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    सुबह उठने पर पेट नहीं होता साफ तो करें ये काम, मिलेगा कब्‍ज से छुटकारा

    अगर रोजाना सुबह उठकर आपका भी पेट ठीक से साफ नहीं होता है तो आप कब्‍ज से छुटकारा पाने के लिए ये टिप्स आजमा सकती हैं। 
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    Updated at - 2022-10-13,11:27 IST
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    easy yoga to poop immediately

    अगर सुबह-सुबह पेट साफ ना हो तो पूरा दिन खराब हो सकता है क्‍योंकि इसके चलते पेट दर्द, गैस, कब्ज और पेट में ऐंठन जैसी चीज़ों से गुजरना पड़ता है। कई महिलाओं के लिए तो यह एक परमानेंट समस्‍या है जिससे उन्‍हें रोजाना जूझना पड़ता है। 

    इससे ना सिर्फ शारीरिक समस्याएं होती है बल्कि आप मानसिक तौर पर भी अपना ध्यान किसी एक जगह नहीं लगा पाती हैं। इसलिए आज हम आपके लिए कुछ ऐसे टिप्‍स लेकर आए हैं जो आपको कब्‍ज की समस्‍या से छुटकारा दिलाकर पेट साफ करने में मदद करेंगे।

    एक्‍सपर्ट की राय

    इसकी जानकारी हमें योगा मास्टर, फिलांथ्रोपिस्ट, धार्मिक गुरू और लाइफस्टाइल कोच ग्रैंड मास्टर अक्षर जी दे रहे हैं। उनके अनुसार, 'कब्ज लोगों के लिए परेशानी का एक गंभीर स्रोत है, जो इससे पीड़ित हैं। लगातार फूला हुआ महसूस होना अनियमित मल त्याग की स्थिति के कारण होता है।' 

    'क्रोनिक कब्ज की समस्‍या हानिकारक दुष्प्रभाव पैदा कर सकती है, जैसे आंत्र रुकावट। हालांकि, मल त्याग के पैटर्न एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होते हैं और केवल हम ही जानते हैं कि हमारे लिए क्या सामान्य है।'

    कब्‍ज के लिए योग

    आगे उन्‍होंने बताया, 'योग कब्ज से बहुत राहत दे सकता है क्योंकि यह पाचन तंत्र के कामकाज में सुधार करता है और पाचन तंत्र को मल या गैस पास करने के लिए प्रोत्साहित करके कब्ज से राहत देता है। इन 5 आसनों का अभ्यास किसी योग एक्‍सपर्ट के मार्गदर्शन में करना आवश्यक हैं। तकिया/कुर्सी आदि सहारा लेकर करें। प्रत्येक आसन को 30 सेकंड के लिए पकड़ने की कोशिश करें और 3 सेट के लिए दोहराएं।'

    1. हलासन

    Halasana for constipation

    • इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं।
    • हथेलियों को शरीर के बगल में फर्श पर रखें।
    • पेट की मसल्‍स का उपयोग करते हुए, पैरों को 90 डिग्री ऊपर उठाएं।
    • हथेलियों को फर्श पर मजबूती से दबाएं और पैरों को सिर के पीछे गिरने दें।
    • मध्य और पीठ के निचले हिस्से को फर्श से ऊपर उठाने दें ताकि पैर की उंगलियां पीछे की मंजिल को छू सकें।
    • जितना हो सके चेस्‍ट को ठुड्डी के पास लाने की कोशिश करें
    • हथेलियां फर्श पर सपाट और आप आराम के लेवल के अनुसार हथेलियों से पीठ को सहारा दे सकती हैं।
    • आसन में कुछ देर रुकें।

