योग एक प्राचीन विज्ञान है या यूं कहें कि मानव जाति के लिए एक उपहार है। तब भी, हमारे गुरु मानव शरीर की जटिल मशीन की कार्यप्रणाली जानते थे। यदि गुरुओं द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार सही तरीके से योग किया जाए, तो यह मानव शरीर को जबरदस्त फायदे पहुंचा सकता है। 

यह गलत नहीं है जब वे कहते हैं कि कोई भी योग कर सकता है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपको क्‍या परेशानी है, योग सभी के लिए और सभी समस्‍याओं के लिए किया जा सकता है।

योग इंस्टिट्यूट के डायरेक्‍टर डॉक्‍टर हंसजी योगेंद्र का कहना है कि ''आदर्श रूप से योग सुबह के समय करना चाहिए। हालांकि, बदलती लाइफस्‍टाइल के साथ, हमने वैकल्पिक साधनों का सहारा लिया है। चूंकि खाली पेट योग का अभ्यास करने की सलाह दी जाती है, इसलिए भोजन से 30 मिनट पहले अभ्यास करना अच्छा विकल्प है।

''हालांकि, इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि आप भोजन के तुरंत बाद योग का अभ्यास न करें। इसके पीछे वैज्ञानिक आधार है कि भोजन के बाद योगासनों का अभ्यास न करें। ऐसा इसलिए है, क्योंकि भोजन के ठीक बाद, आपके डाइजेस्टिव सिस्‍टम को अच्छी मात्रा में ब्‍लड की आपूर्ति की आवश्यकता होती है। अधिकांश योगासन पेट और रीढ़ की हड्डी पर काम करते हैं।''

''यदि हम भोजन के बाद योग का अभ्यास करते हैं, तो यह केवल डाइजेस्टिव सिस्‍टम में बाधा डालता है। इससे आगे चलकर डाइजेस्टिव संबंधी विकार जैसे एसिडिटी, कब्ज आदि हो सकते हैं।''

हालांकि, दो योगासन हैं जो भोजन को बेहतर ढंग से डाइजेशन के लिए जादू की तरह काम करते हैं और भोजन के ठीक बाद किए जा सकते हैं। लंच या डिनर के बाद किए जा सकने वाले योगासन के बारे में आप भी जानें। 

जी हां, अगर आपके पास सुबह के समय योग करने का समय नहीं है तो आप इन 2 योगासन को कर सकते हैं। आइए इन योगासन के फायदे और करने के तरीके के बारे में एक्‍सपर्ट से विस्‍तार में जानें। 

वज्रासन

Vajrasana after meal

वज्रासन में बैठने से डाइजेशन प्रोसेस में मदद मिलती है क्योंकि यह निचले हिस्‍से की ओर ब्‍लड फ्लो को प्रतिबंधित करता है। यह ब्‍लड को पेट की कैविटी में रखने में मदद करता है, जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है।

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विधि

  • घुटनों को एक दूसरे से मिलाते हुए चटाई पर घुटने टेकने की स्थिति में बैठ जाएं।
  • पैर की उंगलियों को एक दूसरे को छूने दें और एड़ियां अलग रहें।
  • शरीर को नीचे करें और पैर की उंगलियों और एड़ी से बने बीच के खाली हिस्‍से में आराम से बैठें।
  • शरीर को स्वाभाविक रूप से सीधा रखें और हथेलियों को नीचे की ओर रखते हुए हाथों को घुटनों पर रखें।
  • इस स्थिति में आंखें बंद करके 5 से 10 मिनट तक सामान्य सांस लेते हुए बैठें।

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वृक्षासन

tree pose after meal

यह एक और आसन है जो पेट की कैविटी में ब्‍लड सर्कुलेशन और एनर्जी को बनाए रखकर डाइजेशन में मदद करता है।

विधि

  • पैरों को फैलाकर एक चटाई पर सीधे बैठ जाएं।
  • दाहिने पैर को मोड़ें और पैर को बाएं कूल्हे के बहुत करीब रखें।
  • पैर की उंगलियां बाहर की ओर इशारा करते हुए होनी चाहिए।
  • बायां पैर को घुटने से मोड़ें और दाहिने घुटने के ऊपर रखें। 
  • पैर को दाहिने हिप्‍स के बाहर के पास रखें।
  • जितना हो सके घुटनों को एक दूसरे के ऊपर संरेखित करें।
  • उंगलियों को पकड़ें और उन्हें अपने ऊपरी घुटने पर रखें।
  • अपने शरीर को सीधा रखें और कंधों को आराम दें।
  • दूसरे पैर से इस आसन को दोहरा सकती हैं।

अगर आप खाना खाने के बाद वॉक करना चाहती हैं, तो खाने के 15 से 20 मिनट बाद करें। तब तक आपको डाइजेस्टिव सिस्‍टम तेज करने के लिए इन दो योगासनों का अभ्यास जरूर करें।

ऐसे और योगासनों के लिए जो आपको हेल्‍दी और फिट रहने में मदद करेंगे, हर जिंदगी से जुड़ी रहें।

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