भारत में होने वाली फसलें भी, हमारे लोग, संस्कृतियों, भाषाओं की तरह ही विविध है। हर राज्य का अपना एक पारंपरिक खाद्य पदार्थ है, जिसका एक अलग स्वाद और खासियत है। ऐसे खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए भी वरदान से कम नहीं। हालांकि इनमें से अधिकतर फसल की किस्म को भुला दिया गया था, मगर जीवन शैली को स्वस्थ बनाने के लिए एक बार इनका सहारा फिर लिया जाने लगा। मेडिसिन के पिता कहे जाने वाले हिपोक्रेट्स ने कहा था- 'अपने खाने को दवा बना लो और दवा को खाना'। अलग-अलग राज्यों के ये खाद्य पदार्थ दवा की तरह ही काम करते हैं, जिन्हें अगर आपने थोड़ी मात्रा में भी अपने आहार में शामिल किया तो आपकी सेहत में अच्छे बदलाव आ सकते हैं। देश के अलग-अलग राज्यों में छिपे इन खजानों के बारे में आप भी जानिए।

Matta चावल, केरला

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केरल, कर्नाटक, जैसी जगहों पर इस चावल का सेवन इडली, प्लेन राइस, अप्पम आदि बनाने में किया जाता है। केरल की ब्लैक कॉटन सॉयल में पैदावार होने की वजह से इसका फ्लेवर और टेस्ट आम चावल से काफी अलग होता है। इसमें फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन-ए और विटामिन-बी, कैल्शियम की उच्चा मात्रा होती है। मैग्नीशियम और कैल्शियम केंटेंट होने की वजह से यह इंसुलिन रेजिसटेंस होने से बचाता है और ऑप्टिमम ग्लूकोज़ को बढ़ाता है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए यह लाभदायक है।

गार्लिक रॉक सॉल्ट, हिमाचल प्रदेश

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इसमें अच्छी मात्रा में खनिज और पोषक तत्व होते हैं, जिनमें पोटेशियम, आयरन और कैल्शियम शामिल हैं। ये सभी खनिज हमारे शरीर की नैचुरल डिटॉक्सीफिकेशन में सहायता करते हैं और बैक्टीरिया को दूर करने में मदद करते हैं। हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह वाले रोगियों के लिए गार्लिक रॉक सॉल्ट एक बेहतर विकल्प है। यह पाचन शक्ति बढ़ाता है, मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है, और शुगर क्रेविंग्स भी रोकता है।

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Diana चावल, कर्नाटक

कर्नाटक राज्य में उगाया जाने वाला यह चावल पारबॉयल्ड होने के साथ तमाम पौष्टिक तत्व जैसे विटामिन्स, मिनरल्स से भरपूर होता है। इसमें हाई फाइबर कंटेंट होता है, जो इसे एक अलग टेक्स्चर देता है। साथ ही इसमें लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिस वजह से यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी उच्च है। अगर आप डाइटिंग कर रही हैं, तो उस लिहाज से भी आप इसका सेवन कर सकती हैं।

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जामुन पाउडर, झारखंड

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प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, मिनरल, विटामिन, फ्रक्टोज मिनरल्स और ढेर सारे एंटी-ऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर जामुन के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। जामुन कोलेस्ट्रॉल को कम करने और पाचन, त्वचा के स्वास्थ्य और आंखों की रोशनी में सुधार करने के अलावा, मधुमेह रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। झारखंड में आदिवासी किसानों की सहकारी समितियां जीवन यापन के लिए जामुन पाउडर बनाती है।

Lakadong हल्दी, मेघालय

turmeric meghalaya

कहते हैं मेघालय की यह हल्दी दुनिया की सबसे बेहतरीन हल्दी है और इसकी वजह है इससे होने वाले लाभ। इसके जड़ों और प्रकंदों को कूटकर पाउडर बनाया जाता है, जिसके बाद मेघालय के स्थानीय बाजारों में इसे बेचा जाता है। अन्य हल्दी के मुकाबले, इसमें Curcumin नामक एंटीऑक्सीडेंट लगभग 7 प्रतिशत ज्यादा पाया जाता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और विटामिन-सी गुणों से त्वचा में होने वाली जलन, खुजली आदि से छुटकारा मिलता है।

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