    2. वज्रासन

    VAJRASANA for constipation

    • इसे शुरुआत सीधी खड़ी होकर करें।
    • आगे झुकें और धीरे-धीरे घुटनों को चटाई पर रखें।
    • पेल्विक को एड़ी पर रखें और पैर की उंगलियों को बाहर की ओर इंगित करें।
    • यहां, जांघों से काफ की मसल्‍स को दबना चाहिए।
    • एड़ियों को एक दूसरे के पास रखें। 
    • पैर की उंगलियों को एक दूसरे के ऊपर न रखें, इसके बजाय दाएं और बाएं एक दूसरे के बगल में होने चाहिए।
    • हथेलियों को घुटनों पर ऊपर की ओर रखें।
    • पीठ को सीधा करें और आगे देखें।
    • इस आसन में कुछ देर रुके।

    3. नौकासन

    Naukasana for constipation

    • पीठ के बल लेट जाएं।
    • ऊपरी शरीर को फर्श से 45° ऊपर लाएं।
    • शरीर के भार को कूल्हों पर रखें और पैरों को फर्श से 45° ऊपर उठाएं।
    • पैर की उंगलियां आंखों के साथ संरेखित होनी चाहिए।
    • घुटनों को मोड़ने से रोकने की कोशिश करें।
    • बाजुओं को जमीन के समानांतर रखें। 
    • पेट की मसल्‍स को टाइट कर लें।
    • पीठ को सीधा करें।

    4. प्रपादासन

    • मलासन या वज्रासन में शुरू करें।
    • एड़ियों को फर्श से धीरे-धीरे ऊपर उठाने के लिए पैरों को एक साथ लाएं।
    • शरीर को पैर की उंगलियों पर संतुलित करें और पीठ को सीधा रखें।
    • हथेलियों को एक साथ लाएं और आइब्रोज के बीच में ध्यान केंद्रित करें।
    • इस मुद्रा में 10-20 सेकंड तक सांस लेती रहें।
    • इस मुद्रा से बाहर आने के लिए अपनी एड़ियों को नीचे लाएं और मलासन में वापस आ जाएं।
    • 3 सेट के लिए दोहराएं।

    5. मलासन

    Malasana for constipation

    • इस योग की सीधी खड़े होकर शुरुआत करें।
    • घुटनों को मोड़ें, पेल्विक को नीचे करें और एड़ी के ऊपर रखें।
    • सुनिश्चित करें कि पैर फर्श पर सपाट रहें।
    • हम अपनी हथेलियों को अपने पैरों के पास फर्श पर रख सकते हैं या प्रार्थना की मुद्रा में उन्हें छाती के सामने जोड़ सकते हैं
    • इसे करने में रीढ़ सीधी रहती है। 

    जबकि कब्ज अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, यह स्ट्रोक, डायबिटीज और पार्किंसंस रोग जैसी अन्य चिकित्सा समस्याओं का लक्षण हो सकता है। यदि आप कब्ज से पीड़ित हैं, तो बृहदान्त्र या मलाशय में समस्या हो सकती है, जिसमें आंतों में रुकावट या इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) शामिल है। पुरानी कब्ज के मामले में उचित निदान के लिए कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

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    जीवनशैली में कुछ बदलाव करके कब्ज की समस्या का प्रभावी ढंग से इलाज कर सकते हैं। पानी का सेवन बढ़ाएं और अल्‍कोहल और कैफीनयुक्त पेय की मात्रा कम करें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन का कारण बनते हैं। मीट, दूध, पनीर और प्रोसेस्‍ड फूड्स से परहेज करते हुए कच्चे फल और सब्जियों जैसे फाइबर युक्त को डाइट में शामिल करें। प्रति व्यक्ति फाइबर का दैनिक अनुशंसित कोटा 20 से 35 ग्राम के बीच है।

    आप भी इन योग की मदद से कब्‍ज से छुटकारा पा सकती हैं। इस आर्टिकल को शेयर और लाइक जरूर करें, साथ ही कमेंट भी करें। फिटनेस से जुड़े ऐसे ही और आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

    Image Credit: Shutterstock 

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