अगर आप काफी लंबे समय से अपना fat loss करने की कोशिश कर रहीं हैं और उसके बावजूद आपका fat lose नहीं हो रहा है। तो आपको एक बार फिर से अपनी diet plan को दोबारा से बनाने की जरूरत है। कई बार ऐसा देखा गया है कि आप कोई भी diet प्लान एक लंबे समय से फॉलो करतीं हैं। जिसकी वजह से कुछ समय बाद आपकी body उस पर react करना बंद कर देती है। यानिकी आपकी body उस diet  की आदि हो जाती है जिससे वो आसानी से result नहीं देती है। और आपका fat lose भी नहीं होता। समय-समय पर अपाके लिए अपने diet प्लान को observe करना बहुत जरूर हो जाता है। ताकि आपको  fat loss मे अच्छे result मिल सकें।

fat lose मे low carb डाईट प्लान आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। जो कुछ ही दिनो मे आपका fat lose करना शुरु कर देता है। रोजाना जितनी भी carb अपके food में होती है वो ज्यादातर refined कार्बोहाईड्रेट होती है। ये रिफाईन carb बहुत ही जल्दी आपकी body मे fat gain करती है।

कैसे काम करती है low carb डाईट प्लान?

आप जैसे ही अपनी डाईट मे कार्बोहाईड्रेट को कम करतीं हैं तो आपके ब्लड मे ग्लूकोज यानि शुगर की मात्रा कम हो जाती है। जिससे आपका इंसुलिन लेवल भी कम रहता है। और आपकी body सारा ग्लूकोज एनर्जी के रूप मे इस्तेमाल कर लेती है। फिर आपकी बॉडी मे ग्लूकोज लेवल बिलकुल नीचे चला जाता है। इस प्रक्रिया के बाद आपकी body के पास एनर्जी के लिए फैट बचता है। जो आपकी बॉडी मे पहले से ही भारी मात्रा मे इक्कट्ठा रहता है। ग्लूकोज ना मिलने की स्थिति मे आपकी बॉडी इसी फैट को एनर्जी के रुप मे burn करना शुरु कर देती है। और आपकी बॉडी से fat loss होना शुरु हो जाता है।

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क्या है low carb डाईट?

इस डाईट प्लान मे कार्बोहाईड्रेट की मात्रा को कम कर दिया जाता है और प्रोटीन और फैट की मात्रा को बढ़ा दिया जाता है। जिसका मतलब ये हुआ कि आप रोजाना अपने food मे कम से कम कार्बोहाईड्रेट वाला खाना पड़ेगा। low carb diet मे आपका जितना भी कार्बोहाईड्रेट intake होना चाहिए वो low carb सब्जियों से होना चाहिए जो आपकी body मे जाकर आपके insulin लेवल को ना बढ़ाये। बिना रिफाईन कार्बोहाईड्रेट भी आपकी body मे इंसुलिन लेवल का बढ़ाता है। इन कार्बोहाईड्रेट मे glucose की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। ये सीधे हमारे खून मे मिलकर इंसुलिन लेवल को बहुत ही जल्दी बढ़ा देते हैं।

आपको कितना कार्बोहाईड्रेट कम करना है?

Fat loss deit inside

Image Courtesy: drruscio.com

खाना खाते वक्त आपको हमेशा ध्यान रखना है कि आप 30g से ज्यादा कार्बोहाईड्रेट ना लें। इसमे आपको प्रोटीन 40g लेना है। इसके अलावा fat मे आपको ध्यान रखना है कि आप कम से कम 40g-50g fat रोजाना 
लेना है। fat लेते समय आपको ध्यान रखना है कि आप good fat ही खायें। Saturated fat से आपको थोड़ा दूर रहना है क्यूंकि ये आपका blood कॉलेस्ट्रोल बढ़ाता है। वहीं good fat आपको धीरे-धीरे 
एनर्जी देता रहेगा बिना आपके ब्लड कॉलेस्ट्रोल को बढ़ाये।

कितने दिन मे दिखाती है असर?

Low carb डाईट को असर दिखाने मे कम से कम 20 दिन से ज्यादा का समय लगता है। क्योंकि आपकी body को ग्लूकोज से फैट पर स्विच करने मे थोड़ा वक्त लगता है। पहले तो आपकी बॉडी पहले से जमा किया गया कार्बोहाईड्रेट को burn करती है और जब उसे खाने मे कार्बोहाईड्रेट कम मिलता है तो वो फैट को burn करना शुरु कर देती है। जैसे ही प्रोसेस शुरु होता है आपकी बॉडी मे से फैट लेवल कम होने लगता है।

Low carb डाईट के शुरुवाती दिनों मे आपको ये लक्षण महसूस हो सकते हैं

  • सिर दर्दि
  • कमजोरी
  • पेट मे गैस बनना
  • थकान

इनके पीछे सबसे बड़ा यही कारण है कि आपकी बॉडी कार्बोहाईड्रेट से फैट और प्रोटीन एनर्जी पर स्विच कर रही है। इसलिए आपको ये शायद ये शिकायतें हो सकतीं हैं। लेकिन आपको घबराना नहीं है ये सिर्फ बिलकुल थोड़े समय तक के लिए होते हैं। उसके बाद जैसे ही आपकी बॉडी पूरी तरह फैट और प्रोटीन पर आ जाती है आप बिलकुल नॉर्मल हो जातीं हैं।

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क्या-क्या खायें low carb डाईट प्लान में?

कार्बोहाईड्रेट मे आपको ध्यान रखना है कि आप जो भी कार्बोहाईड्रेट लेतीं हैं वो हरी सब्जियों से हों। ऐसी हरी पत्तेदार सब्जियां जो मल्टीविटामिन और कॉम्पलेक्स कार्बोहाईड्रेट से भरपूर हों। इसमे आप सलाद भी खा सकतीं हैं जो आपके पेट को भरा रखेंगे और आपकी बॉडी मे जाकर कार्बोहाईड्रेट का लेवल भी नहीं बढ़ायेंगे।

  • मीट
  • फैटी मछली और सी फूड
  • अंडे
  • Avocados
  • हरी सब्जियों मे आप ब्रॉकली, काले, asparagus
  • फैट से भरपूर डेयरी प्रोडक्ट
  • Healthy फैट जैसे ऑलिव ऑइल, नारियल तेल, avocado oil

ऐसे रखनी है अपनी low carb डाईट पर नजर

आपको ये डाईट प्लान फॉलो करते वक्त कुछ चीजों का विशेष ध्यान रखना होगा। जिससे आपको ये पता चलता रहे कि आपका डाईट प्लान ठीक से असर कर रहा है या नहीं? इसके लिए सबसे पहले आपको इसे शुरु करने से पहले अपना वजन को नोट करना होगा और 15 दिन बाद आपको दोबारा से अपना वजन मापना होगा। जिससे आप अपनी डाईट मे बदलाव कर सकें। अगर आपका fat lose ठीक से हो रहा है। तो आप 15 दिन बाद कार्बोहाईड्रेट 5g और बढ़ा सकतीं हैं यानिकी कि आप अपने खाने मे कार्बोहाईड्रेट की मात्रा को थोड़ा बढ़ा सकतीं हैं। जब आपको लगता है आपका मोटापा आपके मुताबिक घट गया है तो इसी तरह आपको हाई शुगर वाले खाने को हमेशा अवॉइड करना है।

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