शहद को हेल्‍थ के लिए बहुत अच्‍छा माना जाता है। वजन कम करना हो या खांसी और गले में खराश, सभी समस्‍याओं को दूर करने के लिए ज्‍यादा लोग शहद का इस्‍तेमाल करते हैं। जी हां शहद मुख्य रूप से पानी, फ्रुक्टोज और ग्लूकोज से बना होता है। इसके अलावा इसमें एंजाइम, विटामिन बी और सी, अमीनो एसिड, मिनरल्‍स, एंटीऑक्सीडेंट आदि शामिल होते हैं। शहद में एंटीऑक्सीडेंट को फ्लेवोनोइड के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कई स्वास्थ्य लाभ देते हैं। इसके अलावा इस प्राकृतिक स्वीटनर में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं।

शहद एक बहुत लोकप्रिय कढ़ा में इस्तेमाल होने वाली मुख्य सामग्री में से एक थी, एक हर्बल काढ़ा जिसे लोग COVID-19 के उपचार के हिस्से के रूप में सेवन करते हैं। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि बहुत ज्‍यादा शहद खाने से हेल्‍थ से जुड़ी कई समस्‍याएं हो सकती हैं। यह एलर्जी, वजन बढ़ने और ब्‍लड शुगर लेवल के बढ़ने का कारण बन सकता है। आइए ज्‍यादा शहद खाने से होने वाली हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स के बारे में जानें।

वजन का बढ़ना

weight loss inside

शहद में कार्ब्स और चीनी अनजाने में आपके वजन को बढ़ा सकते हैं। शहद का अधिक सेवन आपके दैनिक कैलोरी सेवन को भी बढ़ा सकता है। एक चम्मच शहद में 64 कैलोरी होती हैं। यह कैलोरी में अपेक्षाकृत अधिक है। शहद एक अतिरिक्त चीनी है जिसे प्रोसेसिंग के दौरान अन्य खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में जोड़ा जाता है। इसके लगातार सेवन से वजन बढ़ने का खतरा ज्‍यादा होता है।

इसे जरूर पढ़ें:रेगुलर या raw कौन सा शहद है आपके लिए बेहतर, जानें

ब्लड शुगर का बढ़ना

माना जाता है कि शहद एक हेल्‍दी चीनी का विकल्प है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह चीनी से रहित है। इस प्राकृतिक स्वीटनर में कार्ब्स भी होते हैं। यह आपके ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए। शहद के लंबे समय तक सेवन से ब्‍लड में हीमोग्लोबिन एवनसी का लेवल बढ़ सकता है। हीमोग्लोबिन एवनसी के हाई लेवल का मतलब डायबिटीज का अधिक जोखिम हो सकता है। अपनी डाइट में इसे शामिल करने से पहले अपने एक्‍सपर्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

ब्‍लड प्रेशर का बढ़ना

blood pressure inside

यह बात तो सभी जानते हैं कि शहद में एंटीऑक्सीडेंट ब्‍लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि इसका बहुत अधिक सेवन हाइपोटेंशन के खतरे को बढ़ा सकता है।

ब्लीडिंग का करण

शहद ब्‍लड के जमने पर एक निरोधात्मक प्रभाव देता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है लेकिन यह एक संभावना है कि यह ब्‍लीडिंग का कारण बन सकता है। अगर आपको ब्लीडिंग से जुड़ी समस्‍याएं हैं, तो शहद लेने से पहले अपने डॉक्‍टर से बात जरूर कर लें।

ओरल हेल्‍थ के लिए बुरा

tooth decay inside

शहद के अधिक सेवन का मतलब है कि चीनी का अधिक सेवन, जिसे हम जानते हैं कि यह हमारे मौखिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। शहद चिपचिपा होता है यह आपके दांतों से चिपक जाता है। अगर लंबे समय तक शहद का सेवन करने के बाद अच्छी तरह से कुल्ला नहीं किया जाता है, तो इससे लंबे समय तक दांत खराब हो सकते हैं।

इसे जरूर पढ़ें:सिर्फ 1 चम्‍मच शहद इन 20 बीमारियों को करता है दूर

Recommended Video

पेट में दर्द

शहद में फ्रुक्टोज पाया जाता है, जो छोटी आंतों के पोषक तत्व को अवशोषित करने की क्षमता को बाधित कर सकता है। इस तरह से शहद के अधिक सेवन से पेट दर्द की समस्या भी हो सकती है।

एलर्जी

जिन महिलाओं को पराग के कणों से एलर्जी होती है उन्‍हें शहद के ज्‍यादा सेवन से बचना चाहिए। साथ ही भोजन में शहद के ज्‍यादा होने से एलर्जी बढ़ सकती हैं। शहद से एनाफिलेक्सिस नामक एलर्जिक रिएक्शन भी हो सकता है।

इन सभी साइड इफेक्‍ट्स को जानने के बाद आपको शहद के बहुत ज्‍यादा सेवन से बचना चाहिए। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

Image credit: Freepik.com