वेट लॉस करने के लिए लोग कई तरह-तरह की डाइट को फॉलो करना पसंद करते हैं। इन डाइट की खास बात यह होती है कि यह आपको कम समय में अच्छे रिजल्ट दिखाता है। जिसके कारण जो लोग इंटेंस वर्कआउट नहीं कर सकते हैं, वह वेट लॉस के लिए इन फैन्सी डाइट को फॉलो करना पसंद करते हैं। इन्हीं डाइट में से एक है जीएम डाइट। यह एक बेहद ही पॉपुलर डाइट है और ऐसा माना जाता है कि इस डाइट को फॉलो करने से महज सात दिन के अंदर ही दो किलो से लेकर सात किलो तक बेहद आसानी से वेट लॉस किया जा सकता है। 

शायद यही कारण है कि ओवरवेट लोग इस डाइट को फॉलो करना चाहते हैं। लेकिन वो कहते हैं ना कि बिना सोचे-समझे या दूसरों की देखा-देखी किसी चीज को आंख मूंदकर फॉलो नहीं करना चाहिए। ऐसा ही कुछ जीएम डाइट के साथ भी है। अगर आप बिना एक्सपर्ट से कंसल्ट किए इस डाइट को फॉलो करते हैं, तो आपको कुछ नेगेटिव इफेक्ट्स का भी सामना करना पड़ सकता है। तो चलिए आज इस लेख में सेंट्रल गवर्नमेंट हॉस्पिटल के ईएसआईसी अस्पताल की डायटीशियन रितु पुरी आपको जीएम डाइट से होने वाले कुछ साइड इफेक्ट्स के बारे में बता रही हैं, जिन्हें आपको अवश्य जान लेना चाहिए-

जीएम डाइट क्या है? 

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जीएम डाइट के फायदे या नुकसान के बारे में बात करने से पहले आपको यह भी पता होना चाहिए कि जीएम डाइट क्या है? यह वास्तव में एक सात दिन की डाइट है, जिसमें हर दिन आप अलग-अलग तरह के फूड्स को अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं और इस तरह एक सिस्टमेटिक तरीके से वजन कम किया जाता है। यह एक लो कैलोरी डाइट है। इस डाइट में फल व सब्जियों को अधिक से अधिक मात्रा में रखा जाता है, जिसके कारण यह डाइट फाइबर व पोटेशियम रिच होती है। साथ ही इसमें नेगेटिव कैलोरी फूड्स को भी खाया जाता है। यह डाइट बॉडी में वाटर वेट को कम करने में मदद करती है।

जीएम डाइट कैसे काम करती है?

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इसमें सप्ताह के सातों दिन अलग तरह के फूड्स को शामिल किया जाता है-

  • पहला दिन- डाइट के शुरुआती दिन केवल फलों को ही शामिल किया जाता है। आप इस दिन केले से लेकर तरबूज तक अपनी पसंद का कोई भी फल खा सकते हैं।
  • दूसरा दिन- डाइट के दूसरे दिन सब्जियों को डाइट का हिस्सा बनाया जाता है। आप इसे कुक्ड या बिना पकाए ही खा सकते हैं। लेकिन इस दौरान ऑयल या नमक का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।
  • तीसरा दिन- तीसरे दिन मिक्स्ड डाइट ली जाती है। इसमें आप फल व सब्जियां दोनों खा सकते हैं। आलू को कार्ब्स का रिच सोर्स माना गया है, लेकिन इन दिन आलू भी खाया जा सकता है।
  • चौथा दिन- वहीं चौथे दिन अपनी डाइट में प्रोटीन को एड किया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से दूध और केले का सेवन किया जाता है। आप दूध को दही, पनीर किसी भी रूप में ले सकते हैं।
  • पांचवां दिन- इस दिन आप टमाटर के साथ-साथ प्रोटीन के अन्य स्रोत व ब्राउन राइस आदि ले सकते हैं। साथ ही आप दलिया भी ले सकते हैं।
  • छठा दिन- इन दिन भी आप राइस, रोटी, दलिया, पनीर, दही व दूध ले सकते हैं। वहीं इस दिन आप चिकन व फिश भी ले सकते हैं। लेकिन इस दिन आलू व शकरकंदी नहीं लेनी चाहिए।
  • सातवां दिन- इन दिन आप हर चीज को बराबर-बराबर मात्रा में लें। आप इसमें फ्रूट्स से लेकर जूसेस, सब्जियां, रोटी व अन्य आदि ले सकते हैं।

कोई कैलोरी काउंट नहीं

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इस डाइट का एक सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसका कोई कैलोरी काउंट नहीं है। हर व्यक्ति की बॉडी की अपनी एक कैलोरी की जरूरत होती है और अगर एकदम से कैलोरी काउंट को बेहद कम किया जाता है और जी एम डाइट के बाद जब आप अपनी रेग्युलर डाइट पर लौटते हैं और पर्याप्त कैलोरी लेते है। तो ऐसे में बहुत से लोगों का वजन बढ़ने लगता है। इतना ही नहीं, कई लोगों का वजन तेजी से बाउंस बैक होता है।

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पोषक तत्वों की कमी

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यह डाइट यकीनन पोटेशियम रिच है। इतना ही नहीं, तीसरे दिन के बाद डाइट में प्रोटीन को भी शामिल किया जाता है। लेकिन इसके अलावा इसमें कई तरह के पोषक तत्व नहीं होते हैं। मसलन, इस डाइट को लेने से विटामिन बी12, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम जैसे कई तरह के पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। जब एक डाइट में सभी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में ना हो तो इससे बॉडी में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।

मेटाबॉलिज्म को स्लो करना

जीएम डाइट को मेटाबॉलिज्म बूस्ट अप करने के लिए जाना जाता है। लेकिन वास्तव में यह लॉन्ग टर्म में आपके मेटाबॉलिज्म को स्लो करता है। दरअसल, जब आप एक बार एकदम से कैलोरी कम करते हैं और फिर वापिस अपने कैलोरी काउंट पर लौटते हैं तो इससे आपके मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ता है। 

फैट लॉस नहीं

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सुनने में शायद आपको अजीब लगे, लेकिन जीएम डाइट वेट लॉस नहीं करती है, बल्कि यह बॉडी के वाटर वेट और मसल्स लॉस करती है, जिससे आपको लगता है कि आपका वजन कम हो रहा है। दरअसल, शुरूआती दिनों में आप प्रोटीन नहीं लेते हैं, जिससे मसल्स लॉस होना शुरू हो जाता है। साथ ही आप शुरू के तीन दिन वाटर वेट कम करते हैं, जिससे वजन तेजी से गिरता है। लेकिन आप फैट लॉस नहीं करते हैं, जो वास्तव में होना चाहिए।

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सेहत के लिए हानिकारक

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यह डाइट प्रॉपर तरीके से फॉलो करना बिल्कुल भी आसान नहीं है। इस दौरान आप कई विटामिन्स व मिनरल्स नहीं लेते हैं, जिससे ब्लोटिंग, कमजोर फील करना, पेट में दर्द होना व सिरदर्द होना आदि कई समस्याओं का सामना आपको करना पड़ सकता है।

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