सर्दियों के मौसम में सुबह-सुबह गर्म चाय या कॉफी के साथ कंबल में बैठे रहने का मन करता है और कुछ करने का मन ही करता है। साथ ही, इस मौसम में त्वचा में ड्राइनेस के साथ-साथ अकड़न और आलस भी महसूस होती है। शायद, आपने भी सर्दियों के दौरान होने वाली आलस को नोटिस किया होगा। बता दें कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सर्दियों के दौरान ब्लड को हमारे हाथों और पैरों, जोड़ों और मांसपेशियों से हृदय और फेफड़ों जैसे महत्वपूर्ण अंगों तक पहुंचाया जाता है। लेकिन हमारे जोड़ों और मांसपेशियों को आवश्यक गर्मी खोने के कारण वह टाइट और सिकुड़ जाते हैं। इसकी वजह से शरीर थका हुआ और आलस भरा महसूस करता है कई लोग इसे विंटर स्टिफनेस भी कहते हैं। अगर आपको भी ऐसा ही कुछ महसूस होता है, तो आप योग को अपने रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं। 

Dr Hitesh Khurana

जी हां, इस विषय को लेकर एक्सपर्ट डॉक्टर हितेश खुराना कहते हैं कि कुछ योगासन ऐसे हैं, जिन्हें करने से आलस कम महसूस होती है और शरीर एक्टिव रहता है। आपको बता दें कि डॉ. हितेश खुराना काइरोप्रैक्टिक, एर्गोनोमिक विशेषज्ञ और वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट हैं। इन्होंने हमें विस्तार से बताया गया कि लोगों को सर्दियों में आलस दूर करने के लिए योग करना चाहिए लेकिन कुछ योगासन आलस को दूर करने के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं, जो हम आपके साथ इस लेख के माध्यम से साझा कर रहे हैं। 

अर्ध बद्ध पद्म पश्मिोत्तानासन

Ardha Baddha Padma Paschimottanasana

इस आसन को करना सर्दियों में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। क्योंकि यह आसान सर्दियों में होने वाली आलस को दूर करने का काम करता है और जोड़ों का लचीलापन बढ़ता है। खासतौर पर इसे करने से घुटनों और हिप्‍स के जोड़ों का लचीलापन भी बढ़ता है। यह पीठ की मसल्स में स्‍ट्रेच लाता है और रीढ़ की नसों में ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाताहै। 

अर्ध बद्ध पद्म पश्मिोत्तानासन करने का तरीका

स्टेप 1- दोनों पैरों को आगे की तरफ करके बैठे।

स्टेप 2- दाहिने पैर को मोड़ें और दाहिने पैर को बाईं जांघ पर अर्ध्य पद्मासन में रखें।

स्टेप 3- दाहिने हाथ को पीठ के पीछे से लाएं और दाहिने पैर के बड़े अंगूठे को पकड़ें।

स्टेप 4- बाएं हाथ से बाएं पैर के बड़े अंगूठे को पकड़ें।

स्टेप 5- सांस छोड़ें और जितना हो सके आगे की ओर झुकें।

स्टेप 6- आसन जारी करें और बाएं पैर के साथ भी प्रयास करें।

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बालासन 

Child pose

बालासन को चाइल्ड पोज या चाइल्ड योग के नाम से भी जाना जाता है। इस योग को बालासन इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह बहुत आसान आसान है, जिसे आसानी से किया जा सकता है। यह आसन शरीर को आराम देने का काम करता है। इसे नियमित रूप से करने से शरीर का सारा दर्द खत्म हो जाता है। 

बालासन करने का तरीका 

स्टेप 1- बालासन करने के लिए सबसे पहले आप वज्रासन की मुद्रा में सीधे बैठ जाएं। इस बात का ध्यान रखें कि आपको कमर सिर के सीध में हो। (बैली फैट और पेट की समस्‍याओं को तेजी से दूर करता है ये 1 योग, खाने के बाद रोजाना करें)

स्टेप 2- फिर अपने दोनों हाथों को सिर की सीध में ऊपर की तरफ लेकर जाएं। लेकिन ध्यान रहे, आपको दोनों हाथों को मिलाना नहीं हैं।

स्टेप 3- अब सांस छोड़ते हुए आगे की तरफ जाते हुए हथेलियां जमीन की तरफ लेकर जाएं। फिर सिर को भी जमीन पर रख दें। कुछ देर इस मुद्रा में रहें और फिर इसे दोहराएं। 

अश्व संचालन आसन

yoga for winter

इस आसन को करने से शरीर में लचीलापन आता है, कमर दर्द से छुटकारा मिलता है और पैरों और हाथों की एक्सरसाइज होती है,जिसे करने से दर्द दूर होता है। सुबह उठते ही इस आसन को करने से आलस भी दूर हो जाता है। 

अश्व संचालन आसन करने का तरीका

स्टेप 1- अधोमुख श्वानासन से शुरुआत करें।

स्टेप 2- फिर सांस अंदर लें और अपने दाहिने पैर को अपनी हथेलियों के बीच में लाएं।

स्टेप 3- घुटने फर्श के समानांतर और टखने के ठीक ऊपर होने चाहिए।

स्टेप 4- बाएं पैर और घुटने फर्श पर होने चाहिए, पैर की उंगलियां बाहर की ओर होनी चाहिए।

स्टेप 5- आगे की ओर देखें और सीधे रहें। आसन में टिके रहने की कोशिश करें।

स्टेप 6- दाएं पैर को पीछे ले जाएं और बाएं पैर से दोहराएं।

नोट-अगर आपको कोई भी शारीरिक समस्या है, तो आप इसे करने से पहले किसी एक्सपर्ट से सलाह ले सकते हैं। साथ ही, इस योग के फायदे भी आपके शारीरिक स्वास्थ्य पर निर्भर करते हैं।

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इन योगासन को करके आप भी सुबह के समय शरीर में होने वाली आलस को दूर कर सकती हैं। फिटनेस से जुड़ी और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।

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