवाई छह महीनों में लेनी होती है। यह गोली लेने तो लंबे समय के लिए होती है लेकिन एक साल में इसका फायदा दिखाई देने लगता है। हालांकि टेस्ट थोड़ा महंगा होता है इसकी कीमत ढाई लाख रुपये है। इसके लिए हमें बस चुनाव करना होगा कि किस मरीज का ट्यूमर वहां टेस्‍ट करने लायक है या नहीं।"

breat cancer tablet inside

उन्होंने कहा, "यह टेस्ट सिर्फ अमेरिका में एक ही जगह होता है। अभी भारत समेत यूरोप के कई देशों में यह इलाज उपल्बध नहीं है। लेकिन यहां से कैंसर के टिशू वहां भिजवा सकते हैं, जो कि खराब नहीं होता और आसानी से वहां पहुंच जाता है और दो सप्ताह में इसकी रिपोर्ट आ जाती है। रिपोर्ट के सही आने पर स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं को कीमोथेरेपी से छुटकारा मिल सकता है।" देश में ब्रेस्‍ट कैंसर के मामलों में 0.46 से 2.56 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। दुनिया भर में डायग्नोस किए गए ब्रेस्‍ट कैंसर रोगियों में से अधिकांश में हार्मोन-पॉजिटिव, एचईआर 2-निगेटिव, नोड-निगेटिव कैंसर पाया गया है। ट्रायल एसाइनिंग इंडिविजुअलाइज्ड ऑप्शंस फॉर ट्रीटमेंट (टेलरेक्स) के एक अध्ययन में सामने आया है कि जो लोग हार्मोन रिसेक्टम पॉजिटिव होते हैं अगर वह शुरुआती चरण में आए तो उन्हें कीमोथेरेपी की जरूरत नहीं है।

Read more: खुशखबरी! कैंसर का फ्री में इलाज करेगी ये स्‍पेशल चाय

कीमोथेरेपी महंगी होने के साथ-साथ बुरे प्रभाव भी है

डॉक्‍टर रमेश सरीन ने कहा, "कीमोथेरेपी महंगी होने के साथ साथ इसके बुरे प्रभाव होते हैं, सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव होता है महिलाओं के बाल झड़ना, साथ ही उनके ब्रेस्‍ट भी निकालने पड़ सकते हैं। एक बार कीमोथेरेपी लेने वाली महिला यही गुजारिश करती है इससे अच्छा उनकी जान ले ले। कीमोथेरेपी कराने वाली महिलाओं का मुंह का टेस्ट बदल जाता है, खाना नहीं खातीं, उल्‍टी होती है। इसके साथ ही इसके बहुत सारे बुरे प्रभाव होते हैं, इसलिए आप इस एक गोली से इन सब बुरे प्रभाव से बच सकती हैं।"

शुरुआती में ही डॉक्‍टर को दिखाए

इसके लक्षणों के सवाल पर डॉक्‍टर सरीन ने बताया, "शुरुआती चरण से तात्पर्य है कि जब महिलाओं के ब्रेस्‍ट में गांठ हो, या ब्रेस्‍ट से रिसाव हो तो आपको डॉक्‍टर को दिखाना चाहिए। हमारे देश में भी ब्रेस्‍ट कैंसर बहुत तेजी से बढ़ रहा है अगर आप जल्दी आते हैं जैसे स्टेज 1, स्टेज 2 (ए) में और आपका हर्मोन पॉजिटीव है तो आपके लिए हार्मोनल टेबलेट फायदेमंद है, इससे आपके कीमोथेरेपी की जरूरत नहीं होगी। इससे बचने का कारण पता लगने के तुरंत बाद डॉक्‍टर से संपर्क करें, जिससे आपको ब्रेस्‍ट, पैसे, बाल खोने का डर भी नहीं रहेगा। ब्रेस्‍ट कैंसर को कम करने का कोई रास्ता नहीं है लेकिन इससे डरने की भी जरूरत नहीं है।"

महिलाओं में तेजी से बढ़ते स्तन कैंसर के पीछे कारणों के सवाल पर डॉक्‍टर रमेश सरीन ने आईएएनएस को बताया, "ब्रेस्‍ट कैंसर हमारी आधुनिक लाइफस्‍टाइल से बढ़ रहा है इसके पीछे है हमारी बदलती दिनचर्या जैसे कि एक्‍सरसाइज नहीं करना, गलत खानपान, देर से शादी, ब्रेस्‍टफीडिंग नहीं कराना, कम से कम बच्चे आदि। यह बीमारी आगे जाकर और बढ़ेगी क्योंकि इन कारणों का निदान बहुत मुश्किल है।"