हमारे पास एक बटन के स्पर्श में अपने चयन के लिए व्यंजनों के ढेर सारे विकल्प और फास्ट फूड हैं। लेकिन अक्सर हमारे भोजन विकल्पों में स्वादिष्ट व्यंजन शामिल होते हैं जो हमारे सिस्टम में बहुत कम या कोई पोषण मूल्य नहीं जोड़ते हैं। इसने पेट और पाचन संबंधी कई समस्याओं को जन्म दिया है। एसिडिटी सबसे आम समस्याओं में से एक है जिसका हम में से अधिकांश महिलाएं नियमित रूप से सामना करती हैं। यदि आप ऐसी महिला है जो कभी-कभी ब्लोटिंग, गैस और एसिडिटी के हल्के लक्षणों से पीड़ित होती है, तो योग जैसी चिकित्सा पद्धतियों की ओर रुख करें। जीवनशैली में कुछ बदलाव करके आप एसिड रिफ्लक्स को आसानी से नियंत्रित कर सकती हैं और इसे पूरी तरह खत्म कर सकती हैं।

एसिडिटी की समस्‍या के कारण

  • तनाव और चिंता एसिडिटी के सबसे बड़े कारणों में से एक है
  • अल्‍कोहल और स्‍मोकिंग का सेवन
  • नॉनवेज फूड का सेवन
  • बहुत ज्‍यादा ऑयली, फैटयुक्त, प्रसंस्कृत और जंक फ़ूड का सेवन  
  • एक्‍सरसाइज की कमी
  • अनुचित नींद चक्र
  • सोने से पहले कैफीन आदि

अलगाव या संयुक्त में ये सभी कारक गैस्ट्रिक संबंधी विकार पैदा कर सकते हैं। नींद की कमी और शारीरिक व्यायाम की कमी से पाचन तंत्र खराब होता है जिससे एसिड रिफ्लक्स जैसे विकार होते हैं। लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि कुछ योगासन की मदद से आप इससे आसानी से बच सकती हैं और इन योगासन के बारे में हमें योगा मास्टर, फिलांथ्रोपिस्ट, धार्मिक गुरू और लाइफस्टाइल कोच ग्रैंड मास्टर अक्षर जी बता रहे हैं।

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प्रपादासन (टिप टो पोज)

Prapadasana inside

  • इसे मलासन या वज्रासन में शुरू करें।
  • अपने पैरों को समानांतर मुद्रा में लाएं और धीरे-धीरे अपनी एड़ी को फर्श से ऊपर उठाएं।
  • अपने शरीर को अपने पैर की उंगलियों पर संतुलित करें और अपनी पीठ को सीधा रखें।
  • अपनी बाहों को अपने घुटनों पर फैलाएं।
  • अपनी भौहों के बीच में फोकस करें।
  • इस मुद्रा में 10-20 सेकंड तक रहें।
  • 3 सेट के लिए दोहराएं।

शलभासन (टिड्डी मुद्रा)

Shalabasana inside

  • इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं और हथेलियां कंधों के नीचे रखें।
  • अपने पैरों को थोड़ा अलग रखें, पंजों को अंदर की ओर मोड़ें।
  • अब, दोनों हाथों को आगे की ओर फैलाएं।
  • श्वास लें और फिर अपनी बाहों, सिर, छाती और पैरों को ऊपर उठाएं।
  • अपनी पीठ की मसल्‍स का उपयोग करके उठाएं और अपने पेट पर संतुलन रखें।
  • धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए अपने धड़ को नीचे लाएं।

हस्त बढ़ा मालासन (अपशिष्ट निकासी मुद्रा भिन्नता)

Hastha Badha Malasana inside

  • अपने शरीर के किनारों पर अपनी बाहों के साथ सीधे खड़े होकर शुरुआत करें।
  • अपने घुटनों को मोड़ें, अपनी पेल्विक को नीचे करें और इसे अपनी एड़ी के ऊपर रखें।
  • सुनिश्चित करें कि आपके पैर फर्श पर सपाट रहें।
  • आप या तो अपनी हथेलियों को अपने पैरों के पास फर्श पर रख सकती हैं या प्रार्थना की मुद्रा में उन्हें अपनी चेस्‍ट के सामने जोड़ सकती हैं।
  • रीढ़ को सीधा रखें।

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भेकासन (मेंढक मुद्रा)

Bhekasana inside

  • दोनों हथेलियों और घुटनों पर टेबलटॉप स्थिति में प्रारंभ करें।
  • घुटनों को अपने कूल्हों से चौड़ा करके फैलाएं।
  • एड़ियों को अपने घुटनों के पीछे संरेखित करें।
  • पैर की उंगलियों को बाहर की ओर इंगित करने के लिए अपने पैरों को लचीला करें।
  • अब, अपने हाथों को आगे की ओर ले जाएं और अग्रभागों को जमीन पर रखें।
  • अपने पेट को जमीन से दूर उठाने की कोशिश करें।
  • कंधों को अपनी कोहनी के ऊपर संरेखित करें और शरीर का भार अपने अग्रभागों और हाथों पर रखें।
  • आराम करें और अपने कूल्हों को भारी होने दें।

गैस्ट्रिक और पेट से संबंधित अन्य विकारों की रोकथामसोच-समझकर खाने से शुरू होती है। आपको कैफीन, कार्बोनेटेड पेय, तंबाकू और अल्‍कोहल का अत्यधिक सेवन कम करना चाहिए या उससे बचना चाहिए। कोशिश करें कि खाना खाने के तुरंत बाद न सोएं। वज्रासन एक बेहतरीन मुद्रा है जिसे आप 10 मिनट तक भी कर सकती हैं क्योंकि यह पाचन प्रक्रिया में मदद करती है।

आप भी इन योगासन को करके एसिडिटी से छुटकारा पा सकती हैं। योग से जुड़ी और एक्‍सपर्ट जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।