आज के समय में हर व्यक्ति अपनी फिटनेस को लेकर अधिक सजग हो गया है और शायद यही कारण है कि जिम व हेल्थ सेंटर पर ताला लग जाने के बाद भी लोग घरों पर एक्सरसाइज करने लगे हैं। हालांकि, हेल्दी रहने के लिए जरूरी है कि आप सही तरह से एक्सरसाइज करें। कई बार ऐसा होता है कि हम फिट रहने के चक्कर में एक्सरसाइज तो करते हैं, लेकिन उसमें कुछ गड़बड़ कर देते हैं। जिसके कारण आपकी सेहत को फायदा कम और नुकसान ज्यादा होता है। मसलन, आप जिस तरह एक्सरसाइज से पहले वार्म अप करते हैं, ठीक उसी तरह से वर्कआउट करने के बाद बॉडी को कूल डाउन करना भी उतना ही अहम् है। अगर बॉडी कूल डाउन एक्सरसाइज करते समय आप गलती कर बैठते हैं, तो इससे मसल्स पेन व क्रैम्प आदि का खतरा रहता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ कूल डाउन मिसटेक्स के बारे में बता रहे हैं, जिनसे आपको भी बचना चाहिए-

कूल डाउन सेशन को शॉर्ट रखना

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बहुत सी महिलाएं कूल डाउन सेशन को इतना महत्व नहीं देती हैं। इसलिए वे या तो इसे स्किप कर देती हैं या फिर इस सेशन को बेहद शॉर्ट रखती हैं। लेकिन ऐसा करने से आपको कूल डाउन एक्सरसाइज का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। दरअसल, बॉडी के तापमान को वापिस सेट होने व उसे रिलैक्स होने में थोड़ा समय लगता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपनी एक्सरसाइज का थोड़ा समय कूल डाउन सेशन को भी दें। मसलन, अगर आप 60 मिनट एक्सरसाइज कर रही हैं तो पहले 5-7 मिनट वार्म अप करें। उसके बाद 40-45 मिनट एक्सरसाइज और आखिरी के 5-10 मिनट कूलडाउन। कूलडाउन एक्सरसाइज में आप स्ट्रेचिंग से लेकर फॉम रोलिंग जैसी एक्सरसाइज करेंगे।

एक्सरसाइज को एकदम से स्टॉप करना

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कूल डाउन करने का अर्थ यह नहीं है कि आप एकदम से अपनी एक्सरसाइज को स्टॉप कर दें और यह सोचें कि बॉडी कुछ मिनटों में कूल डाउन हो जाएगी। हालांकि,, ऐसा नहीं है। जब आप कूल डाउन एक्सरसाइज जैसे स्ट्रेचिंग व फॉम रोलिंग आदि करती हैं तो इससे बॉडी टेंपरेचर व हॉर्ट रेट धीरे-धीरे नार्मल होता है। इसलिए एक्सरसाइज को कभी भी एकदम से स्टॉप करने की गलती ना करें। उदाहरण के तौर पर, यदि आप दौड़ रहे हैं, तो फिर आप जॉग करें, फिर तेज चलें और आखिरी में धीमी गति से चलें। लेकिन दौड़ते हुए एकदम से ना रूकें।

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ठीक से स्ट्रेचिंग नहीं करना

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जब कूल डाउन एक्सरसाइज की बात होती है तो उसमें स्ट्रेचिंग का नाम मुख्य रूप से लिया जाता है। स्ट्रेचिंग मांसपेशियों के दर्द को कम करने और रिकवरी रेट में सुधार करने में मदद कर सकता है। कुछ महिलाएं कूल डाउन एक्सरसाइज में स्ट्रेचिंग को स्किप कर देते हैं और यही एक सामान्य कारण है कि ज्यादातर लोग कसरत को पूरी तरह से छोड़ देते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप हर मसल्स ग्रुप के लिए 15 से 30 सेकंड के दो से चार राउंड करें। हालांकि, यहां यह भी याद रखें कि स्ट्रेचिंग कभी भी दर्दनाक नहीं होनी चाहिए। यदि आपको कोई दर्द महसूस होता है, तो रुकें और किसी योग्य पेशेवर जैसे डॉक्टर या फिजिकल थेरेपिस्ट से बात करें जो स्थिति का बेहतर आकलन कर सके।

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एक ही व्यायाम करना

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कुछ महिलाएं हर बार वर्कआउट के बाद एक ही तरह की कूलडाउन एक्सरसाइज करती हैं, हालांकि यह सही नहीं है। हर वर्कआउट के लिए आपको अलग-अलग तरह के वार्म-अप और कूल-डाउन एक्सरसाइज करनी चाहिए। खासतौर से, वार्मअप और कूल डाउन एक्सरसाइज उन मसल्स ग्रुप पर निर्भर होनी चाहिए, जिस पर आप वर्कआउट सेशन के दौरान अधिक फोकस करने वाली है।

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