शरीर मैं कैंसर और कैंसर की बीमारी की रोकथाम की शुरुआत शरीर की आंतरिक सफाई से की जाती है। हमारा स्वस्थ्य अधिकतर इस पर निर्भर करता है कि हम अपने शरीर में क्या ड़ाल रहे हैंं, किस प्रकार का भोजन, पेय पदार्थ, हमारी दैनिक आदतें और हमारी मानसिक स्थिति भी शरीर की आतंरिक सफाई में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती हैंं। अगर आपका खान पान पौष्टिक है जिसमें फल, सब्ज़ियां, घर में बना भोजन शामिल हैंं तो आपकी आधी समस्या दूर हो चुकी है। इसके साथ- साथ अगर आप उचित मात्रा मे पानी पीते हैं जो की कम से कम 3-4 लीटर होना चाहिए तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फ़ायदेमंद होगा।

शीघ्र निदान

मानव शरीर एक मशीन की तरह नहीं है, इसमें कभी भी बीमारी अचानक दस्तक दे सकती है, इसलिए अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान देने के लिए ज़रूरी होगा कि आप नियमित रूप से डाक्टर से अपनी जांच कराएं। क्या आप नियमित रूप से शरीर की और अपने ब्‍लड की जांच कराते हैंं? समय-समय पर अपनी जांच करने से आपको अपने स्वास्थ्य की पूरी जानकारी रहती है। यह आपकी कोई भी खतरनाक बीमारी से बचाव करने में मदद करता है। यह समय पर आपकी बीमारी की सूचना देगा जिससे समय से उपचार शुरू किया जा सकता है।

योग द्वारा चिकित्सा

यह एक नाजुक समय है इसलिए यह ज़रुरी है कि आप योग द्वारा अपनी ऊर्जा का संतुलन बनाए रखें। कुछ योगाभ्यास को करने से आप जल्दी ही वापस सामान्य जीवन जीने लगेंगे। दिए गए प्राणायाम और आध्यात्मिक क्रिया को करने से आप अपनी उपचारात्मक क्षमताएं तथा शारीरिक ऊर्जा बढ़ा सकते हैं। इन योगासन के बारे में हमें योगा मास्टर, फिलांथ्रोपिस्ट, धार्मिक गुरू और लाइफस्टाइल कोच ग्रैंड मास्टर अक्षर जी बता रहे हैं। आइए जानें कौन से हैं ये योगासन।

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भस्त्रिका प्राणायाम

bhastrika pranayama inside

  • इसे करने के लिए अपनी पीठ सीधी करके बैठें और आंखें बंद कर लें।
  • अपनी हथेलियों को घुटनो पर रखें।
  • पूरक (अंदर सांस लेना) और रेचक (सांस छोड़ना) 1:1 के अनुपात में करें। 
  • जैसे आप 6 गिनती में सांस अंदर लें और 6 गिनती में सांस छोड़ दें।
  • आप सांस लेने की प्रक्रिया की शुरुआत 5 मिनट से कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे इस अवधि को बढ़ाएं।

अनुलोम विलोम प्राणायाम

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  • अपनी पीठ सीधी करके बैठें और आंख बंद कर लें। 
  • अपने नाक की दाहिनी नासिका को अंगूठे से हल्‍के से बंद करें और बाईं नासिका से सांस लें। 
  • फिर इस दाईं नासिका को बंद करके दाहिनी नासिका से सांस छोड़ें। 
  • अब दाएं से सांस लेकर बाएं से छोड़ें। 
  • यह प्राणायाम का एक चक्र बनाता है। इस अभ्यास को आप बढ़ाते जाएं।
 

एलोपैथी उपचार के साथ-साथ वैकल्पिक उपचार जैसे योग और आयुर्वेद भी अत्यन्य लाभदायक सिद्ध होते हैं। आयुर्वेद एक पौराणिक विज्ञान है जिसमें जड़ी-बूटियों से उपचार किया जाता है। इन उपचारों के साथ आप आद्यात्मिक क्रियाएं जैसे सिद्धो हम क्रिया और नमो हिमालय शामिल कर सकते हैं। सुद्धो हम क्रिया स्वास के साथ पांच चरण का आसान अभ्यास है। नमो हिमालय का मंत्र उच्चारण आपको जल्दी स्वास्थ्य लाभ देगा तथा बीमारी को पुनः होने से रोकेगा।

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कैंसर से मुक्त होने पर आप दैनिक जीवन को नियमित रूप से तथा ध्यान से जीने की योजना बनाएं। आप कुछ समय बाद अपनी सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू कर सकते हैं लेकिन ध्यान रखें कि आप अपनी शक्ति और आंतरिक बल को वापस पाने के लिए स्वयं को अच्छा आराम दें। अगर स्वास्थ्य लाभ के लिए आपने अपने शरीर को उचित विश्राम दिया तो धीरे-धीरे अपनी सामान्य गतिविधियों को फिर से कर सकेंगे। अपने सामान्य जीवन में आने की जल्दबाज़ी न करें, ऐसा करने से आप अपने स्वास्थ्य लाभ की यात्रा में बाधा डाल सकते हैं।

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